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महाराष्ट्र में दो लोगों को ‘जय श्रीराम’ बोलने को मजबूर किया गया
औरंगाबाद जिले में धार्मिक नारा नहीं लगाने को लेकर हफ्ते भर के भीतर दूसरी घटना सामने आई। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Jul 2019
Mob lynching
सांकेतिक तस्वीर

औरंगाबाद। महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में दो लोगों को कथित रूप से ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने को मजबूर किया गया जिसके बाद इलाके में स्थिति तनावपूर्ण हो गयी है। पुलिस ने सोमवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में शहर में यह दूसरी ऐसी घटना है।

इस संबंध में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि खाना ऑर्डर करने वाले ऐप जोमैटो के लिए काम करने वाले शेख आमिर और उसका दोस्त शेख नासिर रविवार को आजाद चौक पर ऑटो का इंतजार कर रहे थे। उसी वक्त चार-पांच लोग कार से आए और दोनों से झगड़ा शुरू कर दिया। 

उन्हें धार्मिक पहचान को लेकर गालियां दीं और ‘जय श्रीराम’ नहीं बोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। अधिकारी ने बताया कि दोनों ने डर की वजह से ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया।
बाद में कुछ राहगीरों को आते देख सभी कार सवार वहां से भाग खड़े हए।

आमिर और नासिर ने घटना की शिकायत पुलिस से की है। औरंगाबाद के पुलिस आयुक्त चिरंजीव प्रसाद ने कहा कि आरोपियों और उनके वाहन की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। उनके खिलाफ कड़ी कर्रवाई की जाएगी।

इससे पहले गुरुवार रात औरंगाबाद के बेगमपुर में भी इमरान इस्माइल पटेल की पिटाई की गई थी। वह होटल से काम करके वापस घर जा रहा था। जैसे ही वह मुजफ्फरनगर इलाके में पहुंचा, कुछ लोगों ने उसे रोका और जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए कहा। विरोध करने पर मारपीट की।

आपको बता दें कि मोदी सरकार जब से दोबारा सत्ता में आई है तब से जयश्री राम का नारा लगवाने को लेकर मारपीट या लिंचिंग किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। 

लोकसभा में भी जब एमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद चुने गए असदुद्दीन ओवैसी बतौर सांसद शपथ ले रहे थे तब भाजपा के कई सांसदों ने ‘जयश्री राम’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।

सबसे दुखद घटना झारखंड में हुई। पिछले महीने 18 जून को झारखंड के सरायकेला में एक 24 साल के मुस्लिम युवक तबरेज़ अंसारी को चोरी के आरोप में बेरहमी से पीटा गया था। इस दौरान उग्र हिंदुत्वादी भीड़ ने उससे जय श्रीराम के नारे भी लगवाए। बाद में तबरेज की मौत हो गई थी।

 

mob lynching
aurangabad
Maharastra
BJP
BJP-RSS
Hindutva

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