NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अगर गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने वाला फ़ैसला आता है, तो एक ही जेंडर में शादी करने जैसे दूसरे अधिकार भी ख़तरे में पड़ सकते हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 May 2022
america
गर्भपात तक पहुंच सुनिश्चित करवाने के लिए चलाया जा रहा आंदोलन लंबे वक़्त से महिला स्वास्थ्य सुरक्षा अधिनियम (WHPA) को पारित किए जाने की मांग कर रहा है, जिससे गर्भपात पर लगाए गए तमाम प्रतिबंध गैरकानूनी हो जाएंगे। (फोटो: लोरी शाउल)

पोलिटिको मैगज़ीन ने सोमवार रात को सुप्रीम कोर्ट के गर्भपात से जुड़े एक फ़ैसले के मसौदे को प्रकाशित किया, जिसके बाद पूरे अमेरिका और डेमोक्रेटिक पार्टी में भूचाल आ गया है। सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मसौदे में 1973 में "रोए बनाम् वेड" केस में दिए गए फ़ैसले को पलटा जा रहा है। रोए बनाम् वेड केस में गर्भपात का अधिकार महिलाओं को दिया गया था।

यह मसौदा जस्टिस सेमुएल अलिटो ने लिखा है, जिसे कोर्ट पैनल में शामिल चार दक्षिणपंथियों ने समर्थन दिया है। कोर्ट पैनल में रूढ़िवादियों का 6-3 का बहुमत है। अलीटो ने 10 फरवरी को मसौदे में लिखा, "रोए शुरुआत से ही बहुत गलत था।" 

कोर्ट ने माना है कि प्रकाशित किया गया मसौदा सही है, लेकिन कोर्ट ने यह भी कहा है कि यह "कोर्ट के किसी फ़ैसले या इस केस में वर्णित मुद्दे पर किसी सदस्य की आखिरी स्थिति का प्रतिनिधित्व नहीं करता।" माना जा रहा है कि जून के आखिर तक इस पर फ़ैसला नहीं आएगा।

जैसे ही यह मसौदा लीक हुआ, ओकलाहोमा के गवर्नर केविन स्टिट ने मंगलवार को एक विधेयक पारित किया, जो गर्भधारण करने के 6 महीने बाद गर्भपात को गैरकानूनी बनाता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, स्टिट ने कहा, "मैं पूरे देश में ओकलाहोमा को सबसे ज़्यादा जीवन समर्थक राज्य बनाना चाहता हूं, क्योंकि मैं चालीस लाख ओकलाहोमा के लोगों का प्रतिनिधित्व करता हूं, जो अजन्मे बच्चे को बचाना चाहते हैं।"

संभावना है कि अगर कोर्ट ने इसे अवैधानिक बताया तो करीब़ 26 राज्य आंशिक या पूर्ण गर्भपात प्रतिबंध ला सकते हैं। कुछ रिपब्लिकन शासित राज्य तो गर्भपात के लिए यात्रा किए जाने को भी प्रतिबंधित बना सकते हैं।

द गार्डियन के मुताबिक़, अलाबामा जाने से पहले ज्वाइंट बेस एंड्रयूज़ में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कोर्ट के अस्थायी मत को "अतिवादी" बताते हुए कहा कि गर्भपात पर प्रतिबंध अमेरिकी न्यायशास्त्र में एक बुनियादी बदलाव का प्रतिनिधि होगा और इससे निरोध तक पहुंच व एक ही लिंग में शादी करने के साथ-साथ दूसरे अधिकारों का हनन होगा। 

बाइडेन ने कहा, "इसका मतलब होगा कि निजता के विचार से जुड़ा हर दूसरा फ़ैसला सवालों के घेरे में आ जाएगा- आपकी ज़िंदगी में आप जो भी फ़ैसले करते हैं, आप किससे शादी करते हैं, क्या आप बच्चा पैदा करना चाहते हैं या नहीं, क्या आपको गर्भपात करवाना चाहिए या नहीं या आप अपने बच्चे की परवरिश कैसे करते हैं, इससे जुड़े कई फ़ैसले सवालों के घेरे में होंगे।

बाइडेन ने यह महूसस करते हुए कि गर्भपात मध्यावधि चुनाव में एक मुद्दा हो सकता है, मंगलवार को मतदाताओं से कहा कि वे ऐसे प्रतिनिधियों का चुनाव करें, जो महिला अधिकारों का समर्थन करते हों। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, बाइडेन ने कहा, "अगर कोर्ट रो केस में आए फ़ैसले को पलटता है, तो यह हमारे देश में तमाम तरह की सरकारों में चुने हुए अधिकारियों पर निर्भर करेगा कि वे कैसे महिला के चुनाव के अधिकार की रक्षा करते हैं। अब यह मतदाताओं पर निर्भर है कि वे इस साल नवंबर में ऐसे लोगों का चुनाव करें।"

बाइडेन ने आगे कहा, "संघीय स्तर पर हमें इस अधिकार के समर्थन करने वाले ज़्यादा सीनेटरों और हाउस में ज़्यादा बहुमत की जरूरत है, ताकि ऐसा कानून बनाया जा सके, जो रो में आए फ़ैसले का संहिताकरण कर सके, जिसे पारित करवाने और कानून में बदलने के लिए मैं काम करूंगा।" हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव (निचला सदन) और सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुत कम अंतर का बहुमत है, ऐसी संभवना है कि नवंबर में होने वाले चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी दोनों सदनों में यह बहुमत हासिल कर लेगी। 

अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी इसी अंदाज में बात करते हुए कोर्ट के संभावित मत को निजा के अधिकार और महिला अधिकारों के लिए ख़तरा बताया। उन्होंने कहा, "अमेरिकी लोगों के अधिकार ख़तरे में हैं। अगर निजता के अधिकार को कमज़ोर किया गया, तो हर व्यक्ति को ऐसे भविष्य का सामना करना पड़ सकता है, जहां सरकार संभावित तौर पर हर उस व्यक्तिगत फ़ैसले में हस्तक्षेप कर सकती है, जो अपने जीवन के बारे में आप लेते हैं। यह महिलाओं और अपने देश के लिए पूरी ताकत से लड़ने का वक़्त है।" 

न्यूयॉर्क की महिला सीनेटर अलेक्सानड्रिया ओकासियो कॉर्टेज ने चेतावनी देते हुए कहा कि गे शादियां और नागिरक अधिकारों को आगे निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "वे लोग रो केस के आधार निजता के अधिकार के लिए आ रहे हैं, जिसमें गे शादियां और नागरिक अधिकार भी शामिल हैं।"

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी मिशेल ओबामा ने भी एक साझा वक्तव्य जारी किया। उन्होंने कहा, "यह फ़ैसला ना केवल महिलाओं के लिए आघात होगा, बल्कि हम सभी के लिए यह नुकसानदेह होगा जो एक स्वतंत्र समाज में यकीन करते हैं, इस चीज की सीमा है कि सरकार हमारी निजी जिंदगी में कितना दखल दे सकती है।"

कोर्ट के बाहर पहुंचकर डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वारेन ने कहा कि वे "नाराज, दुखी और दृढ़निश्चयी हैं।" उन्होंने कहा, "रिपब्लिकन इस दिन के लिए दशकों से काम कर रहे थे... वे लोग साजिश रच रहे थे, सावधानी के साथ इन सुप्रीम कोर्ट न्यायधीशों की उपज लगा रहे थे, ताकि बेंच में उनका बहुमत हो सके, जिससे इस तरह की चीज की जा सके, जिसे अमेरिका का बहुमत नहीं चाहता।"

मंगलवार को जारी वक़्तव्य में बाइडेन और उनके प्रशासन ने कोर्ट के सामने "रो बनाम् वेड" के पक्ष में मजबूत तर्क दिया, इसके लिए उन्होंने "संविधान के चौदहवें संशोधन के व्यक्तिगत स्वतंत्रता के विचार" को बेहद निजी फ़ैसलों में सरकारी हस्तक्षेप के खिलाफ़ स्त्रोत् के तौर पर पेश किया।

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि किसी महिला का चुनाव का फ़ैसला बुनियादी अधिकार है। रो मामले में आया फ़ैसला पिछले 50 साल से अमेरिका का कानून रहा है और हमारे कानून की बुनियादी निष्पक्षता और स्थिरता यह मांग करती है कि इसे पलटा ना जाए।"

अगर कोर्ट ने रो केस में आए फ़ैसले को पलटा, तो अपने सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में बताते हुए बाइडेन ने कहा, "टेक्सास अधिनियम एसबी 8 और दूसरे ऐसे कानूनों के लागू होने के बाद, जो महिला के प्रजनन अधिकारों को बाधित करते थे, मैंने अपनी लैंगिक नीति परिषद और व्हाइट हाउस काउंसेल ऑफ़िस को सुप्रीम कोर्ट के सामने लंबित पड़े मामलों में गर्भपात और प्रजनन अधिकारों पर हो रहे हमलों की प्रतिक्रिया तैयार करने को कहा।"

अगर कोर्ट रो के फ़ैसले को पलटता है तो "यह हमारे देश में सभी स्तर की सरकारों के चुने हुए अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे एक महिला के चुनाव के अधिकार की रक्षा करें।" मतदाताओं से ज़्यादा से ज़्यादा प्रजनन अधिकार समर्थक प्रतिनिधियों और सांसदों का चुनाव करने की अपील करते हुए बाइडेन ने कहा, "संघीय स्तर पर हमें इस अधिकार के समर्थन करने वाले ज़्यादा सीनेटरों और हाउस में ज़्यादा बहुमत की जरूरत है, ताकि ऐसा कानून बनाया जा सके, जो रो में आए फ़ैसले का संहिताकरण कर सके, जिसे पारित करवाने और कानून में बदलने के लिए मैं काम करूंगा।"

कोर्ट के मसौदे ने गर्भपात समर्थक और गर्भपात अधिकार विरोधी, दोनों ही तरह के लोगों को कोर्ट के बाहर आने पर मजबूर किया और न्यूयॉर्क सिटी, बॉस्टन, नाशविले, न्यू ऑरलीन्स के साथ-साथ दूसरे शहरों में बड़े प्रदर्शन हुए।

गर्भपात अधिकार समर्थकों ने कोर्ट के बाहर तख़्तियां टांग रखी थी, जिन पर लिखा था, "जस्टिसेज़ गेट आउट ऑफ़ माय वेजाइना (न्यायधीशों मेरी योनी से बाहर निकलो- यहां यह बताने की कोशिश है कि प्रजनन का फ़ैसला, संबंधित महिला का खुद का होता है, क्योंकि प्रजनन करने वाला शरीर उसका खुद का है, यहां न्यायधीशों का इसमें कोई किरदार नहीं होना चाहिए), "लीगल अबॉर्शन वंस एंड फॉर ऑल (एक बार में हमेशा के लिए गर्भपात को वैधानिक किया जाए)", "हम वापस नहीं जाएंगे"। यह लोगो नारे लगाते हुए कह रहे थे, "गर्भपात स्वास्थ्य सुविधा है।" जबकि गर्भपात के विरोधी नारे लगाते हुए कह रहे थे, "हे हे, हो हो, रो वर्सेज़ वेड हेज़ टू गो (रो वर्सेज़ हेड के मामले में दिए गए फ़ैसले को वापस जाना होगा)"

कोर्ट के बाहर वुडब्रिज की हेली लुंड ने द गार्डियन से कहा, "यह मुझे डराता है। मैं सो नहीं सकी, इसलिए मुझे लगा कि मुझे यहां आना चाहिए। इससे हर किसी के लिए एक बाढ़ सी आ जाएगी.... जैसे निजता के अधिकार, कानून की प्रक्रिया, वह अधिकार जिसमें हम तब तक निर्दोष रहते हैं, जब तक दोषी साबित नहीं हो जाते। अगर रो केस में आया फ़ैसला वापस लिया जाता है, तो यह सारी चीजें भी खत्म हो सकती हैं।"

हालांकि पोल और सर्वे में साफ़ दिखता है कि गर्भपात के अधिकार के लिए अमेरिका जनता में स्पष्ट बहुमत है, लेकिन ईसाई और रूढ़ीवादी समूह इसे ख़त्म करने के लिए अभियान चला चुके हैं।

रिपब्लिकन पार्टी के लोगों ने मसौदे का स्वागत किया, जबकि लीक की निंदा की। मिसूरी के रिपब्लिकन सांसद जोश हाली ने मसौदे को "बेहद तार्किक और नैतिक तौर पर ताकतवर" बताया।

जबकि महिला अधिकारों के लिए अभियान चलाने वालों ने मसौदे की निंदा की। महिला अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले समूह एमलीज़ लिस्ट की अध्यक्ष लाफोंजा बटलर ने कहा, "अब यह वक़्त आ गया है कि हर उस प्रतिनिधि के खिलाफ़ मतदान किया जाए, जो फ़ैसला लेने के महिला अधिकार के खिलाफ़ खड़ा होता है।"

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Leaked Supreme Court Draft on Abortion ban Jolts America

abortion
US supreme court
Joe Biden
midterm elections
Women Rights
leaked draft
Roe v Wade case
POLITICO
Democratic Party
republican party
Democrats
Republicans
GOP
Justice Samuel Alito

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

विशेष: क्यों प्रासंगिक हैं आज राजा राममोहन रॉय

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?


बाकी खबरें

  • Pishach Mochan
    विजय विनीत
    अंधविश्वास: बनारस के पिशाचमोचन में सजी भूतों की मंडी, परेशान लोगों को लूटने-खसोटने में जुटे दलाल और ठग
    24 Sep 2021
    वाराणसी स्थित पिशाचमोचन मोहल्ले में हर साल पितृ पक्ष में बकायदा भूतों की मंडी लगती है। यह अनोखी मंडी इन दिनों सज गई है। भूतों को बैठाने के नाम पर मोल-भाव शुरू हो गया है। भूतों से मुक्ति दिलाने के नाम…
  • Rajasthan
    रोसम्मा थॉमस
    राजस्थानः चरवाहे बोले ‘अनचाहे’ ऊंटों के लिए ऊंटशाला एक बुरा विचार  
    24 Sep 2021
    राज्य की नीतियां प्रायः ऊंट के चरवाहों से बिना उनकी राय लिए ही बना ली जाती हैं और ये ऐसे समय में नफा से ज्यादा नुकसान कर रही हैं, जब राज्य में ऊंटों की तादाद घट रही है। 
  • Bharat Bandh
    रवि कौशल
    भारत बंद: ‘उड़ीसा में न्यूनतम समर्थन मूल्य ही अब अधिकतम मूल्य है, जो हमें मंज़ूर नहीं’
    24 Sep 2021
    किसानों के आन्दोलन से उत्साहित उड़ीसा के किसान भी अब राज्य के ‘सबसे बड़े’ बंद की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पश्चिम उड़ीसा कृषक समन्वय समिति के नेता लिंगाराज प्रधान कहते हैं, यहाँ के किसान भी अब एक…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 31,382 नए मामले, 318 मरीज़ों की मौत
    24 Sep 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.89 फ़ीसदी यानी 3 लाख 162 हो गयी है।
  • Assam
    महिबुल हक़
    असम: दशकों से खेती कर रहे मुस्लिम किसान दरांग ज़िले में अपनी ही ज़मीन से बेदखल, गोलीबारी में तीन की मौत
    24 Sep 2021
    गोरुखुटी में एक 'कृषि परियोजना' शुरू करने की भाजपा सरकार की योजना के चलते घरों को ध्वस्त किया गया है और तक़रीबन 5,000 लोग विस्थापित हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License