NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी कैबिनेट में यूपी से 10 मंत्री, पूर्वी यूपी को तरजीह
मोदी वाराणसी से चुनाव जीते हैं जबकि मोदी सरकार में दूसरे नंबर के मंत्री राजनाथ सिंह राजधानी लखनऊ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वहीं स्मृति इरानी अमेठी से पहली बार चुनाव जीती हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय भी चंदौली सीट से आते हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 May 2019
राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, महेंद्र नाथ पांडेय

लखनऊ : बीजेपी नेतृत्व की एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश (यूपी) को 10 मंत्री पद मिले हैं, लेकिन दिलचस्प ये है कि इसमें पूर्वी यूपी का सबसे ज़्यादा हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से सांसद हैं जो पूर्वी यूपी में ही आता है।

मोदी वाराणसी से चुनाव जीते हैं जबकि मोदी सरकार में दूसरे नंबर के मंत्री राजनाथ सिंह राजधानी लखनऊ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वहीं स्मृति इरानी अमेठी से पहली बार चुनाव जीती हैं।

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय दूसरी बार चंदौली सीट से लोकसभा चुनाव इस बार जीते हैं, वह भी पूर्वी यूपी से हैं और वह भी मोदी मंत्रिमंडल में चुने गये हैं। महेंद्र नाथ पांडेय 2014 में सोलहवीं लोकसभा के लिए भी चुने गए थे और मंत्री बने थे लेकिन कुछ दिन बाद पार्टी अध्यक्ष शाह ने उन्हें उत्तर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बना दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल में भाजपा को मुश्किल की घड़ी से उबारा और सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की चुनौती होने के बाद भी पार्टी को शानदार जीत दिलाई। उत्तर प्रदेश में भाजपा और उसके सहयोगी दल अपना दल ने कुल 80 सीटों में से 64 सीटें जीती हैं। इनमें अकेले भाजपा की 62 सीटें हैं। हालांकि अपना दल सोनेलाल की अनुप्रिया पटेल जिनकी पार्टी को दो सीटें मिली हैं वह इस बार सरकार में शामिल नही हैं।

उत्तर प्रदेश के पांच कैबिनेट मंत्रियों में नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री), राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, मुख्तार अब्बास नकवी और महेंद्र नाथ पांडेय जबकि संतोष गंगवार और हरदीप सिंह पुरी (उप्र से राज्यसभा सदस्य) राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार शामिल हैं।

इनके अलावा राज्य मंत्रियों में जनरल (अवकाश प्राप्त) वी के सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति और संजीव बालियान शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश से जो प्रमुख नाम इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किये गये हैं उनमें मेनका गांधी, महेश शर्मा, शिव प्रताप शुक्ला और सत्यपाल सिंह शामिल हैं।

इस बार कैबिनेट का जातिगत विश्लेषण करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछड़ी जाति से आते हैं जबकि राजनाथ सिंह ठाकुर, उप्र भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ब्राह्मण हैं। कैबिनेट में एकमात्र मुस्लिम चेहरा मुख्तार अब्बास नकवी भी उत्तर प्रदेश से हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

General elections2019
result 2019
Modi’s Cabinet
cabinet 2019
UP
Narendra modi
rajnath singh
smriti irani
mahendr natha pandey

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • Modi
    शंभूनाथ शुक्ल
    प्रधानमंत्री की कानपुर यात्रा: “बुढ़ापा हमका चापर किहिस!”
    01 Jan 2022
    कानपुर रैली में उनके भाषण को देख कर लगा कि जैसे उन्हें कानपुर से चिढ़ हो। शायद इसलिए कि कानपुर शहर का मिज़ाज थोड़ा भिन्न है। कानपुर लम्बे समय तक कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ रहा है।
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे
    01 Jan 2022
    कारपोरेट-फासीवादी आक्रामकता के कैसे ख़ौफ़नाक दौर में हम  फंसे हैं, यह किसान-आंदोलन के स्थगन के 15 दिन के अंदर के घटनाक्रम से ही साफ हो गया है।
  • 2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    सुबोध वर्मा
    2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    01 Jan 2022
    पूरे साल के दौरान, औद्योगिक श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, स्वरोज़गार श्रमिकों, बेरोज़गारों, पुरुष-महिलाओं, युवा-बूढ़ों – यानी कामकाजी लोगों के सभी तबक़ों ने साथ मिलकर अपनी आजीविका पर लगातार हो रहे…
  • Missionaries of Charity's
    कुमुदिनी पति
    मिश्नरीज़ ऑफ चैरिटी के FCRA रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन क्यों ख़ारिज हुआ?
    01 Jan 2022
    मिशनरीज ऑफ चैरिटी क्या है? यह क्या काम करता है कि इसका एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन ख़ारिज किया गया। 
  • calendar of IIT Kharagpur
    सोनिया यादव
    क्या हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार के लिए आईआईटी खड़गपुर का कैलेंडर तैयार किया गया है?
    01 Jan 2022
    कैलेंडर विवाद में जहां संस्थान और इस कैलेंडर को तैयार करने वाले इसमें कुछ भी गलत नहीं होने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई शिक्षाविद् और संस्थान के पूर्व छात्र इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License