NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
कठुआ बलात्कार मामला:  जम्मू-कश्मीर सरकार और दोषियों को अदालत ने जारी किया नोटिस  
लड़की के पिता की तरफ से 10 जुलाई को दायर एक याचिका में दोषियों को दी गई सजा को बढ़ाकर मृत्युदंड और आजीवन कारावास करने की मांग के साथ ही एक आरोपी को बरी किये जाने को भी चुनौती दी गई है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Jul 2019
कठुआ बलात्कार मामला

 पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने कठुआ में आठ साल की खानाबदोश बच्ची से सामूहिक बलात्कार  मामले में गुरुवार को बच्ची के पिता की याचिका पर जम्मू कश्मीर सरकार और छह दोषियों को नोटिस जारी किया है। बच्ची के पिता ने अपनी याचिका में सजा में इजाफा किये जाने की मांग की है। 
अदालत ने उस आरोपी को भी नोटिस जारी किया है जिसे निचली अदालत ने मामले में बरी कर दिया था। 
लड़की के पिता की तरफ से 10 जुलाई को दायर एक याचिका में दोषियों को दी गई सजा को बढ़ाकर मृत्युदंड और आजीवन कारावास करने की मांग के साथ ही एक आरोपी को बरी किये जाने को भी चुनौती दी गई है। 


याचिकाकर्ता के वकील उत्सव बेंस ने कहा, “अदालत ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर सरकार और मामले के सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है।”
वकील ने कहा कि न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और हरिंदर सिंह सिद्धू की खंडपीठ ने मामले में अगली सुनवाई सात अगस्त को तय की है। 
पिछले महीने पठानकोट की एक अदालत ने सांजी राम, दीपक खजूरिया और प्रवेश कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा मामले में दोषी करार दिये गए तीन अन्य लोगों को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है। 
अदालत ने इस मामले में सांजी राम के बेटे विशाल जंगोत्रा को बरी कर दिया था।

 

कब क्या हुआ : पूरा घटनाक्रम

देश को झकझोर कर रख देने वाले इस मामले से जुड़ा घटनाक्रम इस प्रकार है-

10 जनवरी, 2018 : जम्मू कश्मीर में कठुआ जिले के रसाना गांव में बकरवाल जनजाति की आठ साल की बच्ची मवेशी चराते समय लापता हो गयी ।

12 जनवरी, 2018 : बच्ची के पिता की शिकायत पर हीरानगर पुलिस थाना में एक मामला दर्ज किया गया ।

17 जनवरी, 2018 : बच्ची का शव बरामद । पोस्टमॉर्टम में बच्ची से सामूहिक बलात्कार और हत्या की पुष्टि हुई ।

22 जनवरी, 2018 : मामला जम्मू कश्मीर अपराध शाखा को सौंपा गया।

16 फरवरी, 2018 : दक्षिणपंथी समूह ‘हिंदू एकता मंच’ ने एक आरोपी के समर्थन में प्रदर्शन किया।

एक मार्च, 2018 : बच्ची के अपहरण और बलात्कार की घटना के संबंध में ‘देवीस्थान’ (मंदिर) के प्रभारी के भतीजे की गिरफ्तारी के बाद राज्य में सत्तारूढ़ पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार में दो मंत्री भाजपा के चंद्र प्रकाश गंगा और लाल सिंह ‘’हिंदू एकता मंच’ द्वारा आयोजित रैली में शामिल हुए ।

नौ अप्रैल, 2018 : पुलिस ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ कठुआ अदालत में आरोपपत्र दायर किया ।

10 अप्रैल, 2018 : आठवें आरोपी के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया गया जिसने नाबालिग होने का दावा किया था । पुलिस ने अपराध शाखा के अधिकारियों को नौ अप्रैल को आरोपपत्र दायर करने से रोकने की कोशिश करने और प्रदर्शन करने के आरोप में वकीलों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की ।

14 अप्रैल, 2018 : हिंदू एकता मंच की रैली में शरीक हुए भाजपा के मंत्रियों ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया । संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इस अपराध को ‘‘खौफनाक’’ बताया और प्रशासन से शीघ्र न्याय के लिए कहा ।

16 अप्रैल, 2018 : कठुआ में प्रधान सत्र अदालत के जज के समक्ष सुनवाई शुरू हुई । सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष कहा ।

सात मई, 2018 : उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई के लिये मामला कठुआ से पंजाब के पठानकोट स्थानांतरित किया । शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई शीघ्रता से करने का निर्देश दिया । साथ ही यह भी कहा कि सुनवाई मीडिया से दूर, बंद कमरे में हो ।
तीन जून, 2019: सुनवाई पूरी हुई ।
दस जून, 2019: को दोषियों  को सजा सुनाई गई। 
दस जुलाई, 2019: पीड़िता के पिता ने एक याचिका दायर  की जिसमे में दोषियों की  सजा में इजाफ  की मांग की गई  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ )
 

Kathua
Kathua rape case
Jammu and Kashmir

Related Stories

हालिया गठित स्पेशल टास्क फ़ोर्स द्वारा संदिग्ध ‘राष्ट्र-विरोधी’ कर्मचारियों को एकांगी तौर पर निष्काषित करना क्यों समस्याग्रस्त है

हाथरस, कठुआ, खैरलांजी, कुनन पोशपोरा और...

धारा 370, अर्थव्यस्था या उन्नाव रेप केस, सवाल क्यों न करें 

23 साल जेल में बिताने के बाद निर्दोष साबित : क्या न्याय हुआ?

कठुआ की मासूम को इंसाफ, तीन दोषियों को उम्र कैद, तीन पुलिसवालों को 5 साल की सज़ा

जम्मू-कश्मीर: नागरिक की हत्या के बाद कर्फ्यू लागू, सेना बुलाई गई 


बाकी खबरें

  •  AFSPA
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या AFSPA को आंशिक तौर पर हटाना होगा पर्याप्त ?
    17 Apr 2022
    31 मार्च को, भारत सरकार की, पत्र सूचना कार्यालय ने गृह मंत्रालय का एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया। सरकार ने ऐलान किया -- मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने एक महत्वपूर्ण कदम लिया है -- दशकों बाद नागालैंड,…
  • सत्यम् तिवारी
    जहांगीरपुरी हिंसा में अभी तक एकतरफ़ा कार्रवाई: 14 लोग गिरफ़्तार
    17 Apr 2022
    उत्तरी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाक़े में 16 अप्रैल की शाम बजरंग दल के हनुमान जयंती जुलूस के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा में पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें सब मुस्लिम समुदाय के हैं।
  • इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा -  क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं
    बादल सरोज
    इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं
    17 Apr 2022
    बिना कोई देर या हीलाहवाला किए उन्हें भारत उसके संविधान और लोकतंत्र पर झपट रही भेड़ियों की इस फ़ौज से लड़ना होगा।
  • DELHI VOILENCE
    सत्यम् तिवारी
    मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक
    17 Apr 2022
    जंतर मंतर पर जब सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को हटाने लगे तो भाईचारे और एकता का सबूत देते हुए रोज़ेदारों के साथ मिल कर प्रदर्शनकारियों ने इफ्तारी भी की और नारे लगाते हुए हिन्दू राष्ट्र, मुस्लिम विरोधी…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो
    17 Apr 2022
    “धर्म से आदम नहीं है, आदमी से धर्म है/ गुल का ख़ुशबू से नहीं, गुल से है ख़ुशबू का वजूद” ये शेर है ओम प्रकाश नदीम का, लेकिन इत्ती सी बात आज भी हमें समझ नहीं आ रही है। तभी वे कहते हैं कि सर जोड़ के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License