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कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई, अधिकांश नदियां उफान पर
कर्नाटक सरकार ने राज्य में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से 6000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। राज्य में बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Aug 2019
heavy rain
Image courtesy: The Weather Channel

बेंगलुरु: कर्नाटक में बारिश से राहत ना मिलने के कारण शनिवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई। राज्य में ज्यादातर नदियां उफान पर हैं। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने राज्य के लोगों से चिंता ना करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता राहत कदम उठाना हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र स्थिति की निगरानी कर रहा है। येदियुरप्पा ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘राहत एवं पुनर्वास के काम हमारी शीर्ष प्राथमिकता हैं। किसानों और लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।’

राज्य में अभी तक बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो चुकी है।    मुख्यमंत्री ने बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में मारे गए लोगों के परिवारों में से प्रत्येक को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की शुक्रवार को घोषणा की। वित्त विभाग ने तत्काल राहत के तौर पर 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए बाढ़ और बारिश से प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगी।  बेलागवी के अलावा बागलकोट, विजयपुरा, रायचुर, यादगीर, गडग, उत्तर कन्नड़, हावेरी, हुबली-धारवाड़, दक्षिण कन्नड़, चिकमंगलुरु और कोडागु बाढ़ तथा बारिश से प्रभावित जिले हैं।

दावणगेरे जिले के तुंगभद्र में बाढ़ के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सक्लेश्पुर में मरानाहल्ली के समीप भूस्खलन हुआ। धर्मस्थल और मंगलुरु की ओर जा रहे वाहनों को भूस्खलन की आशंका के चलते सक्लेश्पुर मोड़ दिया गया।

सूत्रों ने बताया कि दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रवती नदी के उफान पर होने के कारण पूरा पाणे मंगलुरू गांव जलमग्न हो गया। खबरों के अनुसार, जिले में बंटवाल में कई मकान डूब गए जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री जर्नादन पुजारी का मकान भी शामिल है। हालांकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री और उनके परिवार के सदस्यों को बचा लिया गया।

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में चार हेलीकॉप्टरों को काम में लगाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि असैन्य रक्षा स्वयंसेवकों ने तीन नौकाओं में पिछले छह घंटे में 36 फेरे लगाए और 270 लोगों तथा 43 मवेशियों को बचाया।

6000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान

कर्नाटक सरकार ने राज्य में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से 6000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। राज्य में बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि यह 45 वर्षों में ‘सबसे बड़ी आपदा’ है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने केंद्र से राहत के तौर पर 3000 करोड़ रुपये मांगे हैं।

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘हम बारिश में तबाह हुए मकानों के पुन: निर्माण की योजना बना रहे हैं। कुछ गांवों को तो पूरी तरह से पुनर्निर्माण की जरूरत होगी।’ उन्होंने कहा, ‘अभी तक बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में 24 लोगों की मौत हो चुकी है।’

कोच्चि हवाई अड्डे पर रविवार से शुरू हो जाएगा विमान परिचालन

केरल के कोच्चि में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान परिचालन रविवार दोपहर 12 बजे से बहाल हो जाएगा। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लिमिटिड के प्रवक्ता ने यहां शनिवार को पत्रकारों को बताया, ‘हवाई अड्डा तैयार है। उड़ानों का परिचालन कल दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाएगा। यह समय सीमा से पहले ही तैयार हो गया है।’

इससे पहले, अधिकारी ने बताया था कि हवाई अड्डे के एप्रॉन क्षेत्र (वो क्षेत्र जहां विमान खड़े किए जाते हैं, उनमें ईंधन भरा जाता है और उनमें सामान रखा जाता है) से पानी कम होना शुरू हो गया है और साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि विमानों को निकालने का अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। हवाई अड्डे पर फंसे आठ में से छह विमान रवाना हो गए हैं जबकि दो अन्य विमान कल परिचालन शुरू होने के बाद नियत कार्यक्रम के तहत अपने गंतव्य स्थल के लिए रवाना होंगे।

कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर शुक्रवार को बाढ़ की वजह से पानी भर गया था जिसके बाद रविवार तक उड़ानों का परिचालन बंद कर दिया गया था।

केरल में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है जिसमें 42 लोगों की मौत हो गई है। इसने पिछले साल अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ की यादों को ताज़ा कर दिया है। वहीं, एक लाख से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में पनाह ली है।

अधिकारियों ने सुबह सात बजे मिली रिपोर्ट के हवाले से बताया कि आठ अगस्त से अभी तक बारिश संबंधी घटनाओं में कोझिकोड और मलप्पुरम में जिले में 20 और वायनाड में नौ लोगों की जान गई है।

उन्होंने बताया कि राज्य के 988 राहत शिविरों में 1,07,699 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया। वायनाड से सबसे अधिक 24,990 लोगों ने इन शिविरों में पनाह ली है।

राहुल गांधी जाएंगे वायनाड   

कांग्रेस नेता राहुल गांधी केरल में बाढ़ की स्थिति और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लेने के लिए रविवार को दो दिनों के दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड जाएंगे।

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं कल दो दिनों के लिए वायनाड जा रहा हूं।’

दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने केरल में मौजूद या वहां जाने के इच्छुक अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी करके उन्हें भारी बारिश के मद्देनजर अत्यंत सावधानी बरतने को कहा है।

यूएई की आधिकारिक संवाद समिति ‘वाम’ ने कहा, ‘केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित वाणिज्यदूतावास ने एक अन्य परामर्श में केरल जा रहे यूएई के नागरिकों से अपील की है कि वे दूतावास में पंजीकरण कराएं ताकि वह उन पर नजर रख सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।’

महाराष्ट्र बाढ़: कोल्हापुर और सांगली में घट रहा है बाढ़ का पानी

पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिलों में शनिवार को बाढ़ से थोड़ी राहत मिलने के संकेत दिखे और जलमग्न इलाकों से पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है।  अधिकारियों ने बताया कि जिलों से पानी पूरी तरह हटने में दो से तीन दिन का समय लगेगा।

बहरहाल, पूरी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है और बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तथा वहां फंसे हुए लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने का काम अब भी जारी है।

कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव देशमुख ने बताया, ‘पूरी स्थिति में थोड़ा सुधार है। पानी का स्तर धीरे-धीरे घट रहा है...। कोल्हापुर में इस वक्त जलस्तर 52 फुट है जबकि खतरे का निशान 47 फुट है। मौजूदा बाढ़ की स्थिति के दौरान जलस्तर सबसे अधिक 57 फुट था।’

अधिकारियों ने बताया कि जिले में बारिश थम गयी है और स्थिति में अब सुधार होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि पास के सांगली जिले में भी जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। सुबह छह बजे तक वहां जलस्तर 56.7 फुट था।

इस बीच बृहस्पतिवार को सांगली जिले की पालुस तहसील में ब्रह्मानल गांव के पास बाढ़ राहत अभियान के दौरान नौका पलटने की घटना में तीन और शव मिले हैं।

रक्षा विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार कोल्हापुर एवं सांगली जिलों में नौसेना के 110 कर्मियों के साथ 26 टीमें और 26 नौकाएं राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं और वे तब तक वहीं बने रहेंगे, जब तक बाढ़ की स्थिति में सुधार नहीं होता ।

शरद पवार ने पीएम मोदी से बात की

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार की शाम कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि कर्नाटक अलमाटी बांध से पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़े जिससे पश्चिमी महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित जिलों में जलस्तर कम हो सके।

वहीं, महाराष्ट्र में कांग्रेस के सांसद और विधायक राज्य में बाढ़ राहत कार्यों के लिए एक महीने का अपना वेतन दान में देंगे। पार्टी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने सांगली, कोल्हापुर और सतारा के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के बाद यह घोषणा की। उनके साथ विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वाडेतिवर और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विश्वजीत कदम भी मौजूद थे।

ओडिशा में रविवार से हो सकती है बारिश

ओडिशा में कुछ समय तक बारिश रुकने के बाद रविवार से राज्य में फिर से वर्षा होने की संभावना है। यहां मौसम विज्ञान विभाग केंद्र के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सोमवार तक फिर से निम्न दबाव वाला क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तीव्रता की बारिश हो सकती है।

ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर गहरा दबाव बनने से राज्य के दक्षिण एवं पश्चिम हिस्से में करीब नौ जिलों तथा उसके आस पास के क्षेत्र में कई इलाकों में हाल में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी थी।

एक अधिकारी ने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण कालाहांडी, कंधमाल, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और इन नौ जिलों में 1,035 गांवों में रहने वाले 1.77 लाख लोग प्रभावित हुए थे। जलमग्न इलाकों से पानी घटने से इन जिलों में धीरे-धीरे हालात सामान्य हुए।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ

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