NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कन्हैया व अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब
अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि उसने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बगैर आरोप-पत्र क्यों दाखिल किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Jan 2019
kanhiya kumar
Image Courtesy: News18 इंडिया

नई दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्रनेता कन्हैया कुमार और नौ अन्य के खिलाफ राजद्रोह के मामले में दिल्ली के पटियाल हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट को बिना उचित अनुमति के दाखिल करने पर फटकार लगाई है।

अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि उसने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बगैर आरोप-पत्र क्यों दाखिल किया। मुख्य महानगर दंडाधिकारी दीपक शेरावत ने दिल्ली पुलिस से पूछा, "आपने अनुमति के बगैर आरोप-पत्र क्यों दाखिल किया? आपके पास कोई विधिक विभाग नहीं है।"

पुलिस ने अदालत को आश्वस्त किया कि वह 10 दिनों के भीतर जरूरी मंजूरी प्राप्त करेगी।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह फरवरी की तिथि तय की है।

दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में 14 जनवरी को आरोप-पत्र दाखिल किया था जिसमें जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और सात अन्य कश्मीरी छात्रों को आरोपी बनाया गया है।

आरोप-पत्र में राजद्रोह, जानबूझ कर चोट पहुंचाने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज को सही बताकर इस्तेमाल करने, अवैध जुटान के लिए दंड, समान उद्देश्य के साथ अवैध जुटान, बलवा और आपराधिक साजिश से जुड़ी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

यह मामला संसद हमले के आरोपी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में जेएनयू परिसर में 9 फरवरी, 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। 

कन्हैया कुमार और खालिद दोनों ने आरोप-पत्र दाखिल किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह राजनीति से प्रेरित है और नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली भाजपा सरकार की मुद्दे से भटकाने वाली चाल है। 

(इनपुट आईएएनएस)

JNU
JNU Sedition case
Kanhaiya Kumar
Umar khalid
Anirban Bhattacharya
delhi police
patiyala house court

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जहांगीरपुरी : दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए अदालत ने!

अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनाव: कांग्रेस ने इन महिलाओं को दिया है टिकट, जानिए क्यों अलग है इनके संघर्ष की कहानी
    13 Jan 2022
    प्रियंका गांधी ने डिजिटल संवाददाता सम्मेलन के माध्यम अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है जिसमें विशेष रूप से 50 महिला उम्मीदवारों के नामों का उल्लेख किया गया है।
  • health
    सुहित के सेन
    पश्चिम बंगाल : तीसरी लहर के बीच राजनीति की वजह से नज़रअंदाज़ हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था
    13 Jan 2022
    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक तरफ़ नाइट कर्फ़्यू लगाती हैं, मगर साथ ही गंगा सागर मेला को भी अनुमति दे देती हैं; ऐसे में कोविड से बचने के लिए उचित प्रबंधन होते नहीं दिख रहे हैं।
  • Guantanamo Bay
    ओलिवर सल्लेट
    ग्वांतानामो की विवादित जेल को हुए 20 साल
    13 Jan 2022
    क्यूबा में इस कुख्यात बंदी शिविर को 20 साल हो गए हैं। पिछले कई वर्षों से इसे बंद किये जाने की कई योजनाओं को ख़ारिज किया जाता रहा है। बंदियों के जीवन में पिछले दो दशकों में शायद ही कुछ बदलाव देखने को…
  • Berang goodrick
    संदीपन तालुकदार
    असम : बड़े-बड़े चाय बागानों वाले “बेहाली” में ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी
    13 Jan 2022
    बेहाली के पास ज़िला अस्पताल की सुविधा तक नहीं है। बेहाली असम के कमज़ोर स्वास्थ्य तंत्र की गवाही देता है। यहां की कमज़ोर स्वास्थ्य सुविधाओं, खासतौर पर कोविड महामारी के दौर में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य…
  • CEL
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सरकार ने CEL को बेचने की कोशिशों पर लगाया ब्रेक, लेकिन कर्मचारियों का संघर्ष जारी
    13 Jan 2022
    यूनियन ने अपना प्रदर्शन जारी रखते हुए कहा है ‘जब तक कंपनी के विनिवेश का निर्णय "वापस नहीं ले लिया जाता है, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।’ 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License