NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केरल : काइटेक्स विवाद क्या है?
काइटेक्स गारमेंट्स की घोषणा के मुताबिक़ वह 3500 करोड़ रुपये के नियोजित निवेश को वापस ले रही है, इसके लिए उसने सरकारी अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है, अब बहस इस बात पर छिड़ गई है कि राज्य निवेश के अनुकूल है या नहीं।
अज़हर मोईदीन
14 Jul 2021
Translated by महेश कुमार
केरल

पिछले महीने की शुरूआत में, एर्नाकुलम में थ्रीक्काकारा निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक पीटी थॉमस ने विधानसभा में आरोप लगाया था कि किज़क्कमबलम में काइटेक्स गारमेंट्स की कपड़ा बनाने वाली इकाई कदंबरयार नदी को प्रदूषित कर रही है जो कि थ्रीक्काकारा नगरपालिका के कुछ हिस्सों से होकर गुज़रती है।

थॉमस ने आरोप लगाया था कि दुनिया के अग्रणी शिशु वस्त्र निर्माताओं में से एक और राज्य में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े रोज़गार पैदा करने वाले, काइटेक्स गारमेंट्स ने अपनी प्रदूषणकारी इकाइयों को तमिलनाडु के तिरुपुर से केरल में स्थानांतरित कर दिया और अब वह क़रीब 10 लाख लोगों के जीवन को ख़तरे में डाल रही है, ख़ासकर वे जो नदी के पानी पर निर्भर हैं। 

मीडिया से बात करते हुए, थॉमस ने दावा किया कि उपयुक्त अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र स्थापित किए बिना ब्लीचिंग और रंगाई इकाइयों का संचालन करके, काइटेक्स मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का भी उल्लंघन कर रही है।

काइटेक्स गारमेंट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और उनके दिवंगत पिता द्वारा स्थापित अन्ना-काइटेक्स समूह के प्रमुख साबू एम जैकब ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है और घोषणा की कि समूह थॉमस के ख़िलाफ़ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का मुक़दमा दायर करेगा।  

हालाँकि, एक विवाद अभी उभर कर सामने आया है। कारख़ाने के परिसर का बार-बार निरीक्षण का हवाला देते हुए और जिसे उन्होंने सरकारी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा उत्पीड़न कहा है, और बिना बताए कि वे निरीक्षण की बात कर रहे हैं, जैकब ने एकतरफ़ा घोषणा कर दी कि काइटेक्स केरल में परिधान और औद्योगिक पार्क में 3,500 करोड़ रुपये का तय निवेश वापस ले रहा है। 

जैकब ने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक गतिविधियों (ग्रुप ट्वेंटी 20 के संदर्भ में, अन्ना-काइटेक्स समूह द्वारा प्रचारित एक "अराजनीतिक" कॉर्पोरेट टीम, जिसने पंचायत चुनाव लड़े और वे इसके प्रमुख समन्वयक के रूप में काम कर रहे हैं) के कारण सरकारी अधिकारी उनका "उत्पीड़न" कर रहे हैं, और यह भी कहा कि केरल "निवेश के अनुकूल नहीं" है।

केरल सरकार की प्रतिक्रिया

जैकब द्वारा लगाए गए आरोपों पर उद्योग मंत्री पी॰ राजीव ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके विभाग ने किसी भी किस्म की जांच या निरीक्षण नहीं किया और काइटेक्स ने इस बाबत कोई शिकायत भी नहीं दर्ज की है, तब-जब अन्य विभागों के अधिकारियों ने उनके परिसर का निरीक्षण किया, तो उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कंपनी की किसी भी किस्म की चिंता को दूर करने के लिए तैयार है।

जब जैकब काइटेक्स गारमेंट्स के माध्यम से नए एरिया में निवेश करने की योजना को आगे बढ़ा रहे हैं तो सवाल उठता है कि क्या केरल सरकार उन्हें "जानबूझकर" दूर कर रही है, राजीव ने जवाब में कहा कि सभी जांच/निरीक्षण मिली शिकायतों के आधार पर किए गए हैं, जिनमें से कुछ शिकायतें कांग्रेस विधायक पीटी थॉमस के आलवा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और केरल उच्च न्यायालय जैसे अधिकारियों ने की हैं।

मंत्री ने आगे कहा कि काइटेक्स गारमेंट्स ने निवेश को लेकर राज्य सरकार को केवल एक आशय पत्र दिया था जबकि पिछले साल से निवेश की योजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया। 

मंत्री ने कहा कि फर्म के ख़िलाफ़ न्यूनतम मज़दूरी का भुगतान न करने, श्रमिकों को उचित स्वच्छ आवास प्रदान नहीं करने और प्रदूषण के अलावा राज्य द्वारा अनिवार्य कोविड-19 प्रतिबंधों का पालन करने में विफलता से संबंधित शिकायतें मिली थी।

राजीव ने कहा कि यह जानते हुए कि सरकार इन शिकायतों की जांच करने के लिए बाध्य है, फिर भी राज्य और सरकार को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर बड़ा अभियान चलाया  गया।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 10 जुलाई को प्रेस वार्ता में इस दावे को खारिज कर दिया कि केरल "व्यापार विरोधी" है। उन्होने कहा कि ये राज्य के बारे में पुरातन धारणाओं पर आधारित दावे हैं, उन्होंने कहा कि पुराना तर्क देना कि राज्य "निवेश के अनुकूल नहीं है" केरल का अपमान करने का एक ठोस प्रयास है। 

निवेश के प्रति केरल की अनुकूलता को दर्शाने वाले सूचकांकों पर रोशनी डालते हुए (केरल, नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के सूचकांक में शीर्ष पर आ गया था और सर्वोत्तम कारोबारी माहौल और मानव पूंजी के क्षेत्र में भारत के नवाचार सूचकांक में दूसरे स्थान पर था), विजयन ने कहा कि राज्य व्यवसायियों/कारोबारियों की शिकायत के निवारण के लिए एक वैधानिक निकाय और उद्योगों की जाँच करने के लिए एक केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर-आधारित तंत्र स्थापित करने की योजना बना रहा है।

पिछले पांच वर्षों में केरल (मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यम-MSME) क्षेत्र में 70,000 से अधिक नई इकाइयाँ स्थापित कर चुका हैं। विजयन ने कहा कि उद्यमियों को परमिट जारी करने में तेजी लाने और उनके मुद्दों को हल करने के लिए किए जा रहे उपायों के साथ, राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में सुधार के प्रयास में आगे बढ़ रहा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस औद्योगिक प्रगति को रोकने के किसी भी प्रयास को राज्य के आगे बढ़ने के कदम में रुकावट डालने के रूप में देखा जाएगा। उन्होने कहा कि सभी को नियमों- विनियमों का पालन करना होगा।

काइटेक्स, ट्वेंटी20 और आरोप

जब साबू जैकब ने धमकी दी कि काइटेक्स गारमेंट्स केरल में अपने नियोजित निवेश से पीछे  हट जाएगा, तो अनुभवी पर्यवेक्षकों ने बताया कि इस तरह की हरकत करने का उनका लंबा इतिहास रहा है।

2012 में, जब लोगों ने कंपनी द्वारा कथित प्रदूषण फैलाने के ख़िलाफ़ विरोध किया तो जैकब ने घोषणा की थी कि वे "राजनीतिक उत्पीड़न" के शिकार है और इसलिए वे राज्य में भविष्य के निवेश की योजना छोड़ रहे हैं। उस समय, उन्होंने दावा किया था कि फर्म का निवेश कोलंबो या चीन में ले जाया जाएगा; बाद में तत्कालीन कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार के साथ बातचीत के बाद वे इससे मुकर गए। 

2015 में, गैर-लाभकारी धर्मार्थ संगठन जिसका नाम, ट्वेंटी20 किज़ाक्कम्बलम है और जिसे काइटेक्स की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) गतिविधियों को पूरा करने के लिए दो साल पहले ही स्थापित किया गया था, ने स्थानीय निकाय चुनावों में उतरने का फ़ैसला किया था। इसने 69 प्रतिशत वोट शेयर के साथ किज़ाक्कम्बलम ग्राम पंचायत में 19 में से 17 सीटें जीतीं थी।

सीएसआर फ़ंड और दान का इस्तेमाल करके, काइटेक्स समूह ने विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया और सुपरमार्केट में कार्डधारक ग्रामीणों को सब्सिडी पर सामान बेचा और यहां तक कि अपने पंचायत सदस्यों को मासिक पारिश्रमिक भी अदा किया था। इसे भारत की पहली कॉर्पोरेट पंचायत के रूप में जाना जाने लगा और कुछ समय के लिए विरोध को भुला दिया गया था।

हालाँकि, निंदा यहाँ समाप्त नहीं हुई। 2020 की शुरूआत में, किज़ाक्कम्बलम पंचायत अध्यक्ष ने उनके ख़िलाफ़ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही पद छोड़ दिया था। जैकब के ख़िलाफ़ कई आरोप लगाए गए – जिसमें पंचायत के हर कार्य को सूक्ष्म रूप से प्रबंधित करने का प्रयास करने, ठेके देने से पहले काइटेक्स के हितों को साधते हुए परियोजनाओं को मंज़ूरी देना  और पंचायत के धन का इस्तेमाल नहीं करने के आरोप थे। ट्वेंटी-20 के सदस्यों ने दो पत्रकारों को तब घेर लिया जब वे हालत जे सुध लेने वहां गए थे।

पिछले साल, ट्वेंटी-20 ने तीन अन्य पड़ोसी पंचायतों में जीत हासिल की थी, जबकि पिछली पंचायत में जीत को बरकरार रखा था। वे अभिनेता-पटकथा लेखक श्रीनिवासन और उद्योगपति कोचौसफ चित्तिलापिल्ली सहित कई मशहूर हस्तियों और व्यापारियों को भी बोर्ड में लाने में कामयाब रहे थे।

विधानसभा चुनाव, जिसमें उन्होंने एर्नाकुलम ज़िले से आठ उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, उस चुनाव को काफी करीब से देखा गया था। ट्वेंटी20 हालांकि इस बार कोई बढ़त नहीं बना पाई।

कपड़ा उद्योग को महामारी और लगातार लॉकडाउन का ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है, इसलिए काइटेक्स गारमेंट्स का प्रदर्शन भी खराब हो रहा था। इसी मौके पर मौजूदा विवाद खड़ा हो गया।

आगे क्या?

अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और निवेश को आकर्षित करने के लिए राज्य एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे है और इस माहौल में, काइटेक्स की घोषणा कि वह निवेश कहीं और ले जाएगा, उनकी इस घोषणा का कई अन्य राज्यों ने खुले हाथों से स्वागत किया है। 

तेलंगाना के उद्योग मंत्री के टी रामा राव के साथ बैठक के बाद जैकब ने घोषणा की कि काइटेक्स एक हजार करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश करेगी। पिछले एक सप्ताह में काइटेक्स के स्टॉक की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई हैं और आंध्र प्रदेश अब कथित तौर पर फर्म को लुभा रहा है।

अस्थायी रूप से, कम से कम, इस निर्णय से जैकब को लाभ हुआ लगता है। विधानसभा चुनावों में ट्वेंटी20 की विफलता और उन आरोपों की वापसी के बाद उन्होंने सोचा होगा कि वे पीछे रह गए है, इस विवाद ने उन्हें "गलत काम करने वाले" के रूप में फिर से सुर्खियों में ला दिया है; और चूंकि अब कपड़ा निर्यात में सुधार हो रहा है, काइटेक्स गारमेंट्स में भी सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

हालाँकि, जैकब द्वारा स्थापित की गई कॉर्पोरेट पार्टी के भविष्य के बारे में किसी को कुछ भी अनुमान नहीं है कि उसका होगा क्या। और न ही कंपनी के बारे में दर्ज शिकायतों का ही अनुमान है। ग्राम पंचायतों के निवासी जिन्हें वे अब तक नियंत्रित करते थे और 9,000 से अधिक कर्मचारी जिनकी वे नियुक्ति करते थे (उनमें से अधिकांश प्रवासी श्रमिक हैं) जो इंतज़ार कर रहे हैं और नज़र गड़ाए हुए हैं कि भविष्य में हालत कैसे बदलते हैं।

Kitex Group
Twenty20
kerala government
Kerala Investment
Sabu Jacob
Kitex Controversy
P Rajeev
P T Thomas

Related Stories

दिल्ली : बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों ने ‘पुलिस नृशंसता’ के खिलाफ 9 अगस्त को प्रदर्शन का आह्वान किया

न्यायालय ने बकरीद पर केरल सरकार की ‘छूट की अनुमति को अनुचित’ करार दिया

केरल में पूर्ण ग़रीबी उन्मूलन की प्रस्तावित योजना लागू होना तय

केरल सरकार ने दहेज निषेध नियमावली में किया बदलाव, ज़िले में तैनात किए ‘दहेज निषेध अधिकारी’

ईएमएस स्मृति 2021 और केरल में वाम विकल्प का मूल्यांकन

केंद्र फूड किट मुहैया कराए, प्रवासी संकट कम करने के लिए पीडीएस को सार्वभौमिक बनाए

ईडी के विरूद्ध प्राथमिकी के आधार पर जबरिया कार्रवाई नहीं की जाएगी: केरल सरकार ने अदालत से कहा

केरल सरकार ने अगले 100 दिनों के लिए 10,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की

केरल स्थानीय निकाय चुनाव : यूडीएफ़-भाजपा साथ-साथ

केरल डायलॉग: अमर्त्य सेन ने ‘अधिनायकवादी’ ढंग से लॉकडाउन लागू करने को लेकर केंद्र की आलोचना की


बाकी खबरें

  • make in india
    बी. सिवरामन
    मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम
    07 Jan 2022
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गिग कार्यकर्ता नई पीढ़ी के श्रमिक कहे जा सकते  हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष में उतरने के मामले में ऑटो व अन्य उच्च तकनीक वाले एमएनसी श्रमिकों से अब टक्कर लेने लगे हैं। 
  • municipal elections
    फर्राह साकिब
    बिहारः नगर निकाय चुनावों में अब राजनीतिक पार्टियां भी होंगी शामिल!
    07 Jan 2022
    ये नई व्यवस्था प्रक्रिया के लगभग अंतिम चरण में है। बिहार सरकार इस प्रस्ताव को विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के पश्चात राज्य मंत्रिपरिषद में लाने की तैयारी में है। सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस…
  • Tigray
    एम. के. भद्रकुमार
    नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 
    07 Jan 2022
    हिंद महासागर को स्वेज नहर से जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर पर अपने नियंत्रण को स्थापित करने की अमेरिकी रणनीति की पृष्ठभूमि में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अफ्रीकी यात्रा काफी…
  • Supreme Court
    अजय कुमार
    EWS कोटे की ₹8 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट को किस तरह के तर्कों का सामना करना पड़ा?
    07 Jan 2022
    आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए ₹8 लाख की सीमा केवल इस साल की परीक्षा के लिए लागू होगी। मार्च 2022 के तीसरे हफ्ते में आर्थिक तौर पर कमजोर सीमा के लिए निर्धारित क्राइटेरिया की वैधता पर…
  • bulli bai aap
    सना सुल्तान
    विचार: शाहीन बाग़ से डरकर रचा गया सुल्लीडील... बुल्लीडील
    07 Jan 2022
    "इन साज़िशों से मुस्लिम औरतें ख़ासतौर से हम जैसी नौजवान लड़कियां ख़ौफ़ज़दा नहीं हुईं हैं, बल्कि हमारी आवाज़ और बुलंद हुई है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License