NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लोया मामले की सुनवाई सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी
इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला और महाराष्ट्र के पत्रकार बंधुराज संभाजी लोने ने न्यायाधीश लोया की मौत की स्वतंत्र जांच कराने को लेकर याचिका दाखिल की है।
आईएएनएस
20 Jan 2018
cji

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)| प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) विशेष न्यायाधीश बी.एम. लोया की मौत की स्वतंत्र जांच वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। लोया की मौत सोहराबुद्दीन शेख मामले की सुनवाई के दौरान हुई थी। इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला और महाराष्ट्र के पत्रकार बंधुराज संभाजी लोने ने न्यायाधीश लोया की मौत की स्वतंत्र जांच कराने को लेकर याचिका दाखिल की है। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से शनिवार को जारी सूचीपत्र में बताया गया है कि इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ करेगी, जिसमें न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ भी होंगे।

इससे पहले न्यायमूर्ति अरुण मिश्र ने इस मामले से संबंधित दोनों याचिकाओं की सुनवाई की थी।

सर्वोच्च न्यायालय के चार शीर्ष न्यायाधीशों की ओर से बागी तेवर अपनाने की एक वजह न्यायाधीश लोया की मौत के मामले का आवंटन भी था। इन न्यायाधीशों ने 12 जनवरी को प्रेस वार्ता में कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय में सबकुछ ठीक नहीं है।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ ने 17 जनवरी को खुद ही इस मामले से अलग कर लिया था। इससे पहले पीठ ने महाराष्ट्र सरकार से न्यायाधीश लोया की मौत से संबंधित सभी दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को साझा करने के आदेश दिए थे।

यह मामला इसलिए सुर्खियों में है, क्योंकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मामले के एक आरोपी थे। शाह को बाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने शोहराबुद्दीन शेख मामले में बरी कर दिया था।

--आईएएनए

CJI
Chief justice of India
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पत्रकारिता की पढ़ाई के नाम पर महाविद्यालय की अवैध वसूली
    21 Apr 2022
    शाहजहांपुर के एक महाविद्यालय में पत्रकारिता पढ़ाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
  • मुकुंद झा
    दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, कोर्ट ने पूछे कई गंभीर सवाल
    21 Apr 2022
    दुष्यंत दवे ने कहा कि दिल्ली में 15 लाख लोगों के साथ 731 अनधिकृत कॉलोनियां हैं। आप केवल एक इलाके को निशाना बनाते हैं क्योंकि आप (एमसीडी) केवल एक समुदाय को टारगेट करना चाहते हैं।
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    एमपी में सरकार की असफलताओं को छिपाने और सत्ता को बचाने के लिए धार्मिक उन्माद भड़काया जा रहा है : संयुक्त विपक्ष 
    21 Apr 2022
    गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयान असंवैधानिक, आपराधिक, उकसावे वाले तथा सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ाने और सांप्रदायिक तत्वों को शह देने वाले होते हैं।"
  • सबरंग इंडिया
    पीएम मोदी के खिलाफ ट्वीट करने पर जिग्नेश मेवाणी गिरफ्तार
    21 Apr 2022
    वडगाम विधायक को गुजरात के बनासकांठा से गिरफ्तार कर उन्हें असम ले जाया जाएगा
  • सबरंग इंडिया
    जब जहांगीरपुरी में बुलडोज़र के सामने खड़ी हो गईं बृंदा करात...
    21 Apr 2022
    74 वर्षीय सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो सदस्य से नेतृत्व का सबक लेने की जरूरत, जिनके साहसिक कार्य ने एक अस्थिर स्थिति को बढ़ने से रोकने में मदद की
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License