NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
माल्या प्रकरण : वित्तमंत्री अरुण जेटली को तत्काल इस्तीफा क्यों देना चाहिए!
अब सबसे महत्वपूर्ण बात समझिए जिसे इस देश का गोदी मीडिया आज दबा कर बैठा हुआ है और यह हिम्मत नहीं कर पा रहा है कि मोदी सरकार से पूछ ले कि आखिर माल्या के खिलाफ जो मूल लुकआउट नोटिस जारी किए गए थे उसे वापस क्यों लिया गया ?
गिरीश मालवीय
13 Sep 2018
mallya, jaitley
image courtesy:Indian express

कल विजय माल्या ने जो लंदन आने से पहले अरुण जेटली से हुई मुलाकात के बारे में कहा है वह अब एक ओपन ट्रूथ है, बहुत से लोगों को लगता है कि माल्या के मुद्दे पर राहुल गाँधी जो जेटली के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं वह सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाने के लिए ऐसा कर रहे हैं लेकिन सच्चाई तो यह है कि माल्या ने कल वही बात बोली है जो कांग्रेस प्रवक्ताओ ने 2016 में माल्या के लंदन भागने के ठीक बाद में बोली थी।

उस वक्त कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए कहा था कि 2 मार्च 2016 को माल्या के लंदन जाने से ठीक एक दिन पहले 1 मार्च 2016 को माल्या ने वित्त मंत्री अरुण जेटली और वित्त मंत्रालय के कुछ अफसरों से मुलाकात की थी, उसके बाद वे विदेश भाग गए, क्या जेटली ने इस मुलाकात के बारे में प्रधानमंत्री मोदी को बताया?, मुलाकात में क्या बातें हुईं? क्या जेटली मुलाकात का ब्योरा संसद को देंगे ?

अब सबसे महत्वपूर्ण बात समझिए जिसे इस देश का गोदी मीडिया आज दबा कर बैठा हुआ है और यह हिम्मत नहीं कर पा रहा है कि मोदी सरकार से पूछ ले कि आखिर माल्या के खिलाफ जो मूल लुकआउट नोटिस जारी किए गए थे उसे वापस क्यों लिया गया ?

और लुकआउट नोटिस के संदर्भ को ध्यान में रखते हुए आप खुद सोचिए कि माल्या आज यह कहता है कि मैंने लंदन जाने से पहले जेटली को यह बताया था कि 'मैं लंदन जा रहूं हूँ' तो इस बात का क्या मतलब है ?

दरअसल विजय माल्या के खिलाफ सीबीआई ने जुलाई 2015 में खुद ही आईडीबीआई बैंक लोन मामले में भ्रष्टाचार और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

2 मार्च 2016 की तारीख में सीबीआई को पता था कि विजय माल्या लंदन जा रहे हैं, यहाँ तक कि एयरपोर्ट से इमिग्रेशन ने सीबीआई को बताया भी था कि माल्या जा रहे हैं लेकिन सीबीआई ने माल्या के जाने पर कोई आपत्ति नहीं की तो आप अंदाजा लगाइये कि ऐसा किसके आदेश पर कहा गया होगा ?

सच्चाई यह है कि सीबीआई ने अक्टूबर 2015 में माल्या के नाम लुकआउट नोटिस यानी देश से जाते समय पकड़ लेने का नोटिस जारी किया था लेकिन एक महीने बाद नंवंबर में वो नोटिस वापस ले लिया था ओर लुक आउट नोटिस में बदलाव कर कहा गया कि अगर विजय माल्या देश से बाहर जाने की कोशिश करें तो सीबीआई को जानकारी दी जाए और ये भी बताया जाए कि वो कहां गए हैं ओर इसी आधार पर सीबीआई को 2 मार्च को ये पता चला था लेकिन सीबीआई ने कहा..........'जाने दो'

लुकआउट नोटिस में ऐसा चेंज किसके इशारे पर किया गया समझना मुश्किल नही है!

इस बात के भी बहुत से सुबूत मिल जाएंगे कि माल्या के संबंध जेटली से बड़े घनिष्ठ थे जब माल्या लंदन में थे तो उन्होंने एक पत्र मोदी और जेटली को लिखा था और वह पत्र ट्विटर पर साझा भी किया था। माल्या लिखते हैं 'मैंने 15 अप्रैल 2016 को पीएम मोदी और वित्त मंत्री जेटली को पत्र लिखा था। इस चिट्ठी को सार्वजनिक कर रहा हूं ताकि चीजें सही परिपेक्ष्य में आ सकें। माल्या ने ट्विट पर बताया कि मोदी और जेटली दोनों में से किसी का भी इस पत्र का जवाब नहीं आया'

ये तो हुई अरूण जेटली के साफ साफ दिख रही इन्वॉल्वमेंट की बात , अब आप यह समझिए कि माल्या के केस में मोदी सरकार कितनी गंभीर है और कितनी तत्परता से कार्यवाही कर रही है.......

भगोड़े माल्या को लंदन में रहते ढाई साल होने वाले हैं लेकिन वित्‍त मंत्रालय को अब तक इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि किंगफिशर के मालिक विजय माल्‍या ने कितना लोन लिया है ?

सेंट्रल इंफॉरेमेंशन कमिशन यानी सीआईसी को दिए एक जवाब में मंत्रालय ने कहा है कि उसके पास माल्‍या का कोई लोन रिकॉर्ड नहीं है वित्त मंत्रालय की यह दलील मोदी सरकार के पारदर्शिता के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

यह जानना भी आपके लिए आल्हादकारी अनुभव साबित होगा कि वास्तविक रूप में माल्या की संपत्ति की नीलामी से कितनी रकम सरकार को प्राप्त हुई है। 21 मार्च को केंद्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री संतोष गंगवार ने संसद को बताया था कि सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंक की जानकारी के मुताबिक माल्‍या की संपत्ति की ऑनलाइन नीलामी से अभी तक सिर्फ 155 करोड़ रुपये ही हासिल हो पाए हैं।

और ऐसा इसलिए भी है क्योंकि मोदी सरकार बेनामी संपत्तियों के मामलों के निपटान के लिए नया कानून बनाने के डेढ़ साल बाद अभी इन मामलों की सुनवाई के लिए जरूरी जुडिशल अथॉरिटी का गठन ही नहीं कर पाई, जबकि संबित पात्रा सरीखे प्रवक्ता टीवी पर ताल ठोकते हुए पाए जाते हैं कि नए कानून के तहत माल्या सरीखे डिफाल्टर की बेनामी संपत्ति मोदी सरकार तेजी से जब्त कर रही है। हकीकत यह है कि इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के लागू होने के बाद कुर्क हुईं 860 संपत्तियों में 780 के मामले अभी तक लंबित हैं।

सच तो यह है कि मोदी जी ओर जेटली के खाने के दांत कुछ ओर हैं और दिखाने के कुछ और, इसलिए जब माल्या के बयान से सच्चाई सामने आ गयी हैं तो कम से कम जेटली को तो तुरंत वित्तमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए........

 

(गिरीश मालवीय के फेसबुक पेज से साभार)

Vijay Mallya
Arun Jaitley
Narendra modi
Bank Fraud

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • covid
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटो में क़रीब ढाई लाख नए मामले, एक्टिव मामले 11 लाख के पार 
    13 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,47,518 नए मामले सामने आए हैं। और एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 11 लाख 17 हज़ार 531 हो गयी है।
  • election
    अजय कुमार
    चंद रुपए खाते में डालकर वोट हड़पने की रणनीति आम क्यों हो गई है?
    13 Jan 2022
    चंद रुपए खाते में डालने और चंद राहतें पहुंचाने वाली भाजपा, आम आदमी पार्टी से लेकर समाजवादी पार्टी की रणनीति का क्या मतलब है?
  •  Catholic Association of Goa
    सबरंग इंडिया
    कैथोलिक एसोसिएशन ऑफ गोवा ने अधिकारियों से सेंट जोसेफ वाजो पर्व के दौरान शांति सुनिश्चित करने को कहा
    13 Jan 2022
    पारंपरिक उत्सव 16 जनवरी को आयोजित होने वाला है, हालांकि, ऐसी आशंकाएं हैं कि कुछ "दक्षिणपंथी संगठन शरारत कर सकते हैं"
  • KHOJ KHABER
    खोज ख़बर: स्वामी प्रसाद मौर्य तो झांकी है, पिक्चर अभी बाक़ी है, मोदी जी?
    12 Jan 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने भाजपा नेता, योगी सरकार में मंत्री ओबीसी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफ़े को पिछले कुछ समय से भाजपा का साथ छोड़ रहे नेताओं की घटना के साथ जोड़ते हुए बताया…
  • कोरोना काल में भी वेतन के लिए जूझते रहे डॉक्टरों ने चेन्नई में किया विरोध प्रदर्शन
    एम.ओबैद
    कोरोना काल में भी वेतन के लिए जूझते रहे डॉक्टरों ने चेन्नई में किया विरोध प्रदर्शन
    12 Jan 2022
    कोरोना काल में अपनी जान की बाज़ी लगा देने वाले डॉक्टरों को वेतन भुगतान में देरी को लेकर जूझना पड़ा है। यह सिलसिला अब भी जारी है। चेन्नई के डॉक्टरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला जिसकी वजह से उन्हें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License