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भारत
राजनीति
केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 
थ्रीक्काकर सीट से जीते यूडीएफ़ के विधायक के निधन के बाद हो रहा उप-चुनाव, 2021 में एलडीएफ़ की लगातार दूसरी बार ऐतिहासिक जीत के बाद, पहली बड़ी राजनीतिक टक्कर के रूप में महत्वपूर्ण हो गया है।
अभिवाद
28 May 2022
Translated by महेश कुमार
kerala

कोच्चि: केरल की व्यावसायिक राजधानी कोच्चि के बीचों-बीच स्थित थ्रीक्काकारा विधानसभा क्षेत्र अब अपने चुनावी इतिहास में सबसे ज़बरदस्त राजनीतिक मुकाबले की गर्मी महसूस कर रहा है। इस सीट पर 31 मई को मतदान होगा, इस विधानसभा क्षेत्र में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), सीपीआई (एम) और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूएफ) बड़े ज़ोर-शोर से चुनावी अभियान चला रहे हैं। 

अपने 'किले' की रक्षा करने के लिए, यूडीएफ ने उमा थॉमस को मैदान में उतारा है, जो दिवंगत पीटी थॉमस की विधवा हैं – एक ऐसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जिन्होंने 2016 से दिसंबर 2021 तक यानि अपनी मृत्यु के समय तक थ्रीक्काकारा विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया था। एलडीएफ ने यहाँ से डॉ जो जोसेफ को उम्मीदवार बनाया है जो लिस्सी अस्पताल, एर्नाकुलम में एक जाने-माने कार्डियक सर्जन हैं, उनके मैदान में उतरने से मुक़ाबला रोचक हो गया है।

एलडीएफ ने अपने अभियान का मुख्य मुद्दा राज्य के 'विकास' को बनाया है, जबकि यूडीएफ मतदाताओं की पीटी थॉमस के प्रति वफादारी और भावनाओं पर आशा लगाए हुए है। विधायक के निधन के बाद होने वाले इस उप-चुनाव ने 2021 में एलडीएफ की ऐतिहासिक जीत के बाद पहली बार किसी रोचक राजनीतिक मुक़ाबले के हालात पैदा किए हैं। मौजूदा सरकार की विशाल  जीत के बाद, इसकी सीटों में इजाफ़ा हुआ था और 2016 में 91 सीटों से बढ़ाकर 2021 में 99 सीट हो गई थी, इसलिए कांग्रेस नेता त्रिक्काकारा में जीत को यूडीएफ की 'राजनीतिक जरूरत' के रूप में देख रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं के साथ यूडीएफ उम्मीदवार उमा थॉमस

एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, केपीसीसी अध्यक्ष के सुधाकरण, विपक्ष के नेता वीडी सतीसन, ओमन चांडी, रमेश चेन्नीथला और अन्य लोगों सहित कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अपनी करो या मरो की लड़ाई के अभियान का नेतृत्व करने के लिए कोच्चि में डेरा डाले हुए हैं। विपक्षी गठबंधन के अभियान का फोकस, सरकार के खिलाफ उठे विवाद और आरोप लगाना शामिल हैं। सरकार द्वारा प्रस्तावित सेमी-हाई स्पीड रेल परियोजना यानि के-रेल के खिलाफ यूडीएफ का तीव्र अभियान अब तक का मुख्य आकर्षण रहा है।

अपने दिवंगत पति के उत्तराधिकारी के तौर पर उमा थॉमस की उम्मीदवारी पार्टी के लिए एक स्वाभाविक पसंद थी, जिससे उन्हे नेतृत्व के बीच बढ़ते असंतोष को दूर करने की उम्मीद भी थी।  लेकिन यूडीएफ के लिए निराशा की बात यह है कि कॉंग्रेस नेता  केवी थॉमस, पूर्व केंद्रीय मंत्री और एआईसीसी सदस्य सहित कई नेताओं ने राज्य सरकार के 'विकास के एजेंडे' का समर्थन किया है और निर्वाचन क्षेत्र में एलडीएफ के पक्ष में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं। एलडीएफ के चुनाव प्रचार में बोलते हुए, थॉमस ने राज्य में के-रेल और अन्य बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया, प्रगति के लिए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दृष्टिकोण का समर्थन किया है।

यूडीएफ ने, फिल्म अभिनेत्री पर हुए हमले को राज्य सरकार के खिलाफ इस्तेमाल करने की कोशिश की थी। लेकिन अभिनेत्री ने जब गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की तो उसके बाद उन्होने यूडीएफ के आरोपों को ख़ारिज़ कर दिया था। अभिनेत्री ने कहा कि उसे राज्य सरकार पर भरोसा है और कहा कि सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सरकार इस मामले में उनके साथ है।

चुनाव में डॉ जो जोसेफ के मैदान में अचानक उतरने से एलडीएफ की जीत की उम्मीदें बढ़ गई है, और आशा कर रहे हैं वे स्विंगर वोटों को लुभा पाएंगे। शहरी निर्वाचन क्षेत्र में एक जाने-माने पेशेवर को मैदान में उतारकर, एलडीएफ युवा पेशेवरों और आईटी कर्मचारियों के अलावा यूडीएफ के पारंपरिक मतदाताओं के एक वर्ग को अपनी तरफ आकर्षित करने की उम्मीद कर रहा है, जो मतदाताओं के बीच एक महत्वपूर्ण हिस्से का गठन करते हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, सब्सिडी वाली आवश्यक वस्तुएं, कल्याण पेंशन और बेघरों के लिए जीवन आवास योजना सहित आम लोगों के लिए बुनियादी आश्वासनों को पूरा करना ही पहली पिनाराई विजयन सरकार (2016-2021) की पहचान रही है जिसने ऐतिहासिक दूसरे कार्यकाल की  जीत को संभव बनाया था।  

इन कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने के साथ-साथ अपने दूसरे कार्यकाल में एलडीएफ का लक्ष्य बड़े बुनियादी ढांचे के विकास का भी है। 'नव केरलम' (नया केरल) के लिए ऐसे वादे - के-रेल, के-फोन, वाटर मेट्रो और कोच्चि मेट्रो के विस्तार जैसी परियोजनाएं- थ्रीक्काकारा की मुख्यधारा के अभियान में हैं। एलडीएफ और उनके उम्मीदवार सकारात्मक इरादे के साथ अभियान में शामिल हो रहे हैं।

डॉ जो जोसेफ अभियान के दौरान फोटो लेते हुए

हालांकि उप-चुनाव परिणाम वामपंथियों के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं, लेकिन माकपा के नेतृत्व वाला गठबंधन थ्रीक्काकारा में अपनी पूरी मशीनरी को व्यवस्थित ढंग से लगाए हुए है। केंद्रीय समिति के सदस्यों से लेकर पार्टी के प्रत्येक सदस्य और संबद्ध वर्ग-जन संगठनों को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यहां तक कि डोर-टू-डोर दस्ते में वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद और विधायक भी शामिल हैं। डॉ जोसेफ के अभियान में वरिष्ठ नेता, कलाकार, लेखक और अन्य सार्वजनिक हस्तियां उनके साथ शामिल हो रही हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, केरल में विकास की छलांग और सांप्रदायिकता के खिलाफ सख्त प्रतिरोध पर बोलते हुए, निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक सभाओं में भाग ले रहे हैं।

थ्रीक्काकारा विधानसभा क्षेत्र में थ्रीक्काकारा नगर पालिका और कोच्चि नगर निगम के 22 वार्ड शामिल हैं। मंगलवार को मतदान करने वाले कुल 1,94,690 मतदाता हैं – जिनमें 1,00,375 महिला मतदाता और 94,314 पुरुष मतदाता हैं और एक ट्रांसजेंडर मतदाता है। बूथों की कुल संख्या 239 है।

2021 में यूडीएफ के पीटी थॉमस ने 14,329 के अंतर से इस सीट पर जीत हासिल की थी। थॉमस को 59,839 वोट मिले, जबकि डॉ जे जैकब को 45,510 वोट मिले थे। भाजपा उम्मीदवार को 15,483 वोट मिले थे, और एर्नाकुलम जिले की एक क्षेत्रीय पार्टी ट्वेंटी-20 ने 2021 में 13,897 वोट हासिल किए थे। ट्वेंटी -20, जिसने हाल ही में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन किया है, उपचुनाव नहीं लड़ रही है। बीजेपी ने एएन राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है। यदि उपचुनाव में करीबी टक्कर होती है तो ट्वेंटी-20 के मतदाता और नए वोट भी निर्णायक साबित हो सकते हैं। 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Kerala Bye-Election: LDF Eyes 100 Mark, UDF to Defend Fortress in Thrikkakara

CPI(M)
LDF
UDF
Congress
Bye-Election
Kochi
K-Rail
Kochi Metro
Life Mission
Pinarayi Vijayan
KC Venugopal
KV Thomas
PT Thomas
Oomen Chandy
Thrikkakara Assembly Constituency
Nava Keralam
Dr Jo Joseph
VD Satheesan

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