NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
समाज
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण के लिए अध्यादेश जारी, छात्रों का आंदोलन वापस
उच्चतम न्यायालय द्वारा एसईबीसी कोटा के तहत मराठा छात्रों को मिला आरक्षण रद्द किए जाने के बाद सरकार ने अध्यादेश का रास्ता अपनाया है। अदालत ने अपने आदेश में कोटा के तहत 253 छात्रों के दाखिले को रद्द कर दिया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 May 2019
Maharashtra
फोटो साभार: Firstpost

मुंबई।  महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को अलग से आरक्षण दे दिया गया है। महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने सोमवार को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) आरक्षण कानून, 2018 के तहत मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिए। इसी के साथ छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है।

मराठा समुदाय स्नातकोत्तर मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में आरक्षण चाहता है।

स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में छात्रों के दाखिलों को बरकरार रखने के लिए राज्य सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल ने अध्यादेश जारी किया।

उच्चतम न्यायालय द्वारा एसईबीसी कोटा के तहत मराठा छात्रों को मिला आरक्षण रद्द किए जाने के बाद सरकार ने अध्यादेश का रास्ता अपनाया है। अदालत ने अपने आदेश में कोटा के तहत 253 छात्रों के दाखिले को रद्द कर दिया था।

इससे पहले बंबई उच्च न्यायालय ने इस महीने की शुरूआत में कहा था कि मराठियों को 16 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था इस साल मेडिकल के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में लागू नहीं होगी।

आपको बता दें कि पिछले साल 30 नवंबर को महाराष्ट्र विधानमंडल ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) श्रेणी के तहत मराठों को 16 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान था।

उधर ये अध्यादेश जारी होने पर मंगलवार को कई स्नातकोत्तर छात्रों ने विरोध वापस ले लिया। पिछले दो हफ्ते से 250 छात्र यहां आजाद मैदान में धरने पर बैठे थे।

इस पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए आंदोलनकारी छात्रों ने एक बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार ने जो पहल की है उससे वह सब संतुष्ट हैं और इसलिए आंदोलन वापस लेने का निर्णय किया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Maharashtra
Maharashtra Seat Sharing
Student Protests
Reservation
Maratha reservation
sebc
student movement
student strike
upper castes reservation

Related Stories

उत्तराखंड : हिमालयन इंस्टीट्यूट के सैकड़ों मेडिकल छात्रों का भविष्य संकट में

यूपी चुनाव : छात्र संगठनों का आरोप, कॉलेज यूनियन चुनाव में देरी के पीछे योगी सरकार का 'दबाव'

पुडुचेरी विवि में 2 साल पहले के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 11 छात्रों को सज़ा

अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोध छात्र, अचानक सिलेबस बदले जाने से नाराज़

डीयू: कैंपस खोलने को लेकर छात्रों के अनिश्चितकालीन धरने को एक महीना पूरा

उत्तराखंड: NIOS से डीएलएड करने वाले छात्रों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति नहीं

नहीं पढ़ने का अधिकार

डीयू: एनईपी लागू करने के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्रों का विरोध

बिहार : मेरिट लिस्ट घोटाला के ख़िलाफ़ नौजवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री ने मानी गलती

इलाहाबाद विश्वविद्यालय: लाइब्रेरी खुलवाने के लिए धरने पर बैठे छात्रों को बल प्रयोग कर हटाया


बाकी खबरें

  • प्रवीण कुमार
    भाषा
    प्रवीण कुमार ने पैरालंपिक की टी64 ऊंची कूद में रजत पदक जीता
    03 Sep 2021
    अठारह वर्षीय कुमार ने पैरालंपिक में पदार्पण करते हुए 2.07 मीटर की कूद से एशियाई रिकार्ड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
  • लेखरा दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं
    भाषा
    लेखरा दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं
    03 Sep 2021
    निशानेबाज अवनि लेखरा ने टोक्यो खेलों की 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशन एसएच1 स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल किया। वे इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय…
  • कितना याद रखें, कितना मन को मनाएं और कितना भूलें? 
    पार्थ एस घोष
    कितना याद रखें, कितना मन को मनाएं और कितना भूलें? 
    03 Sep 2021
    इस बात को लेकर जरा भी विवाद नहीं है कि विभाजन की त्रासदी के शिकार लोगों एवं उनके परिजन हरेक भारतीय की सहानुभूति एवं समर्थन के हकदार हैं। 
  • एएस दुलता
    रश्मि सहगल
    ‘भारत एक पड़ोसी भी है, महज़ अमेरिकी समर्थन के सहारे नहीं रहा जा सकता'–एएस दुलता
    03 Sep 2021
    'अफ़ग़ानिस्तान में सभी को एक उपयुक्त जगह मिल गयी है, लेकिन, इसमें भारत के लिए क्या है?'- अफ़ग़ानिस्तान में भारत के रणनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ जाने पर रॉ के पूर्व प्रमुख ए.एस.दुलत के साथ साक्षात्कार।
  • जम्मू-कश्मीर: राज्य में लागू कड़े प्रतिबंधों के बीच जल्दबाज़ी में प्रशासन ने गिलानी का अंतिम संस्कार किया
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: राज्य में लागू कड़े प्रतिबंधों के बीच जल्दबाज़ी में प्रशासन ने गिलानी का अंतिम संस्कार किया
    03 Sep 2021
    हुर्रियत नेता के परिवार में कई लोगों का आरोप है कि उन्हें गिलानी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने से रोका गया, जबकि कई दोस्त और रिश्तेदारों का कहना है कि वे देर रात को उन्हें दफ़न किए जाने के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License