NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कोविड-19
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
हर मौसम व हर हालात में जारी रहेगा आंदोलन : किसान संगठन
"हर मौसम व हर हालात में खुद को व आंदोलन को मजबूत रखा जाएगा। हम किसानों से अपील करते है कि कोरोना सम्बधी ज़रूरी निर्देशों की पालना करते हुए मास्क पहनने जैसी सावधानी बरतकर रखें। साथ ही हम सरकार से अनुरोध करते है कि धरना स्थानों पर वैक्सीन सेंटर बनाकर व अन्य सुविधाएं प्रदान कर अपनी जिम्मेदारी निभाये।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Apr 2021
हर मौसम व हर हालात में जारी रहेगा आंदोलन : किसान संगठन

नयी दिल्ली: दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन 142वें दिन भी जारी है। ये किसान लगातार विपरीत परिस्थितियों में आंदोलन कर रहे हैं।  शुक्रवार शाम को आई तेज़ आंधी और हल्की बारिश के बाद भी ये किसान मोर्चे पर डटे रहे हैं। इस आंधी में कई आंदोलनरत किसानों के कैंप उड़ गए, जिसके बाद वो सभी किसान खुले आसमान के नीचे रात बिताने के मज़बूर हुए। किसान नेताओं ने साफ किया वो किसी भी हाल में अपना आंदोलन जारी रखेंगे। 

इस बीच ऐसी खबरें भी सामने आईं जिसमें कहा जा रहा है कि सरकार कोरोना संक्रमण की आड़ में किसान आंदोलन तोड़ने की कोशिश करेगी। इसपर संयुक्त किसान मोर्चे ने अपने शुक्रवार के बयान में कहा कि किसानों के बीच भय का माहौल बनाने के उद्देश्य से अनेक प्रकार की झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं जिसमें किसानों के धरने जबर्दस्ती उठाये जाने की बातें हैं। दिल्ली की सीमाओं पर और देश के अन्य हिस्सों में डटे किसान पहले भी बातचीत के पक्ष में हैं। यह हास्यास्पद लगता है कि जब भाजपा कोई चुनावी रैली करती है तो उसे कोरोना का भय नहीं दिखता है, वहीं जहां उनके विरोध में कोई कार्यक्रम होते हैं तो वहां बहुत सख्ती से निपटने के दावे किए जाते हैं। झूठी खबरें फैलाकर किसानों के अंदर डर का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे व मुहतोड़ जवाब भी देंगे। हम किसानों से भी अपील करते है कि वे संयम के साथ शांतमयी धरना जारी रखें, वहीं अन्य किसान कटाई का काम खत्म होते ही दिल्ली मोर्चों पर पहुंचे।

आगे उन्होंने कहा- किसानों ने हर मौसम व हर हालात में खुद को व आंदोलन को मजबूत रखा है। हम किसानों से अपील करते हैं कि कोरोना सम्बधी ज़रूरी निर्देशों की पालना करते हुए मास्क पहनने जैसी सावधानी बरतकर रखें। साथ ही हम सरकार से अनुरोध करते है कि धरना स्थानों पर वैक्सीन सेंटर बनाकर व अन्य सुविधाएं प्रदान कर अपनी जिम्मेदारी निभाये।

संगठन ने पहली बार ऐसी मांग की है। इसने दिल्ली के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से कहा कि वे मास्क पहनें और कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करें ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके।

 पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्से के हजारों किसान दिल्ली के तीन सीमा स्थलों- सिंघु, टीकरी और गाजीपुर के साथ ही हरियाणा-राजस्थान के शाहजहाँपुर बॉर्डर पर चार महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्ष सितंबर में लागू किए गए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

एसकेएम ने बयान जारी कर कहा, ‘‘हम किसानों से अपील करते हैं कि आवश्यक नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करें जैसे मास्क पहनना और वायरस को फैलने से रोकने में अपनी तरफ से योगदान दें। साथ ही हम सरकार से अपील करते हैं कि प्रदर्शन स्थलों पर टीकाकरण केंद्र की शुरुआत कर और आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराकर अपनी जिम्मेदारी निभाए।’’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज शनिवार, 17 अप्रैल को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के रिकॉर्ड 2,34,692 नए मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा कोरोना से आज एक दिन में सबसे ज़्यादा 1,341 मरीज़ों की मौत हुई। साथ ही इसी बीच देश भर में कोरोना से पीड़ित 1,23,354 मरीज़ों को ठीक किया गया है। और एक्टिव मामलों में 1,09,997 मामलों की बढ़ोतरी हुई है।

केजरीवाल ने राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए बृहस्पतिवार को सप्ताहांत में कर्फ्यू लगाने समेत कई पाबंदियों की घोषणा की है। इस दौरान मॉल, जिम, स्पा और सभागार भी बंद रहेंगे ताकि कोरोना वायरस की कड़ी को तोड़ा जा सके।

उत्तर प्रदेश में रविवार को संपूर्ण लॉकडाउन है।

बहरहाल, एसकेएम ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि चुनावी रैलियों में वह कोरोना वायरस को नज़रअंदाज कर रही है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

farmers protest
Farm Bills
Samyukt Kisan Morcha
BJP
Arvind Kejriwal
COVID-19

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!
    27 Mar 2022
    पुनर्प्रकाशन : यही तो दिन थे, जब दो बरस पहले 2020 में पूरे देश पर अनियोजित लॉकडाउन थोप दिया गया था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं लॉकडाउन की कहानी कहती कवि-पत्रकार मुकुल सरल की कविता- ‘लॉकडाउन—2020’।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!
    27 Mar 2022
    ये एक सौ तीस-चालीस दिन बहुत ही बेचैनी में गुजरे। पहले तो अच्छा लगा कि पेट्रोल डीज़ल की कीमत बढ़ नहीं रही हैं। पर फिर हुई बेचैनी शुरू। लगा जैसे कि हम अनाथ ही हो गये हैं। जैसे कि देश में सरकार ही नहीं…
  • सुबोध वर्मा
    28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?
    27 Mar 2022
    मज़दूर और किसान आर्थिक संकट से राहत के साथ-साथ मोदी सरकार की आर्थिक नीति में संपूर्ण बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।
  • अजय कुमार
    महंगाई मार गई...: चावल, आटा, दाल, सरसों के तेल से लेकर सर्फ़ साबुन सब महंगा
    27 Mar 2022
    सरकारी महंगाई के आंकड़ों के साथ किराना दुकान के महंगाई आकड़ें देखिये तो पता चलेगा कि महंगाई की मार से आम जनता कितनी बेहाल होगी ?
  • जॉन पी. रुएहल
    क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?
    27 Mar 2022
    अपने सैन्य गठबंधन, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के जरिये संभावित हस्तक्षेप से रूस को एक राजनयिक जीत प्राप्त हो सकती है और अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास एक स्वीकार्य मार्ग प्रशस्त…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License