NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मणिपुर के लोग वर्तमान सरकार से ‘ऊब चुके हैं’ उन्हें बदलाव चाहिए: इबोबी सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने कहा "मणिपुर के लोग भाजपा से ऊब चुके हैं। वह खुलकर कह नहीं पा रहे हैं। भाजपा झूठ बोल रही है और खोखले दावे कर रही है। उन्होंने अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया।”
भाषा
23 Feb 2022
ibobi singh

इंफाल: पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह का मानना है कि मणिपुर के लोग वर्तमान सरकार से “ऊब चुके हैं” और अब वे बदलाव चाहते हैं।

सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की “विभाजनकारी राजनीति” पांच में से किसी भी राज्य में सफल नहीं होगी, जहां चुनाव हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि मणिपुर के लोग भाजपा से ऊब चुके हैं। वह खुलकर कह नहीं पा रहे। भाजपा झूठ बोल रही है और खोखले दावे कर रही है। उन्होंने अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया।” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “हमें पांच राज्यों में होने वाले चुनाव और 2024 के आम चुनाव का नतीजा पता चल जाएगा। लोग उनसे ऊब चुके हैं।”

केंद्र सरकार और नगा विद्रोही गुट एनएससीएन (आईएम) के बीच 2015 में हुए समझौते का उदाहरण देते हुए सिंह ने कहा कि इससे कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने कहा कि लोगों को अंधेरे में रखा जा रहा है जिससे भरोसा कम हुआ है।

उन्होंने कहा, “समझौता हुए इतना समय बीत गया लेकिन किसी को यह नहीं पता कि उसमें क्या है। उन्होंने न तो इसे जनता से साझा किया और न ही बातचीत पूरी की… मेरा मानना है कि नगा लोगों का विश्वास भी भाजपा से उठ चुका है और उन्हें लगने लगा है कि भाजपा में इस मुद्दे को सुलझाने की क्षमता नहीं है।”

यह पूछे जाने पर कि विधानसभा चुनाव में जीत कर सत्ता में वापस आने के प्रति कांग्रेस कितनी आश्वस्त है, तो सिंह ने कहा, “हमने जितने भी उम्मीदवार उतारे हैं (53), हम उनमें से प्रत्येक की क्षमता से परिचित हैं और उनमें से 40-45 के जीतने के प्रति आश्वस्त हैं।” उन्होंने हालांकि, कहा, “अगर बहुमत नहीं मिलता है तो चुनाव नतीजे आने के बाद समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करेंगे।”

कांग्रेस ने पहले ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी और जनता दल (एस) के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन किया है। मणिपुर की 60 विधानसभा सीटों के लिए 28 फरवरी और आठ मार्च के बीच दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना 10 मार्च को होगी।

भाजपा के करीब 40 सीटों पर जीत दर्ज करने के दापे को खारिज करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘जब नतीजे आएंगे तो पता चला चलेगा कि अकेले 40 सीटें जीतती है या नहीं लेकिन जहां तक हमारा मानना है, 40 सीटें इंफाल घाटी में हैं जिनमें से वे 15 सीटें भी नहीं जीत पाएंगे।’’

हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि छोटा राज्य होने की वजह से मुकाबला हो सकता।

manipur
North East
Congress
BJP
Elections

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?
    13 Apr 2022
    अक्सर राजनेताओं के बयान कभी महिलाओं की बॉडी शेमिंग करते नज़र आते हैं तो कभी बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को मामूली बताने या पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश। बार-बार राजनीति से महिला विरोधी बयान अब…
  • underprivileged
    भारत डोगरा
    कमज़ोर वर्गों के लिए बनाई गईं योजनाएं क्यों भारी कटौती की शिकार हो जाती हैं
    13 Apr 2022
    क्या कोविड-19 से उत्पन्न संकट ने सरकार के बजट को बुरी तरह से निचोड़ दिया है, या यह उसकी तरफ से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की सरासर उपेक्षा है? इनके कुछ आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं।
  • ramnovmi
    अजय सिंह
    मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी
    13 Apr 2022
    एक बात साफ़ हो चली है, वह यह कि भारत में मुसलमानों के क़त्लेआम या जनसंहार (जेनोसाइड) की आशंका व ख़तरा काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। इस मंडराते ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • srilanka
    पार्थ एस घोष
    श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी
    13 Apr 2022
    निर्ल्लज तरीके के निजीकरण और सिंहली अति-राष्ट्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए अधिकाधिक राजकीय हस्तक्षेप पर श्रीलंका में चल रही बहस, सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराई…
  • रवि कौशल
    बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है
    13 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे उप कुलपति से उनके कार्यालय में नहीं मिल सके। यह लोग जेएनयू में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License