NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
महाराष्ट्र के पीजी मेडिकल कोर्स में ईडब्ल्यूएस को नहीं मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण
"ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दूसरों की कीमत नहीं दिया जा सकता है। जब तक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) अतिरिक्त सीटों का सृजन नहीं करता, यह कोटा लागू नहीं हो सकता"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 May 2019
suprim court

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को मेडिकल के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के 2019-20 शिक्षण वर्ष में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के महाराष्ट्र सरकार के आदेश पर गुरुवार को रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया के पिछले साल नवंबर में ही शुरू हो जाने के बाद राज्य सरकार इसे लागू नहीं कर सकती।

शीर्ष अदालत के आदेश से आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के कम से कम 25 उम्मीदवार प्रभावित होंगे। शीर्ष अदालत ने कहा कि भारतीय मेडिकल परिषद (एमसीआई) वर्तमान में उपलब्ध सीटों को छोड़ने के बजाय और ज्यादा सीटें उत्पन्न कर सकती है। जैसा कि अदालत ने कहा कि ईडब्ल्यूएस राज्य में मेडिकल पाठ्यक्रमों की मौजूदा सीटों पर लागू नहीं है। राज्य सरकार के वकील ने सरकार द्वारा पारित अध्यादेश का हवाला दिया लेकिन अदालत ने उस पर गौर नहीं किया।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की अवकाश पीठ ने कहा कि ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दूसरों की कीमत नहीं दिया जा सकता है। जब तक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) अतिरिक्त सीटों का सृजन नहीं करता, यह कोटा लागू नहीं हो सकता।
पीठ ने रेखांकित किया कि पीजी मेडिकल पाठ्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया नवंबर 2018 में शुरू हो गई थी जबकि ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए 103वां संविधान संशोधन जनवरी 2019 में पारित हुआ है।
पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने पीजी मेडिकल कॉलेजों में 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण मार्च 2019 में लागू किया।
पीठ ने कहा, ‘‘मौजूदा दाखिला प्रक्रिया में ईडब्ल्यूएस के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। खेल शुरू होने के बाद आप खेल का नियम नहीं बदल सकते हैं।’’    
       ( समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के साथ )

EWS
Supreme Court
ranjan gogoi
Maharashtra
medical callage

Related Stories

10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण अप्रमाणिक और निराधार: डेटा

दलितों को शिक्षा से वंचित करता ऑनलाइन एजुकेशन सिस्टम

4जी के दौर में 2जी: कश्मीरी छात्रों पर भारी पड़ता कभी न ख़त्म होने वाले लॉकडाउन

अध्ययन: मिड-डे मील योजना में स्कूलों के 2.95 करोड़ बच्चे गायब!

दिल्ली विश्वविद्यालय : शिक्षकों की Ad Hoc ज़िंदगी

क्यों है दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक हड़ताल पर?

कौन से राष्ट्र के निर्माण में पढ़ाई जाएगी आरएसएस की भूमिका?   

दिल्ली:आरएमएल अस्पताल को 100 सीटों के साथ एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी मिली

वाराणसी: कारमाइकल लाइब्रेरी ढहाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, योगी सरकार से मांगा जवाब

डीयू में EWS कोटे में आरक्षण को लेकर कई समस्याएं, पंजीकरण फीस में भी असमानता


बाकी खबरें

  • BJP
    अनिल जैन
    खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं
    01 May 2022
    राजस्थान में वसुंधरा खेमा उनके चेहरे पर अगला चुनाव लड़ने का दबाव बना रहा है, तो प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया से लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इसके खिलाफ है। ऐसी ही खींचतान महाराष्ट्र में भी…
  • ipta
    रवि शंकर दुबे
    समाज में सौहार्द की नई अलख जगा रही है इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा
    01 May 2022
    देश में फैली नफ़रत और धार्मिक उन्माद के ख़िलाफ़ भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) मोहब्बत बांटने निकला है। देशभर के गावों और शहरों में घूम कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं।
  • प्रेम कुमार
    प्रधानमंत्री जी! पहले 4 करोड़ अंडरट्रायल कैदियों को न्याय जरूरी है! 
    01 May 2022
    4 करोड़ मामले ट्रायल कोर्ट में लंबित हैं तो न्याय व्यवस्था की पोल खुल जाती है। हाईकोर्ट में 40 लाख दीवानी मामले और 16 लाख आपराधिक मामले जुड़कर 56 लाख हो जाते हैं जो लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट की…
  • आज का कार्टून
    दिन-तारीख़ कई, लेकिन सबसे ख़ास एक मई
    01 May 2022
    कार्टूनिस्ट इरफ़ान की नज़र में एक मई का मतलब।
  • राज वाल्मीकि
    ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना
    01 May 2022
    “मालिक हम से दस से बारह घंटे काम लेता है। मशीन पर खड़े होकर काम करना पड़ता है। मेरे घुटनों में दर्द रहने लगा है। आठ घंटे की मजदूरी के आठ-नौ हजार रुपये तनखा देता है। चार घंटे ओवर टाइम करनी पड़ती है तब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License