NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मातृत्व अवकाश के बाद नौकरी देने में आनाकानी पर कोर्ट सख़्त
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के आत्म सम्मान और गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए और काम करने वाली गर्भवती महिलाएं के प्रति नियोक्ताओं की सहानुभूति होनी चाहिए।
मुकुंद झा
14 Dec 2018
मातृत्व अवकाश के बाद नौकरी देने में आनाकानी पर कोर्ट सख़्त

देश में कड़े कानून होने के बावजूद आज भी कामकाजी महिलाओं को तरह-तरह से परेशान और प्रताड़ित किया जाता है। आपने देखा होगा  कि सभी क्षेत्रों में किस तरह से महिलाओं को समान काम का समान वेतन नहीं दिया जाता। साथ ही उनके एक कर्मचारी के तौर पर जो कानूनी अधिकार हैं वो भी नहीं दिए जाते जैसे गर्भावस्था के दौरान या उसके बाद मिलने वाला मातृत्व अवकाश। हमने देखा है इस दौरान उन्हें नौकरी तक से निकाल दिया जाता है। निजी क्षेत्र में तो ऐसा होना आम बात हो गया है  लेकिन सरकारी विभाग भी इससे अछूते नहीं है।

अभी जो मामला प्रकाश में आया है वो बहुत ही चौंकने वाला है, क्योंकि दिल्ली सरकार का शिक्षा विभाग एक महिला को मां बनने के बाद नौकरी देने में आनाकानी कर रहा था जिसको लेकर महिला दिल्ली हाईकोर्ट गईं। बुधबार को दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई और साथ ही दो हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि महिला की सेहत को ध्यान में रखते हुए उसे स्कूल में नौकरी दी जाए।

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के आत्म सम्मान और गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए और काम करने वाली गर्भवती महिलाएं के प्रति नियोक्ताओं की सहानुभूति होनी चाहिए।

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कान्त ने कहा महिला जो हमारे समाज का आधा हिस्सा है उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए वो इसकी हक़दार है,  जिससे वो अपना आजीविका कमा सके।

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में आगे कहा "एक महिला का माँ बनना उसके जीवन की प्राकृतिक घटना है। किसी भी महिला को नौकरी में रहते हुए बच्चे के जन्म की सुविधा के लिए जो कुछ भी आवश्यक है, नियोक्ता को उसके प्रति विचारशील और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए और शारीरिक कठिनाइयों का एहसास होना चाहिए जिसका काम करने वाली महिला को कार्यस्थल पर अपना कर्तव्यों का पालन करने में सामना करना पड़ेगा चाहे गर्भ में बच्चा या जन्म के बाद बच्चे की देखभाल करते समय, इस सबका ध्यान नियोक्ता को रखना चाहिए। "

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, दिल्ली में पिछले साल 2017–18 के शैक्षणिक सत्र के लिए योगिता चौहान नाम की एक महिला का गेस्ट टीचर के लिए सलेक्शन हुआ था जिसके लिए उनके दस्तवेजों का सत्यापन भी हुआ था और फिर इसी साल जनवरी में सर्जरी के जरिये उनकी डिलीवरी हुई। 1 फरवरी को उन्हें ज्वॉइन करने के लिए कहा गया और दोबारा दस्तवेज के साथ शिक्षा निदेशालय के ऑफिस बुलाया गया। इस बात के बावजूद कि कुछ दिनों पूर्व ही सर्जरी के मध्यम से उन्होंने बच्चे को जन्म दिया था। वे पहुंची लेकिन जब वे पहुंची तो उनको अनुपस्थित दिखाकर बाद में आने के लिए कहकर टरका दिया गया। योगिता द्वारा पूछे जाने पर कि उन्हें ज्वाइन क्यों नहीं कराया  जा रहा है तो अधिकारियों ने कहा कि अभी जिस पद के लिए उन्होंने आवेदन दिया है उसमे जगह नहीं है, परन्तु जब योगिता ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी हासिल की तो पता चला कि अभी भी शिक्षा विभाग में 12 पद खाली थे परन्तु उनका सलेक्शन होने के बाद भी सरकारी अधिकारी ज्वॉइनिंग कराने में आनाकानी कर रहे थे तो योगिता न्याय के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुँची।

महिला संगठनों ने दिल्ली के हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि हमारी सरकारों को महिला को दोयम दर्जे का नागरिक नहीं समझना चाहिए। उन्हें मानव होने के मौलिक अधिकार देना चाहिए।

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष मैमुना मौल्ला ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि आमतौर पर जिन महिलाओं के बच्चे हैं, उन्हें या तो नौकरी नहीं दी जाती है या देने के बाद भी उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। इस मामले में भी यही हुआ है परन्तु कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा विभाग को कोई हक़ नहीं है कि उन्हें नौकरी न दे। उन्हें तत्काल नौकरी देनी चाहिए।

Delhi
delhi highcourt
women employ
AAP Govt
AIDWA

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?


बाकी खबरें

  • COVID, MSMEs and Union Budget 2022-23
    आत्मन शाह
    कोविड, एमएसएमई क्षेत्र और केंद्रीय बजट 2022-23
    07 Feb 2022
    बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए घोषित अधिकांश योजनायें आपूर्ति पक्ष को ध्यान में रखते हुए की गई हैं। हालाँकि, इसके बजाय हमें मौजूदा संकट से निपटने के लिए मांग-पक्ष वाली नीतिगत कर्रवाइयों की कहीं अधिक…
  • congress
    रवि शंकर दुबे
    सिद्धू की ‘बग़ावत’ पर चन्नी के 111 दिन हावी... अब कांग्रेस को कितना मिलेगा 'गुरु’ का साथ!
    07 Feb 2022
    राहुल गांधी ने अपने कहे मुताबिक पंजाब कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित कर दिया है, हालांकि लंबे वक्त से बग़ावत किए बैठे सिद्धू भी सरेंडर करते नज़र आए और हर फ़ैसले में राहुल गांधी का साथ…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी की पहली रैली cancel! विपक्ष का करारा हमला!
    07 Feb 2022
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज प्रधानमंत्री मोदी की रद्द हुई रैली पर बात कर रहे हैं। वहीं रैली रद्द होने पर जयंत चौधरी ने कहा है कि भाजपा को हार का डर सता रहा है।
  • राजेश टम्टा
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव 2022 : अल्मोड़ा की पहचान रहा ताम्र उद्योग पतन की ओर, कारीगर परेशान!
    07 Feb 2022
    कभी उत्तराखंड ही नहीं देश का गौरव रहे तांबा कारीगर आज अपने गुज़र-बसर के लिए मजबूर हो गए हैं। वर्तमान विधानसभा चुनाव में हर दल इस उद्योग को अल्मोड़ा की संस्कृति से जोड़ रहा है और उसे राज्य का गौरव बता…
  • patna
    सोनिया यादव
    बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'
    07 Feb 2022
    बीते सालों में मुज़फ़्फ़रपुर, पटना, मधुबनी समेत तमाम दूसरे शेल्टर होम से लड़कियों के भागने और रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब होने तक की खबरें सामने आईं, लेकिन शासन-प्रशासन इस सब के बाद भी कभी इस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License