NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लगातार उपवास पर बैठे नर्मदा घाटी के 11 लोग और मेधा पाटकर
नर्मदा घाटी के लोगो ने पुनर्वास भू-अर्जन कार्यालय को घेरा, पुनर्वास से जुड़े सवालों पर अधिकारियों की चुप्पी आम आदमी पार्टी से संसद भगवंत मान और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल सहित 50 लोगों ने दिया समर्थन, पुनर्वास स्थलों का किया दौरा
सबरंग इंडिया
05 Aug 2017
लगातार उपवास पर बैठे नर्मदा घाटी के 11 लोग और मेधा पाटकर

देश के उच्चतम न्यायलय ने नर्मदा बचाओ आन्दोलन की याचिका को मंजूरी देते हुए 8 अगस्त 2017 को सुनवाई की तारीख दी है। लेकिन बिना किसी जांच के मध्य प्रदेश सरकार ने यह ज़ाहिर कर कि नर्मदा बचाओ आन्दोलन की याचिका उच्चतम न्यायलय ने ख़ारिज कर दी है, यह साबित कर दिया कि सरकार की नीयत ही नहीं है लोगो का न्यायपूर्वक पुनर्वास करने की। बस कैसे भी लाखों लोगों को बसे बसाये गाँवो में से हटा कर टिन शेड में विस्थापित कर, नर्मदा का पानी कोको-कोला जैसी कंपनियों तक पहुँचाना सरकार का मकसद है।

नर्मदा घाटी के लोगों ने आज बड़वानी पुनर्वास भू-अर्जन कार्यालय का घेराव किया। इसमें एस डी एम व भूअर्जन अधिकारियो के सामने पुनर्वास को ले कर कई सवाल किये गए। लोगो ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज तक हमारा सपूंर्ण पुनर्वास नहीं हुआ है अतः हम बिना पुनर्वास  नर्मदा किनारा नहीं छोड़ेगे। आज भी हम मूलगाव में बसे हुए है, हमको आज तक आजीविका का साधन भी नहीं मिला है, कई को घर प्लाट भी नहीं मिला है, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं हुआ है, पुनर्वास स्थालो पर मूलभूत सुविधाए बाकी है।

देवराम कनेरा ने कहा कि आज तक पुनर्वास सरकार के द्वारा नहीं किया गया है। 25 गाँव के प्रतिनिधियो ने अपनी समस्याओ के बारे में सवाल किये। हमारा पुनर्वास नर्मदा अवार्ड के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार व राज्य की पुनर्वास नीति अनुसार किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि नर्मदा बचाओ आन्दोलन की याचिका को उच्चतम न्यायलय ने मंजूरी देते हुए पहली तारीख 8 अगस्त की दी है। जब तक उच्चतम न्यायलय द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जाता तब तक सरकार को गाँव खाली करवाने की गैर क़ानूनी प्रक्रिया को इसी समय रोक देना चाहिए।

आज आम आदमी पार्टी से पंजाब के सांसद श्री भगवंत मान जी और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री आलोक अग्रवाल जी अन्य 50 पार्टी के लोगों के साथ अनिश्चितकालीन उपवास स्थल, चिखल्दा में अपना समर्थन देने आये। सेमल्दा और एकलबारा पुनर्वास स्थलों का दौरा भी किया।

आलोक अग्रवाल ने कहा कि नर्मदा बचाओ आन्दोलन देश का एकमात्र ऐसा आन्दोलन है जिसने विकास की परिभाषा को बदला है और कहा है कि जो विकास लोगों के नाम पर हो, वो विकास लोगों के अधिकारों से ऊपर नहीं है। मध्य प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेश की झूठी व्याख्या कर गुजरात की गुलामी कर रहा है। 32 साल का राजनैतिक इतिहास बताता है कि आज तक जो भी सत्ता में बैठा है उसने हमेशा विस्थापितों को धोखा ही दिया है। शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा घाटी के विकास पर 6 पन्ने का विज्ञापन दिया था। अगर वे कहते हैं कि पूर्ण पुनर्वास हो गया है तो पुनर्वास स्थलों की फोटो विज्ञापन में दे कर दिखाएँ। आम आदमी पार्टी पग पग पर आपके साथ है और पहली गोली और पहली लाठी खाने वाले हम ही होंगे। नर्मदा बचाओ आन्दोलन की लड़ाई ने यही साबित किया है कि सत्य की हमेशा जीत होती है।

पंजाब के सांसद भगवंत मान जी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कागजों में बहुत योजनायें चलाई जा रही हैं लेकिन वास्तविकता में कुछ भी नहीं है। सरकार ने पुनर्वास के नाम पर जो टिन के डब्बे बनाये हैं  उसमे गाँव में बसे हुए बड़े बड़े परिवार कैसे रहेंगे, उनके मवेशी कहाँ रहेंगे, क्या इसके बारे में शिवराज सिंह चौहान ने कुछ सोचा है ? सड़क के नाम पर चुनाह और पानी और नालियां तो सिर्फ कागजों में है। ज़रा 4 घंटे बिता कर दिखाएँ, मै चुनौती देता हूँ। उच्चतम न्यायाय द्वारा दी गई 31 जुलाई की अंतिम तारीख जिसके दम पर सरकार घाटी में दमन कर रही है, वो आखिरी तारीख लोगों के लिए नहीं, सरकार के पूर्ण पुनर्वास करने की आखिरी तारीख है।

मंदसौर में किसानो ने अपनी फसल के दाम मांगे और शांतिपूर्वक धरना दिया तो उन पर गोली चला दी। जिन किसानो की मेहनत का अन्न खाते हैं उन्हें ही शिवराज सिंह चौहान ने गोली खिला दी। लोकतंत्र में सरकार नहीं, लोग बड़े होते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  कहते है, सबका साथ सबका विकास लेकिन नर्मदा में होता सबका विनाश और उनका विकास है। नर्मदा घाटी के अच्छे दिन कब आयंगे ?

शिवराज सिंह सरकार गरीबों और दलितों पर अत्याचार कर रही है, किसानो को मार रही है और नर्मदा घाटी के लोगों की जल हत्या कर रही है, यह कैसा लोकतंत्र है ? एक तरफ बेटी बचाओ, बेटी पढाओ का नारा लगाते हैं, नर्मदा घाटी की हजारों बेटियों को कैसे भूल गए ?

लोगों की शक्ति को कमज़ोर समझने की भूल ना करे यह सरकार, लोगों की एकता ने बड़े बड़े तख़्त हिलाए हैं। यह मुद्दा मानवता का मुद्दा है, लोगों के अधिकारों का मुद्दा है, आपकी आवाज़ को संसद तक पहुचाएंगे।

किसान संघर्ष समिति व जन आन्दोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के राष्ट्रीय संयोजक डॉ सुनीलम ने नर्मदा घाटी के संघर्षरत लोगो को अपना समर्थन देते हुए कहा कि झूठ व भ्रष्टाचार की नीव पर चल रही सरकार लाखों लोगों की एकता और संघर्ष के सामने बहुत कमज़ोर है। देश भर के जन आन्दोलनों के समर्थन के साथ साथ देश भर की राजनितिक पार्टियों का भी साथ है।       

देश भर में नर्मदा घाटी के लोगों के संघर्ष और लड़ाई के समर्थन में हुए निम्नलिखित प्रदर्शन:-

·         कोज़िकोड़े, केरल में दिया गया धरना |

·         थ्रीसूर, केरल के जन आन्दोलनों ने आज 1 दिन का उपवास रख अपना समर्थन ज़ाहिर किया |

·         भुवनेश्वर, उड़ीसा में एक दिन का उपवास

·         CPIM ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में नर्मदा घाटी के संघर्ष को समर्थन

Courtesy: सबरंग इंडिया
नर्मदा बचाओ आन्दोलन
मेधा पाटकर
सुप्रीम कोर्ट

Related Stories

वोट बैंक की पॉलिटिक्स से हल नहीं होगी पराली की समस्या

सर्वोच्च न्यायालय में दलितों पर अत्याचार रोकथाम अधिनियम में संसोधन के खिलाफ याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट: मॉब लिंचिंग पर जल्द कानून लाए केंद्र

कोलेजीयम ने न्यायमूर्ति के० एम० जोसेफ की सिफारिश को दोहराएगा

चेन्नई में SC/ST Act को कमज़ोर बनाये जाने के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन

जज लोया की मौत से संबंधित सभी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की

दलितों का भारत बंद एक ऐतिहासिक घटना है: सुभाषिनी अली

रविशंकर प्रसाद के खोखले वक्तव्य

SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

आधार कार्ड बनवाने के लिए बच्चों को क्यों मजबूर किया जा रहा हैं?


बाकी खबरें

  • Colombia
    पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया में साल 2021 का 91वां नरसंहार दर्ज
    16 Dec 2021
    इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेवलपमेंट एंड पीस स्टडीज (INDEPAZ) ने आगाह किया है कि 2021 में हुए नरसंहारों की संख्या 2020 में हुए नरसंहारों की कुल संख्या को पार कर सकती है। फ़िलहाल, दोनों ही आंकड़े बराबर हैं। 
  • bank strike
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : निजीकरण के ख़िलाफ़ 900 बैंकों के 10,000 से ज़्यादा कर्मचारी 16 दिसम्बर से दो दिन की हड़ताल पर
    16 Dec 2021
    बैंक कर्मचारियों की यूनियन का दावा है कि कॉरपोरेट घरानों की नज़र जनता द्वारा बड़ी मेहनत से कमाए गए 157 लाख करोड़ रुपयों पर है, जो सरकारी बैंकों में जमा है।
  • Advocate Manavi of ALF, YJ Rajendra of PUCL and Pastor Lucas present the report.
    निखिल करिअप्पा
    नई रिपोर्ट ने कर्नाटक में ईसाई प्रार्थना सभाओं के ख़िलाफ़ हिंसा को दर्ज किया
    16 Dec 2021
    पीयूसीएल की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ज़्यादातर मामलों में पुलिस पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है, यहां तक कि उन मामलों में भी पुलिस सुरक्षा नहीं दे पाई जहां उन्हें खुफ़िया…
  • modi
    सबरंग इंडिया
    काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन: मंदिर और राज्य के विकास में अंतर क्यों नहीं?
    16 Dec 2021
    क्या पीएम को औरंगजेब का जिक्र ऐसे चुनावी राज्य में लाना था जहां अयोध्या फैसले के बाद से मंदिर की राजनीति गर्म हो रही है?
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 7,974 नए मामले, 343 मरीज़ों की मौत
    16 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 87 हज़ार 245 हो गयी है।वही कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License