NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
लखनऊ में हिन्दू समाज पार्टी के नेता की हत्या, समर्थकों का हंगामा, बसों में तोड़फोड़
लखनऊ के कैंट इलाके में सोमवार 21 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान होना है और उससे पहले ही लखनऊ की फ़ज़ा ख़राब हो गई है। शुक्रवार को यहां दिनदहाड़े हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई जिसके बाद उनके समर्थक उत्तेजित हो गए और उन्होंने कथित तौर पर दुकाने बंद कराते हुए तोड़फोड़ भी की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Oct 2019
lucknow

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नाका क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी (50) के घर मे मेहमान बन कर आए दो लोगों ने उनकी निर्ममता से गला रेतकर हत्या कर दी है। हत्या के बाद अपराधी आराम से फरार हो गए।

भीड़भाड़ वाले नाका क्षेत्र इलाके मे दिन दिहाड़े हुए इस हत्याकांड की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जहाँ लहुलुहान हालात में कमलेश तिवारी को किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज ट्रामा सेन्टर पहुंचाया गया। वहाँ मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

kamlesh tiwari.jpg

मृतक कमलेश तिवारी। फाइल फोटो साभार : आउटलुक

नाका क्षेत्र में दिन दिहाड़े हुई हत्या की घटना के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार की दोपहर कमलेश तिवारी अपने घर में थे, तभी दो लोग उनसे मिलने आए थे। कमलेश तिवारी के घर मे काम करने वाले ब्रजराज सिंह ने घर आए दोनों अतिथियों को बैठाया। कमलेश तिवारी इन दोनों लोगों से बात कर थे। इस बीच कमलेश ने ब्रजराज को बाहर से सिगरेट मंगाने के लिए भेज दिया।

इसी बीच उनसे मिलने आए लोगों ने कथित तौर पर किसी धारदार हथियार से कमलेश के गले पर वार कर दिया। हमलावरों के हमले से कमलेश तिवारी वहीं ज़ख़्मी होकर गिर गए। हमलावर ब्रजराज के वापस आने से पहले फ़रार हो गये।

घर लौटकर बृजराज ने कमलेश तिवारी को ज़ख़्मी हालात में देखा और शोर मचाया तो घर के लोगों के अलावा पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे।

स्थानीय पुलिस के अनुसार कमलेश तिवारी की हत्या के पीछे प्रथम दृष्टया कोई आपसी दुश्मनी प्रतीत हो रही है। सूत्रों ने बताया की कमलेश तिवारी की सुरक्षा में दो गनर भी तैनात थे। लेकिन जिस समय ये घटना हुई उनका एक गनर सो रहा था जबकि दूसरा छुटटी पर था।

कमलेश तिवारी, पूर्व में हिन्दू महासभा से जुड़े रहे हैं। बाद में उन्होंने अपनी

हिन्दू समाज पार्टी बना ली। उनका विवादों से पुराना नाता रहा है। आपको बता दें कि वह अभी कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आये थे। उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग भी की थी।

अपने नेता की हत्या की ख़बर मिलते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र होना शुरू हो गए। इन लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस के पास लखनऊ-सीतापुर मार्ग जाम कर दिया। इसके अलावा परिवहन विभाग की बसों में तोड़फोड़ की और ज़बर्दस्ती दुकाने बंद करवाईं।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तमाम लोग सक्रिय हो गए। कई तरह की अफवाहें भी उड़ने लगीं। हालांकि इसे नियंत्रित करने के लिए सोशल मीडिया की निगरानी रखी जा रही है।

cctv.jpg

सीसीटीवी में नज़र आए इन लोगों को हत्या का आरोपी कहा जा रहा है। फोटो साभार : हिन्दुस्तान

पुलिस ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमे बनाई हैं। हत्यारों की पहचान करने के लिए घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरो की जांच की जा रही है।बताया जा रहा है कि हत्यारे भगवा कपड़ों में आए थे। फिलहाल नाका थाना क्षेत्र के खुर्शीद बाग इलाके को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस छावनी मे तब्दील कर दिया गया है।

पुलिस पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए है क्योंकि लखनऊ में 21 अक्टूबर को कैंट विधानसभा में उपचुनाव भी होना है।

आपको बता दें कि लखनऊ कैंट से विधायक रहीं रीता बहुगुणा इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर इस समय केंद्र में मंत्री हैं। उनके इस्तीफे के बाद खाली हुई इस प्रतिष्ठित कैंट विधानसभा सीट पर 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ यूपी की अन्य 10 सीटों पर भी उपचुनाव के लिए मतदान होगा। वोटों की गिनती हरियाणा और महाराष्ट्र के साथ ही 24 अक्टूबर को होगी।

Lucknow
Hindu Samaj Party
Hindu Samaj Party leader Kamlesh Tiwari murder
yogi sarkar
Yogi Adityanath

Related Stories

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पीएम को काले झंडे दिखाने वाली महिला पर फ़ायरिंग- किसने भेजे थे बदमाश?

यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के लिए कौन ज़िम्मेदार है?


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License