सवाल ये है कि क्या मोदी सरकार को लोगों की इस पीड़ा से कोई फ़रक नहीं पड़ता ?
10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो ने साल में दूसरी बार अपना किराया बढ़ाया I न्यूज़क्लिक ने आम लोगों से इस बारे में बात की I लोगों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी पर इस फैसले का बहुत दुष्प्रभाव पड़ रहा है I 2002 में अपनी शुरुवात के साथ से ही मेट्रो लोगों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी का अहम हिस्सा बन चुकी है I सभी वर्गों के लोग इसका इस्तेमाल करते हैं , जिस वजह से किराये में बार-बार हो रही वृद्धि लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रही है I DMRC का कहना कि ये फैसला इसीलिये लिया गया है क्योंकि मेट्रो घाटे में चल रही है I दिल्ली सरकार, जो DMRC में आधी हिस्सेदारी रखती है, का कहना है कि वह इस फैसले के खिलाफ़ है, और सिर्फ केंद्र सरकार के कहने पर यह वृद्धि हुई है I सवाल ये है कि क्या मोदी सरकार को लोगों की इस पीड़ा से कोई फ़रक नहीं पड़ता ?
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