NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय: आनिश्चित काल के लिए हुआ बंद
शिक्षक संघ का कहना है कि उप-कुलपति ने अपनी जालसाज़ी को छिपाने के लिए विश्वविद्यालय को आनिश्चित काल के लिए बंद किया है|
मुकुंद झा
20 Aug 2018
Mahatama Gandhi Central University Motihari

बिहार के मोतिहारी के महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र के सहायक प्रोफेसर संजय कुमार से मारपीट और हत्या की कोशिश की घटना ने नया मोड़ आ गया है| इस मामले में पुलिस ने अभी तक दो आरोपीयों को गिरफ्तार किया है| वही गंभीर रूप से घायल संजय की लगातार बिगड़ती हालत देखकर रविवार को उन्हें नई दिल्ली के एम्स में रेफर कर दिया गया|

दूसरी तरफ मोतिहारी सेंट्रल यूनिवर्सिटी को कुलपति की ओर से रविवार को जारी एक आदेश के माध्यम से विश्वविद्यालय को 20 अगस्त से आनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है| कुलपति का कहना था कि विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं, शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है| लेकिन वहाँ के छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि ये फैसला केवल कुलपति की जालसाज़ी को छिपाने और उनके द्वार किये गए कृत्यों को दबाने के लिए किया जा रहा है|

इसे भी पढ़े : बिहार: केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को जिन्दा जलाने की कोशिश

शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष भानु प्रताप ने कहा कि “हमारे पास कुलपति की जालसाज़ी के संबंध में कई दस्तावेज हैं। वह अपने सभी जालसाज़ी को छिपाना चाहते थेI कई संकायों (डिपार्टमेंट) के शिक्षक और छात्र 29 मई से धरने पर बैठे थे। दरअसल कुलपति ने राजस्थान विश्वविद्यालय से पीएचडी की है, लेकिन एमएचआरडी को जमा किए गए कुलपति के आवेदन में हर दस्तावेज में उन्होंने हेडलबर्ग विश्वविद्यालय जर्मनी से पीएचडी का उल्लेख किया है| अपने कुलपति के आवेदन में उन्होंने 1989 में हेडेलबर्ग विश्वविद्यालय से पीएचडी का उल्लेख किया है, उन्होंने धोखा दिया है और उन्होंने एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किया है कि यदि उन्होंने कोई जानकारी गलत प्रदान की है तो उन्हें बिना किसी सूचना के नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है”।

भानु प्रताप आगे कहते है कि “अब उनको लगने लगा था कि उनकी जालसाज़ी सबके सामने आ गई है और उनका अपने पद और कुर्सी को बचा पाना संभव नहीं है तो सभी शक्तियों का दुरूपयोग करके मामले को दबाने की कोशिश में लगे हुए है| ये जो ‘साइन डाई’ लगाया है ये एक तरह का आपातकाल है, आमतौर पर लगाया नहीं जाता है,परन्तु प्रो संजय के साथ जो मारपीट हुई है उसमें कुलपति अरविंद अग्रवाल भी अभियुक्त हैं तो वे स्वंय को बचाने की हर कोशिश कर रहें है”|

छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा   

कुलपति का विश्वविद्यालय को आनिश्चित काल के लिए बंद करने का निर्णय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है| इस फैसले के साथ ही छात्रों को आज दोपहर 2 बजे तक का समय दिया गया था कि वो सभी छात्रावास को खाली कर दें| इसी को लेकर एक छात्र ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि अचानक ऐसा तुगलकी फरमान सुनकर वो परेशान है की वो क्या करे क्योंकि अभी कुछ दिनों बाद ही मिड टर्म की परिक्षाएँ होने वाली थी और वो और उसके सभी साथी परीक्षा की तैयारी कर रहे थेI उस बीच इस तरह के फैसले से वो असमंजस में है की आगे वो क्या करें? उनके मन में कई तरह के सवाल उठ रहे कि विश्विद्यालय दुवार खुलेगा भी या नहीं और अगर खुलेगा तो कब? ये सवाल उन्हें परेशान कर रहे इसका जबाब कोई नहीं दे रहे है|

शिक्षक संघ के सयुंक्त सचिव ने विश्वविद्यालय को बंद करने के कुलपति के फ़ैसले को गलत बताते हुएI उन्होंने कहा कि, "कुलपति ने जो फ़ैसला किया है वो गलत हैI वो छात्रों की पढ़ाई बाधित करना चाहते हैं और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे  हैं”| आगे वो एक गंभीर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि "विश्वविद्यालय अब एक यातना गृह बन गया है, जहां शिक्षकों को न तो पढ़ाने दिया जा रहा है, न उन्हें किसी दूसरे कार्यक्रम में भाग लेने दिया जाता है |"

इसे भी पढ़े : महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में कुलपति के खिलाफ हड़ताल पर अध्यापक और छात्र

प्रो०संजय के उपचार में लापरवाही की जा रही है

प्रो० संजय के परिजनों और उनके दोस्तों का कहना है कि पटना के अस्पताल में उनके इलाज में भरी लापरवाही बरती जा रही थी| इन लोगों का कहना है कि उनको आँखे के ऊपर गंभीर चोट लगी है जिस कारण उनकी रौशनी जा रही है, परन्तु वहाँ कोई भी डॉक्टर उन्हें नहीं देख रहा था| 

शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष भानु ने कहा कि "अस्पताल के डॉक्टरों का रवैया बेहद ही असंवेदनशील थाI कोई मरीज़ को पूछ ही नहीं रहा था, वो दर्द और पीड़ा से कराह रहे थे हमारे बार-बार बताने पर भी कोई नहीं आ रहा था| जब हमने अस्पताल के मुख्य अधिकारी से बात की तो उनका जबाब हैरान करने वाल था उन्होंने कहा जब कोई डॉक्टर आएगा तो देख लेगा”|

उनके परिजनों और साथी शिक्षकों के दबाब में अस्पताल उन्हें एम्स रेफर करने के लिए तैयार हुआ| उनके परिजनों को उम्मीद है कि यहाँ इनको बेहतर इलाज मिल सकेगा| अंत में उन्होंने कहा कि अभी भी प्रो० संजय की हालत गंभीर बनी हुई है|

अभी तक के जाँच पर भी प्रश्न उठ रहे हैं?

मोतिहारी के महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ का कहना है कि पुलिस ने जानबुझकर केस को कमज़ोर करने के लिए FIR में सभी ज़मानती धाराएँ लगाई हैं| जबकि साफ़ दिख रहा है कि गुंडे संजय के उपर पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास कर रहें है| इसमें IPC की धारा 307 लगनी चाहिए थी, परन्तु पुलिस ने नहीं लगायी| आगे वो कहते हैं पुलिस कह रही है कि जाँच के बाद वो इस पर विचार कर सकती है, जबकी शिक्षक कह रहे हैं कि धारा लगा के भी तो जाँच हो सकती है|

शिक्षक संघ का आरोप है की पुलिस जानबूझकर नामज़द अभियुक्तों को नहीं पकड़ रही जबकी वो खुले घूम रहे हैं|

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय
motihari
बिहार

Related Stories

बिहार में ज़हरीली हवा से बढ़ी चिंता, पटना का AQI 366 पहुंचा

बिहार के मोतीहारी में बाढ़ से बढ़ई समुदाय का संकट बढ़ा

भारत का दूसरा चेहरा: ना जान की कीमत, ना विचारों की आज़ादी

मध्यप्रदेश: एक और आश्रयगृह बना बलात्कार गृह!

मुज़फ्फरपुर सुधारगृह कांड: बिहार सरकार ने मुख्य आरोपी के अखबार को दिये थे लाखों के विज्ञापन

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के खस्ता हाल

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

बिहार: सामूहिक बलत्कार के मामले में पुलिस के रैवये पर गंभीर सवाल उठे!

महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में कुलपति के खिलाफ हड़ताल पर अध्यापक और छात्र

नई नीति बिहार में सरकारी स्कूलों की वास्तविकता को उज़ागर करती हैं


बाकी खबरें

  • mamta banerjee
    भाषा
    तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में चारों नगर निगमों में भारी जीत हासिल की
    15 Feb 2022
    तृणमूल कांग्रेस ने बिधाननगर, चंदरनगर और आसनसोल नगरनिगमों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है तथा सिलीगुड़ी में माकपा से सत्ता छीन ली।
  • hijab
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    हिजाब विवादः समाज सुधार बनाम सांप्रदायिकता
    15 Feb 2022
    ब्रिटेन में सिखों को पगड़ी पहनने की आज़ादी दी गई है और अब औरतें भी उसी तरह हिजाब पहनने की आज़ादी मांग रही हैं। फ्रांस में बुरके पर जो पाबंदी लगाई गई उसके बाद वहां महिलाएं (मुस्लिम) मुख्यधारा से गायब…
  • water shortage
    शिरीष खरे
    जलसंकट की ओर बढ़ते पंजाब में, पानी क्यों नहीं है चुनावी मुद्दा?
    15 Feb 2022
    इन दिनों पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रचार चल रहा है, वहीं, तीन करोड़ आबादी वाला पंजाब जल संकट में है, जिसे सुरक्षित और पीने योग्य पेयजल पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद, पंजाब चुनाव में…
  • education budget
    डॉ. राजू पाण्डेय
    शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 
    15 Feb 2022
    एक ही सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे बजट एक श्रृंखला का हिस्सा होते हैं इनके माध्यम से उस सरकार के विजन और विकास की प्राथमिकताओं का ज्ञान होता है। किसी बजट को आइसोलेशन में देखना उचित नहीं है। 
  • milk
    न्यूज़क्लिक टीम
    राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ खिलवाड़ क्यों ?
    14 Feb 2022
    इस ख़ास पेशकश में परंजॉय गुहा ठाकुरता बात कर रहे हैं मनु कौशिक से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सम्बंधित कानूनों में होने वाले बदलावों के बारे में
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License