NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
खुले में शौच करने पर दो दलित बच्चों की पीटकर हत्या: क्या सच में 'सब ठीक' है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका में जाकर कहते हैं कि भारत में सब कुछ ठीक है लेकिन देश में दो दलित बच्चों की सिर्फ इसलिए पीटकर हत्या कर दी जाती है क्योंकि वो खुले में शौच कर रहे थे। खुले में शौच से मुक्त घोषित होने के बावजूद उनके घर में शौचालय नहीं था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Sep 2019
murder
फोटो साभार:प्रभात खबर

भोपाल: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के एक गांव में पंचायत भवन के सामने शौच करने पर दो व्यक्तियों ने कथित तौर दो दलित बच्चों को लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने यह जानकारी दी। इस घटना के सिलसिले में मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित होने के बावजूद मृतक बच्चों के घर में शौचालय नहीं था। मजदूरी करने वाले मनोज बाल्मीकि की बहन रोशनी (12) और बेटे अविनाश (10) की दो आरोपियों हाकिम यादव और उसके भाई रामेश्वर यादव ने बुधवार सुबह लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी।

मनोज ने बताया कि उनके परिवार के सिवाय गांव के सभी लोगों के पास शौचालय है। वे पांच भाई हैं, मजदूरी करते हैं और एक ही झोंपड़ी में रहते हैं।

उसने आरोप लगाया, ‘भावखेड़ी ग्राम पंचायत ने मुझे शौचालय के साथ एक घर की मंजूरी दी थी, लेकिन आरोपियों के परिवार का एक सदस्य गांव की पंचायत का मुखिया था और उसने यह होने नहीं दिया।’

मनोज ने कहा, ‘सुबह 6.30 बजे मेरा इकलौता बेटा और बहन शौच करने गए थे तभी अपने हैंडपंप के पास खड़े रामेश्वर और हाकिम दोनों बच्चों पर चिल्लाए और उन पर लाठी से वार करने लगे जिससे दोनों बच्चों की वहीं मौत हो गयी।’

उसने बताया कि दो साल पहले सड़क किनारे एक पेड़ से शाखा तोड़ने पर आरोपियों से उसकी तीखी बहस हुई थी। इस पर उन्होंने जाति सूचक गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी थी।

सिरसोद थाने के प्रभारी निरीक्षक आर एस धाकड़ ने कहा कि पुलिस ने मामले में दो आरोपियों हाकिम यादव और उसके भाई रामेश्वर यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मामले में केवल दो ही आरोपी हैं।

धाकड़ ने बताया कि दोनों आरोपियों पर हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों की रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि मारपीट से दोनों बच्चों रोशनी बाल्मीकि (12) और अविनाश वाल्मीकि (10) को गंभीर चोटें आई और जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर भावखेड़ी गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

खबरों के मुताबिक पुलिस पूछताछ में एक आरोपी हाकिम सिंह ने कहा कि उसको भगवान ने आदेश दिया है कि धरती से राक्षसों का सर्वनाश कर दो, इसलिए मैं राक्षसों का सर्वनाश करने निकला हूं।

सूत्रों के अनुसार इस गांव को चार जुलाई 2018 को ही खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया था। इस संबंध में पूछे जाने पर जिला कलेक्टर ने अनुग्रह पी ने बताया कि वह इसकी जांच करेंगी।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मृतक बच्चों के परिवारों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी गयी है। गांव में जातिगत आधार पर भेदभाव होने की शिकायत के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जायेगी।

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने दलित बच्चों की कथित तौर पर पीट-पीट हत्या की घटना की निंदा की है।

मायावती ने ट्वीट कर कहा, 'देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों को सरकारी सुविधाओं से वंचित रखने के साथ-साथ उन्हें हर प्रकार के जुल्म-ज्यादतियों का शिकार भी बनाया जाता रहा है। ऐसे में मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दो दलित बच्चों की नृशंस हत्या अति-दुःखद व अति-निन्दनीय है।'

2. कांग्रेस व बीजेपी की सरकार बताए कि गरीब दलितों व पिछड़ों आदि के घरों में शौचालय की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई है? यह सच बहुत ही कड़वा है तो फिर खुले में शौच को मजबूर दलित युवकों की पीट-पीट कर हत्या करने वालों को फांसी की सजा अवश्य दिलायी जानी चाहिए।

— Mayawati (@Mayawati) September 25, 2019

उन्होंने एक अन्य ट्वीट कर कहा, 'कांग्रेस व बीजेपी की सरकार बताए कि गरीब दलितों व पिछड़ों आदि के घरों में शौचालय की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई है? यह सच बहुत ही कड़वा है तो फिर खुले में शौच को मजबूर दलित युवकों की पीट-पीट कर हत्या करने वालों को फांसी की सजा अवश्य दिलायी जानी चाहिए.'

वहीं, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस घटना की निंदा की है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, 'शिवपुरी जिले के भावखेडी गाँव में दो मासूम बच्चों की हत्या की घटना बेहद ह्रदयविदारक। आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश। परिवार की पूर्ण सुरक्षा हो, परिवार की हर संभव मदद के निर्देश।'

शिवपुरी जिले के भावखेडी गाँव में दो मासूम बच्चों की हत्या की घटना बेहद ह्रदयविदारक।
आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश।
परिवार की पूर्ण सुरक्षा हो , परिवार की हर संभव मदद के निर्देश।

— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) September 25, 2019

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

 

Madhya Pradesh
Killed by beating
Toilets
Attack on dalits
MAYAWATI
kamalnath
Narendera Modi

Related Stories

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

दलित किशोर की पिटाई व पैर चटवाने का वीडियो आया सामने, आठ आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

ख़बरों के आगे पीछे: हिंदुत्व की प्रयोगशाला से लेकर देशभक्ति सिलेबस तक

यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License