NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महिलाओं के लिए वास्तव में ख़तरनाक होता जा रहा है उत्तर प्रदेश
“बहुत हुआ नारी पर वार...अबकी बार...” अपराध के खिलाफ इस प्रमुख नारे के साथ यूपी में बीजेपी सत्ता में आई...लेकिन नतीजा...आपके सामने है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा, बलात्कार, अपहरण हर मामले में यूपी देश में नये रिकार्ड बना रहा है।
ऋतांश आज़ाद
03 Dec 2018
violence against women
Image Courtesy: India.com

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक लड़की को यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज़ कराने के बाद जला दिया गया। आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने भी पहले की गयी यौन उत्पीड़न की शिकायत पर कुछ नहीं किया था। पुलिस के मुताबिक 20 वर्षीय इस लड़की का 45% शरीर जल गया है और वो अभी अस्पताल में है।

यह घटना सीतापुर में शनिवार दोपहर में हुई जब यह महिला गन्ने के खेत में गयी थी। वहाँ से वापस आते वक़्त आरोपियों ने उसे शिकायत वापस लेने के लिए कहा, लड़की ने मना किया और वहाँ से जाने लगी। तब दोनों आरोपियों ने लड़की पर केरोसीन छिड़क दिया और आग लगा दी।

आरोपियों का नाम राजू और राजेश बताया जा रहा है और यह दोनों आपस में भाई हैं। इस घटना के बाद उन पर हत्या करने की कोशिश करने के आरोप में मामला दर्ज़ हुआ और उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पीड़ित को सीतापुर ज़िला अस्पताल में भर्ती किया गया है।

बताया जा रहा है कि आरोपी कई महीनों से लड़की को तंग कर रहे थे। कुछ समय पहले ही लड़की ने इसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज़ कराई थी लेकिन पुलिस ने इस मामले में कुछ नहीं किया। पुलिस आईजी का कहना है कि पहली नज़र में यह पुलिस के द्वारा अनदेखी का मामला लगता है। इसीलिए उन्होंने पुलिस स्टेशन इंचार्ज और 2 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही इस मामले में जांच के आदेश भी दे दिये गए हैं।

उत्तर प्रदेश का रिकॉर्ड यौन उत्पीड़न और रेप के मामलों में बहुत ही खराब है। साथ ही पुलिस द्वारा इन मामलों में निष्क्रियता की भी काफी खबरें आते रहीं हैं।

30 अक्तूबर 2018 को उत्तर प्रदेश के कन्नौज से एक ऐसी ही खबर आई। खबर के मुताबिक 17 साल की एक लड़की ने यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस की निष्क्रियता के बाद आत्महत्या कर ली। उसके घर वालों का आरोप था कि रूप सिंह नाम का व्यक्ति उसका पिछले 3 साल से उत्पीड़न कर रहा था। उन्होने पुलिस में मामला भी दर्ज़ कराया लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया । इससे परेशान होकर लड़की ने अत्महत्या की।

25 अगस्त 2018 को दो महिलाओं ने लखनऊ में खुद को आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हे यह करने से रोका। पता चला कि इसमें से एक महिला बाराबंकी की थी और उसने जुलाई 2016 में जब एक व्यक्ति पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया तो उसका मज़ाक बनाया गया। बाद में केस तो दर्ज़ हुआ लेकिन आरोपी पर सख्त धाराएँ नहीं लगाई गईं और वो जमानत पर बाहर आ गया। दूसरी महिला 22 वर्ष की थी और उसका आरोप था कि उनके साथ रेप हुआ लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत तक दर्ज़ नहीं की ।

15 जुलाई 2018 को बरेली से आई खबर के अनुसार एक महिला का गैंग रेप किया गया और बाद में उसे मंदिर में ज़िंदा जला दिया गया । उनके पति का कहना था कि महिला ने जलाए जाने से पहले पुलिस को फोन किए था, पर उनकी कॉल को नहीं उठाया गया ।

इसी तरह 17 अक्टूबर 2017 को इसी तरह की दो और घटनाएँ सामने आयीं। पहली थी शाहजहाँपुर की जहां एक नाबालिक लड़की के साथ लगातार छेड़खानी की घटनाओं के बाद शिकायत दर्ज़ कराई गयी , लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। पुलिस की निष्क्रियता के चलते आरोपी ने उसे धमकाया , जिसके बाद लड़की ने अत्महत्या कर ली। पुलिस ने बाद में आरोपी के खिलाफ कसे दर्ज़ किया।

इसी तरह बागपत में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार की घटना हुई। उनके घर वालों ने रिपोर्ट दर्ज़ कराई लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। आरोपी उसे धमकाते रहे और इसी के चलते लड़की ने अत्महत्या कर ली।

इन मामलों में हाल में सबसे ज़्यादा चर्चित है उन्नाव रेप का मामला। 28 अप्रैल 2018 को रेप की पीड़ित लड़की ने पुलिस की मामले में निष्क्रियता के चलते लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने खुद को जलाने का प्रयास किया। पीड़ित का आरोप था कि उसका बीजेपी के विधायक कुलदीप सिंह सैंगर द्वारा रेप किया गया था। शिकायत दर्ज़ कराने के बावजूद इस मामले में कुछ नहीं हुआ। उनके पिता को सैंगर के लोगों द्वारा पुलिस कस्टडी में पीटा गया और उनकी मौत हो गयी। इसके बाद यह मामला चर्चा में आया, बाद में कुलदीप सिंह सैंगर को गिरफ्तार किया गया।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुक़ाबले उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में 24% की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश में हर रोज़ 8 रेप के मामले सामने आते हैं और 30 महिलाओं के अपहरण के। 2016 के आंकड़ों के हिसाब से रेप के 4,816 मामले सामने आए थे, रेप के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर आता है।

देश के महिलाओं पर हिंसा 14.5% मामले यूपी से आते हैं और देश भर के रेप के 12.4% मामले भी यहीं से आते हैं। महिला हिंसा के मामले में राज्य दूसरे स्थान पर आता है।

उत्तर प्रदेश बच्चों से रेप के मामले में भी देश में तीसरे नंबर पर आता है। 2016 में बच्चों से रेप के 2115 मामले सामने आए और देश भर में इस मामलों की सबसे तेज़ बढ़ोतरी भी उत्तर प्रदेश में ही हुई है।

यह आंकड़ें बताते हैं कि जमीनी स्तर पर बीजेपी के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की हकीकत क्या है।

crimes against women
violence against women
exploitation of women
Women Rights
UttarPradesh
Yogi Adityanath

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

विशेष: क्यों प्रासंगिक हैं आज राजा राममोहन रॉय

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?


बाकी खबरें

  • International Women's Day
    सोनिया यादव
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं के संघर्ष और बेहतर कल की उम्मीद
    08 Mar 2022
    श्रम आंदोलन से उपजे इस आयोजन के केंद्र में प्रदर्शन की अहमियत रही है, लिहाज़ा आज महिलाओं के संघर्ष ने एक लंबा सफ़र तय किया है और इसमें उनका अपने ह़क़ और हुक़ूक के लिए आवाज़ बुलंद करना, सड़कों पर धरने…
  • School teachers
    पीपुल्स डिस्पैच
    हंगरी: देशभर के स्कूल शिक्षकों ने बड़े विरोध प्रदर्शन के लिए कसी कमर
    08 Mar 2022
    विक्टर ओरबान की अगुवाई वाली हंगरी की रूढ़िवादी सरकार कोविड-19 संकट का हवाला देते हुए स्कूलों में अनिवार्य शिक्षण सेवाओं को लेकर एक विशेष फ़रमान जारी करते हुए शिक्षकों की हड़ताल को प्रतिबंधित करने की…
  • Atoms for Peace
    एम. के. भद्रकुमार
    ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 
    08 Mar 2022
    ईरान उन देशों में से एक है जिसमें अमेरिका के "डॉलर रूपी हथियार" का मुकाबला करने के लिए "परमाणु रूपी हथियार" का सहारा लेने की कई संभावनाएं मौजूद हैं।
  • women's day
    राज वाल्मीकि
    दलित और आदिवासी महिलाओं के सम्मान से जुड़े सवाल
    08 Mar 2022
    यदि हमारे भारतीय समाज से लैंगिक-ग़ैर बराबरी और जातिवाद का ख़ात्मा हो जाए, जो कि वैज्ञानिक शिक्षा से संभव है, तभी इस देश की दलित और आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार समाप्त हो सकेगा।
  • कुमुदिनी पति
    महिला दिवस विशेष : लड़ना होगा महिला अधिकारों और विश्व शांति के लिए
    08 Mar 2022
    अंतराष्ट्रीय महिला दिवस एक औपचारिकता मात्र न बन कर रह जाए इसके लिए औरतों को लगातार सजग रहना होगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License