दिलचस्प है कि समाज में मोदी-शाह का आम लोगों के बीच शिद्दत से विरोध दिख रहा है! पर राजनीतिक दलों के स्तर पर वह क्यों नहीं नजर आ रहा है? वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का विश्लेषण :
लोकसभा चुनाव- 2019 में पहले चरण के मतदान के लिए उम्मीदवारों के नामांकन शुरू हो चुके हैं। सत्ताधारी भाजपा और उसके गठबंधन एनडीए ने कमोबेश अपने सियासी कुनबे को एकजुट कर लिया है! लेकिन विपक्षी खेमा अब भी बिखरा-बिखरा सा नजर आ रहा है! यूपी , बंगाल और बिहार जैसे बड़े राज्यों में भी मोदी-भाजपा विरोधी खेमे में अब तक एकता नहीं हो पाई है! ऐसे में बिखरा हुआ विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाले एकताबद्ध एनडीए का किस तरह मुकाबला करेगा ? दिलचस्प है कि समाज में मोदी-शाह का आम लोगों के बीच शिद्दत से विरोध दिख रहा है! पर राजनीतिक दलों के स्तर पर वह क्यों नहीं नजर आ रहा है ? वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का विश्लेषण :
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