NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी जी की साढ़े 4 साल की उपलब्धि! रेड कारपेट से काले झंडों तक का सफ़र
मोदी की रैलियों में किसी भी तरह के काला कपड़ा पहनने यहां तक कि काला पर्स-बेल्ट भी रखने की सख्त मनाही है, इसके बावजूद यह काला रंग मोदी और भाजपा का पीछा नहीं छोड़ रहा है।
मुकुंद झा
11 Feb 2019
modi go back

चार साल पहले जहाँ भी मोदी जाते थे उनके लिए रेड कारपेट बिछाए जाते थे लेकिन आज वे जहाँ जा रहे हैं उनका काले झंडों से स्वागत किया जा रहा है। साथ ही कहीं मोदी गो बैक, कहीं मोदी नहीं दोबाराके नारे लग रहे हैं और कहीं मोदी नो एंट्री के झंडे-बैनर लगाए जा रहे हैं। इससे भाजपा और मोदी बुरी तरह से डर गए हैं। इसलिए मोदी की रैलियों में किसी भी तरह के काला कपड़ा पहनने यहां तक कि काला पर्स-बेल्ट भी रखने की सख्त मनाही है, इसके बावजूद यह काला रंग मोदी और भाजपा का पीछा नहीं छोड़ रहा है।

मोदी रविवार को दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश गए थे, वहाँ भी उनका स्वागत इसी उल्टे अंदाज़ में हुआ। उनके पहुंचने से पहले ही शनिवार को राज्य में जगह-जगह मोदी विरोधी पोस्टर्स लगाए गए। इन पोस्टर्स पर 'नो मोर मोदी', 'मोदी इज अ मिस्टेक' और 'मोदी नेवर अगेन' जैसे नारे लिखे हुए थे।

modi flex.jpg

यहाँ तक कि प्रधानमंत्री मोदी जिस गन्नावरम एयरपोर्ट पर लैंड करने वाले थे, उसके सामने भी बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए थे। पीएम को गुंटूर में एक रैली में शामिल होना था। उन्हें येताकुर बाइपास पर कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन भी करना था, जिसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया।

भाजपा इसी रैली को सफल बनाने के लिए अपने एड़ी-चोटी का दम  लगा रही थी, क्योंकि भाजपा की पिछली श्रीकाकुलम रैली जिसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने  संबोधित किया था, वह बुरी तरह से  फ्लॉप रही थी। उस रैली में बहुत कम लोग आये थे और अधिकतर कुर्सी खाली पड़ीं थी।

गुंटूर में एक तरफ जहाँ मोदी जनसभा कर रहे थे तो दूसरी ओर रविवार को राज्य में कई जगह उनके आने के खिलाफ  विरोध प्रदर्शन किये जा रहे  थे। इन सबसे बौखलाई भाजपा और उसके नेताओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और होर्डिंग लगाने वालों पर पुलिस कार्रवाई करने  की मांग की।

mof.jpg

पीएम मोदी के इस दौरे पर विरोध में सत्तारूढ़ टीडीपी ने अपने कार्यकर्ताओं को आसमान में काले-पीले गुब्बारे छोड़ने और काले-पीले रंग की शर्ट पहनकर अपना विरोध जताने का आह्वान किया था।

Capture_1.JPG

इसके साथ ही मोदी और भाजपा की केंद्र कि सरकार के वादाखिलाफी के खिलाफ़ विरोध जताने के लिए टीडीपी कार्यकर्ता, टीडीपी यूथ विंग, कांग्रेस, वामपंथी पार्टियों के नेता-कार्यकर्ता भी सड़क पर उतरे। कई जगह प्रदर्शनाकारियों ने अर्ध नग्न होकर विरोध जताया।

आक्रमकता के साथ मोदी और भाजपा का विरोध क्यों ?

ये कोई मोदी के साथ पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले पिछले साल अप्रैल में मोदी के चेन्नई दौरे के दौरान ट्वीटर पर #ModiGoBack और #GoBackModi ट्रेंड करता रहा था लेकिन हाल के समय में और आक्रमकता के साथ मोदी और भाजपा का विरोध हो रहा है | पिछले दिनों जब मोदी असम के दौर पर गए थे तो वहाँ भी उनका स्वागत छात्रों और नौजवनों ने काले झंडे और मोदी वापस जाओ के नारे के साथ किया।

जब से केंद्र की मोदी सरकार ने नागरिक संशोधन विधेयक 2016 को लोकसभा में पारित किया है, उसके बाद से उत्तर पूर्व में आजकल भाजपा के सभी नेताओं का स्वागत काले झंडो से हो रहा है। असम के  मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, अन्य भाजपा मंत्रियों और नेताओं का भी काले झंडे के साथ स्वागत किया जा रहा है। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काले झंडे से बच नहीं सके। 8 फरवरी को  जब मोदी गुवाहाटी पहुंचे, तो सोनोवाल सहित भाजपा के मंत्रियों और नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया लेकिन उनकी यात्रा बिल्कुल भी सहज नहीं रही। पीएम का काफिला हवाई अड्डे से गुवाहाटी शहर की ओर बढ़ा और इसी रास्ते पर गुवाहाटी विश्वविद्यालय परिसर पड़ता है। पीएम का काफिला गुवाहाटी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के आगे से जैसे ही गुजरा, वहाँ पहले से ही मौजूद सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने उनका काला झंडा दिखाकर विरोध किया। इसी के साथ "नरेंद्र मोदी गो बैक, बीजेपी सरकार डाउन डाउन" जैसे नारे लगाए, और उनका पुतला भी जलाया। ये सिलसिला आगे भी जारी रहा।

Assam modi 09022019.jpg

हवाई अड्डे से राजभवन की ओर जाते समय भी पीएम को कई स्थानों पर काले झंडे दिखाए गए। भाजपा के पूर्व सहयोगी, असम गण परिषद (एजीपी) ने मोदी की यात्रा और नागरिकता विधेयक का विरोध करते हुए एक विशाल मशाल जुलूस निकाला।

जब मोदी असम के चंगसारी में एम्स का भूमिपूजन कर रहे थे, तो पूरे राज्य में काला दिवस मनाया जा रहा था। आसमान में काले झंडे और काले गुब्बारे उड़ाए जा रहे थे। पीएम तीन पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर थे।

पूर्वोत्तर में इस समय भाजपा का कोई भी मंत्री या नेता यात्रा करता है, तो उनका स्वागत काले झंडे और नारे के साथ किया जा रहा  है और नागरिकता बिल का विरोध हो रहा है। कथित तौर पर लोगों के गुस्से से बचने के लिए सोनोवाल को कई बैठकें रद्द करनी पड़ीं। जिन कुछ बैठकों में वह शामिल होने में कामयाब रहे, उन में भी वो हेलीकॉप्टरों के सहारे ही पहुँचे – यहां उन्हें 40 किलोमीटर से भी कम दूरी के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा लेना पड़ा।

असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को उनके गृहनगर नलबाड़ी जिले में एक सरकारी अस्पताल का उद्घाटन करने जाते समय विरोध का सामना करना पड़ा। AASU (ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन) के कार्यकर्ताओं और RSS, BJP के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी।

भाजपा काले रंग से इस हद तक डरी हुई  है कि ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं जहां पुलिस को काले कपड़े खरीदने वाले लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।  यहां तक कि महिलाओं से उनके काले ब्लाउज के बारे में भी सवाल किया गया थे, जो वे इस तरह की बैठकों के दौरान पहनकर आईं थी।

Capture_7_0.PNG

ऊपर एक महिला के साथ  एक बच्चे की  तस्वीर है जिसमें बच्चे की काली जैकेट उतारी जा रही है, यह भाजपा के डर और  निगरानी की हद को दर्शाता है। यह घटना ऊपरी असम के सोनितपुर जिले के बिहाली में हुई, जहां सोनोवाल एक बैठक में भाग लेने वाले थे। फोटो वायरल होने के बाद, बच्चे की मां को कथित तौर पर बिहाली के भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा यह कहने के लिए कहा गया कि सुरक्षा बलों पर उसके बच्चे की काली जैकेट को हटाने का कोई दबाव नहीं था। ऐसा कहते हुए मां ने मीडिया में बयान दिया। लेकिन, बाद में, एक वीडियो में माँ को दिखाया गया है कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उसे कैसे डराया गया था, और कथित तौर पर ऐसा कहने के लिए मजबूर किया गया था।

काला रंग भाजपा को बुरी  तरह सता रहा है और उनकी समझ में नहीं आ रहा कि वो क्या करे और क्या नहीं।

Black flags
modi go back
TDP
BJP
Narendra modi
Modi No Entry
#GoBackModi
Gauhati University
Black Balloons
Himanta Biswa Sharma
Sarbananda Sonowal
Citizenship Amendment Bill
Assam

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License