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भारत
राजनीति
लखनऊ : तबरेज़ के साथ रोहित, अख़लाक़, पहलू सब याद आए
झारखंड में मॉब लिंचिंग का शिकार तबरेज़ अंसारी के इंसाफ की मांग को लेकर बुधवार को देशभर में हुए धरना-प्रदर्शन की कड़ी में लखनऊ में भी धरना-प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला गया।
असद रिज़वी
27 Jun 2019
लखनऊ में धरना-प्रदर्शन

देश में बढ़ रही लिंचिंग की घटनाओं के ख़िलाफ़ बुधवार की शाम उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक घंटाघर पर धरना-प्रदर्शन के बाद कैंडल मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारी जिनमें विपक्षी पार्टियों के नेता भी शामिल थे, झारखंड के सरायकेला जिले में मॉब लिंचिंग में मारे गए तबरेज़ अंसारी के हत्यारों को सज़ा देने की मांग कर रहे थे।

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तबरेज़ अंसारी की हत्या का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी प्लेकार्ड लिए हुए थे, जिन पर तबरेज़ अंसारी के साथ रोहित वेमुला, अख़लाक़ और पहलू खान आदि मौत के ज़िम्मीदारों को भी सख़्त सज़ा देने की मांग की गई थी। 

धरने में कई समाजिक संगठनों के अलावा कांग्रेस, समजवादी पार्टी और वामदल के कई नेताओं ने भी हिस्सा लिया और तबरेज़ अंसारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की और लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के लिए नरेंद्र मोदी सरकार को ज़िम्मेदार बताया।

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समाज सेविका और कांग्रेस नेता सदफ़ जफ़र ने आरोप लगाया की देश में हो रही मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ मोदी सरकार कोई सख़्त क़दम नहीं उठा रही है। इसी वजह से लिंचिंग की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया की मॉब लिंचिंग करने वालों को दक्षिणपंथी संगठनों का संरक्षण प्राप्त है। सदफ़ ने कहा की यह विपक्ष की ज़िम्मेदारी है की वह देश में दलितों और अल्पसंख्यको के ख़िलाफ़ हो रहे अत्याचारों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाए, क्योंकि सत्ता पक्ष अत्याचारीयों के साथ नज़र आ रहा है।

प्रदर्शनकारियों को छात्र नेता पूजा शुक्ला ने भी सम्बोधित किया और नरेंद्र मोदी सरकार की निंदा करते हुए कहा की तीन तलाक़ पर क़ानून की बात करने वाली सरकार मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ क़ानून क्यों नहीं बनाती हैं। पूजा ने तबरेज़ की हत्या की निंदा करते हुए कहा की देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है, इसलिए भाजपा देश में फिर  सांप्रदायिकता का महौल बना रही है।

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वरिष्ठ पत्रकार उबैदुल्लाह नासिर ने कहा की मॉब लिंचिंग का यह तरीक़ा दरअसल हिटलर की नाज़ी पार्टी के लोगों का था! नाज़ी पार्टी के लोग जर्मनी में सड़क पर चलते यहूदियों को इसी तरह छेड़ कर मारते थे। 

उन्होंने आरएसएस पर आरोप लगते हुए कहा की आरएसएस नाज़ी पार्टी और हिटलर को अपना आदर्श मानती है और उसी के रास्ते पर चलते हुए भारत में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है।

आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने कहा कि भीड़ की हिंसा के खिलाफ सत्ता में बैठे लोगो की ख़ामोशी चिंता का विषय है। मॉब लिंचिंग की घटनाओं के आरोपियों को सत्ता में बैठे लोग सम्मानित कर रहे हैं। अधिक दुखद ये है कि नागरिक समाज के द्वारा भी इसका कायदे से विरोध नहीं किया जा रहा है।

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समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा देश के प्रधानमंत्री मोदी सबका विश्वास जीतने की झूठी बात कर रहे हैं। देश में दलितों और अल्पसंख्यको के साथ मॉब लिंचिंग बढ़ी है, जिसका ताज़ा उदहारण तबरेज़ अंसारी की लिंचिंग है! अमीक जामेई ने सरकार से प्रश्न किया कि सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग की रोकथाम के लिए जो दिशा-निर्देश दिए थे, अभी तक राज्यों में लागू क्यों नहीं हुए?

प्रदर्शन के अंत में घंटाघर से रूमी गेट तक पैदल मार्च निकाल कर तबरेज़ अंसारी की मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज कराया। इसके अलावा लखनऊ जिलाधिकारी के माध्यम से मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के ख़िलाफ़ समाज सेवियों द्वारा एक ज्ञापन भी राष्ट्रपति को भेजा गया।

TABREZ ANSARI
Justice For Tabrez
#JusticeForTabrez
mob lynching
mob violence
Not in my name
Jharkhand
Uttar pradesh
Lucknow
BJP-RSS
hindutva terorr

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