NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
लखनऊ की सड़कों पर आलू किसने फेंके
आलू की कीमतें धूल चाट रही हैं, किसान कोल्ड स्टोरेज से आलू नहीं उठा रहे हैं और सरकार इस सबके प्रति बेशर्म और लापरवाह है।
सुबोध वर्मा
10 Jan 2018
Translated by महेश कुमार
potato farmers
courtesy : The Tribune

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 6 जनवरी को, वहां के निवासियों ने एक विचित्र दृश्य देखा। लोगों ने विधानसभा मार्ग, वी.वी.आई.पी. गेस्ट हाउस और अन्य स्थानों सहित कुछ प्रमुख सड़कों और चौराहों पर आलू पड़े देखे। लखनऊ के अधिकारियों ने सड़कों को साफ करने के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड और श्रमिकों की एक बड़ी सेना को आपदा प्रबंधन के लिए बुलाया और सड़कों को साफ किया।

लखनऊ जिला मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा ने बताया, "एक ट्रक था जिसमें आलू की बोरियां थी और आज सुबह शहर के विभिन्न हिस्सों में आलू फेंकने लगे।"

लोगों ने सोचा होगा कि यह कोई मजाक किया जा रहा है, लेकिन सरकारी अधिकारियों और मंत्रि जब स्थिति को नियंत्रण करने के लिए पहुंचे, तो उनकी पूरी पोल खुल गयी। शर्मा ने कहा कि "यह असामाजिक तत्वों का काम है। यह बहुत स्पष्ट नहीं है कि यह किसानों या किसी भी किसान संगठन का काम है ..." एक राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा, "यह किसानों द्वारा नहीं किया गया, बल्कि शरारती तत्वों द्वारा किया गया है। "कृषि मंत्री सूर्यप्रताप साही ने कहा कि यह" योगी आदित्यनाथ सरकार की छवि को खराब करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है "।

और फिर, एक किसान संगठन ने ध्यान से कहानी को आगे बढ़ाया। राष्ट्रीय किसान मंच के शेखर दीक्षित ने कहा कि "ये आलू के किसानों के हैं जिन्होंने लखनऊ की सड़कों पर आलू फैंके हैं, कल ये गन्ना किसान भी हो सकते है ...."

यूपी में आलू के किसान, जो कि भारत में आलू का लगभग 30% का उत्पादन करते है, राजधानी की सड़कों पर आलू फेंकने का मतलब है  कि उनमें काफी गुस्सा है?

इसका जवाब आलू के उत्पादन और उनके मूल्य के आंकड़ों से स्पष्ट हो जाता है। वर्ष 2017 में, आलू का उत्पादन करीब 47 मिलियन टन रिकॉर्ड हुआ। बड़ा रिकॉर्ड 2014-15 का है जब 48 मिलियन टन का उत्पादन किया गया था। लेकिन इस साल सब्जी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंडियों में थोक आलू के भाव 20 पैसे प्रति किलोग्राम कम हो गए हैं।

सबसे बड़े आलू के उत्पादन केंद्रों में से एक आगरा है, जहाँ पिछले साल दिसंबर में किसानों को 50 किलो की आलू के बैग के लिए थोक व्यापारी से 10 रुपये की पेशकश मिली। जुलाई में, उसी बैग के लिए कीमत 400 रुपये थी। देश भर में विभिन्न आलू उत्पादक केंद्रों से इसी तरह की कहानियां आ रही हैं।

पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी के किसानों के मुताबिक, आलू के उत्पादन की लागत लगभग 45 से 50,000 सुपे प्रति एकड़ है। इसमें ऋण चुकौती और सिंचाई लागत और परिवार के श्रम शामिल नहीं हैं। उपज लगभग 20 मीट्रिक टन प्रति एकड़ है। ट्रेडर्स से मिली कीमत 4000 रुपये प्रति मीट्रिक टन थी। जोकि लगभग 80,000 रुपये प्रति एकड़ है।

सिलीगुड़ी के एक आलू किसान जीवन मंडल ने इकोनॉमिक्स टाइम्स को बताया कि, "घर ले जाने के लिए कुछ भी नहीं है" पश्चिम बंगाल में आलू के उत्पादन में 22% की बढ़ोतरी हुई, जो 2016-17 में 11 मिलियन टन हुई, जिससे कीमतों में गिरावट आ गई। फार्म-गेट के स्तर पर कीमतें 2.40 रुपये प्रति किलोग्राम थीं, जो कि उत्पादन की कीमत 4.5-5 रुपये प्रति किग्रा से काफी कम थीं।

पंजाब में आलू के किसान घाटे का सामना कर रहे थे क्योंकि उन्हें कम से कम 5-6 रूपए की अपेक्षा के बजाय 1 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत मिल रही थी। उत्तर और मध्य गुजरात में बनासकांठा, पाटण और गांधीनगर के आलू उत्पादन बेल्ट में, किलो के उत्पादन में 3 रुपये प्रति किलोग्राम के लिए आलू की बिक्री हुई, जबकि कोल्ड स्टोरेज लागत को छोड़कर 5 रुपये की लागत से उत्पादन हुआ।

लेकिन आलू को कोल्ड स्टोरेज में संग्रहीत किया जा सकता है - तो ऐसा क्यों नहीं किया गया? इसका जवाब यह है कि पिछले साल के कोल्ड स्टोरेज में संग्रहीत आलू को वहां से किसानों को फेस ऐडा करने के बाद उन्हें खाली करना था। उत्तर प्रदेश में आलू के एक 50 किग्रा का थैला कोल्ड स्टोरेज में 11 रूपए में जमा किया जा सकता है। आम तौर पर किसान अपनी मौजूदा फसलों से कुछ पैसे प्राप्त करने के बाद अपने संग्रहित आलू को पुनः प्राप्त करते हैं। हालांकि, पिछले साल के आलू भण्डार अभी भी कोल्ड स्टोरेज में भरा हुआ हैं क्योंकि किसानों के पास भुगतान करने के लिए पैसे नहीं हैं। इसके चलते कुछ कोल्ड स्टोरेज में मालिकों को आगरा जैसे कुछ जिलों में बिजली बंद करनी पडी है।

वास्तव में, जब यूपी के कृषि मंत्री साहय ने लखनऊ आलू डंपिंग घटना को पर यह कहते हुए प्रतिक्रिया दी कि ये आलू "सड़ा हुआ" हैं और "मंडी ने इसे खारिज कर दिया है" तो उन्होंने अज्ञात रूप से इस संभावना को जताया और कहा कि कुछ नाराज और निराश कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने फैंक दिया। और इस अनोखे तरीके से उन्होंने संग्रहीत और अनुपयोगी आलू से छुटकारा पा लिया।

मोदी सरकार और उनकी पार्टी की राज्य सरकारें ग्रामीण इलाकों में इन हालातों से परेशान किसानों कि समस्याओं से मिले संकेतों को लगातार नजरअंदाज कर रही है - किसान अपने उत्पादन पर उचित रिटर्न नहीं मिलने पर नाराज हैं। इसने पूरे देश में आंदोलन खड़ा किया और नवंबर में दिल्ली में ऐतिहासिक किसान संसद को नेतृत्व प्रदान किया। आलू डंपिंग की घटना एक और ऐसी घटना है जिसके जरिए मोदी और योगी स्वयं अपने चारों ओर एक बड़े आन्दोलन से घिर रहे हैं।

agrarian crises
farmers protest
Utter pradesh
Yogi Adityanath
yogi sarkar
Aloo
potato farmers
Lucknow

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

बढ़ती नफ़रत के बीच भाईचारे का स्तंभ 'लखनऊ का बड़ा मंगल'

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश


बाकी खबरें

  • sudan
    एपी
    सूडान के बलों ने तख़्तापलट का विरोध कर रहे 100 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया
    08 Nov 2021
    सूडान की सेना ने 25 अक्टूबर को सत्ता पर कब्जा कर अस्थायी सरकार को भंग कर दिया था। इस दौरान कई अधिकारियों व राजनेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। तख्तापलट के विरोध में खार्तूम और देश में अन्य कई जगहों…
  • Very heavy rain warning in parts of Tamil Nadu, Andhra Pradesh on November 10-11
    भाषा
    तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 10-11 नवंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी
    08 Nov 2021
    एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर मध्य क्षोभमंडल स्तर तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव के चलते, अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और…
  • Sankalp Gupta
    भाषा
    संकल्प गुप्ता भारत के 71वें ग्रैंडमास्टर बने, आनंद ने बधाई दी
    08 Nov 2021
    संकल्प ने सर्बिया के अरांदजेलोवाक में जीएम आस्क थ्री राउंड रोबिन प्रतियोगिता में 6.5 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहकर तीसरा ग्रैंडमास्टर नार्म हासिल किया।
  • Wang Yiping
    भाषा
    चीन: अंतरिक्ष में चहलकदमी करनेवाली पहली महिला बनीं वांग यपिंग, रचा इतिहास
    08 Nov 2021
    सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार दोनों अंतरिक्ष स्टेशन के कोर मॉड्यूल ‘तियान’ से बाहर निकले और सोमवार तड़के साढ़े छह घंटे तक अंतरिक्ष में चहलकदमी की और फिर सफलतापूर्वक स्टेशन लौट आए।
  • MSRTC strike
    भाषा
    एमएसआरटीसी हड़ताल: अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को समिति गठित करने का निर्देश दिया
    08 Nov 2021
    कर्मचारी संगठन निगम के राज्य सरकार में विलय की मांग करते हुए हड़ताल कर रहे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते एमएसआरटीसी के 223 डिपो पर बस परिचालन सोमवार सुबह बंद कर दिया गया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License