NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम केस : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से 3 जून तक मांगी रिपोर्ट
सीबीआई के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय पहुंचीं निवेदिता झा ने आरोप लगाया कि एजेंसी गुनाहगारों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज कर रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 May 2019
सांकेतिक तस्वीर

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को मुज़फ़्फ़रपुर आश्रय गृह दुष्कर्म और हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को मामले की जांच पूरी कर अदालत की अवकाश पीठ के समक्ष 3 जून को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए।

मामले में सीबीआई के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय पहुंचीं निवेदिता झा ने आरोप लगाया कि एजेंसी गुनाहगारों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज कर रही है।

सुनवाई के दौरान झा के वकील ने आरोप लगाया कि सीबीआई जानबूझकर जांच की गति को धीमा कर रही है, मुकदमा शुरू हुए तीन महीने बीत गए लेकिन सीबीआई अभी भी मामले को स्पष्ट नहीं कर पाई है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा, "अदालत में सीबीआई के जवाब के परिप्रेक्ष्य में आप किस प्रकार का आदेश चाहते हैं?"

सीबीआई के वकील ने कहा कि जांच के दौरान एजेंसी को पता चला है कि 11 लड़कियों की संभवत: हत्या कर दी गई है और 35 बच्चियों के समान नाम थे।

एजेंसी ने बीते सप्ताह हलफनामे के जरिए शीर्ष अदालत को बताया था कि वह मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के बारे में जांच कर रही है और उसने आश्रयगृह से बचाई गई एक बच्ची से मिली जानकारी के आधार पर कथित हत्याओं के बारे में प्रगति की है।

सीबीआई ने अपने हलफनामे में बताया, "जांच अधिकारी और निमहंस (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरो-साइंसेज) की टीम की ओर से रिकार्ड किए गए पीड़िताओं के बयान के अनुसार, आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से 11 लड़कियों की हत्या की बात सामने आई है।"

सीबीआई ने कहा, "इन लड़कियों के शरीर के अवशेष और उनके लोकेशन को सत्यापित कर लिया गया है। स्थिति रिपोर्ट में शीर्ष अदालत को इसकी जानकारी दे दी गई है।"

एजेंसी ने अदालत से कहा, "एक आरोपी गुड्ड पटेल सीबीआई को दफनाने वाली जगह पर ले गया..जहां खुदाई के बाद हड्डियों के कई अवशेष मिले।"

यह बताते हुए कि जांच जारी है, एजेंसी ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि हत्या के आरोपों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सीबीआई ने कहा कि मामले में जल्द ही पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।

राजद और माले ने की नीतीश सरकार की बर्ख़ास्तगी की मांग

इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा की अगर नीतीश कुमार में थोड़ी सी भी शर्म बची है तो मुजफ्फरपुर बालिका आवास गृह कांड में माफ़ी मांगनी चाहिए।

उन्होंने नीतीश कुमार को बर्खास्त करने की मांग करते हुए ट्वीट किया, “हम राज्यपाल से अनुरोध करते हैं कि मुजफ्फरपुर दुष्कर्म कांड में नीतीश सरकार की पूर्ण संलिप्तता पाए जाने के बाद इस अनैतिक एवं व्यभिचारी नीतियों और कुछेक दुराचारी मंत्रियों से युक्त सरकार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करे तभी बिहार की माताएं और बहन-बेटी सुरक्षित रह सकेंगी।”

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ये भी कहा की इस मामले में ब्रजेश ठाकुर के अलावा और भी कई लोग शामिल है। उन्होंने कहा, “मैं दावे के साथ कहता हूँ कि कई मंत्री और नीतीश कुमार के करीबी भी इस मामले में जुड़े हुए हैं।”

भाकपा माले ने भी नीतीश पर निशाना साधा है। माले का कहना है कि नीतीश कुमार को अपने पद पर रहने का कोई हक नहीं है।  

भाकपा-माले की पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन और ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर राष्ट्रपति  से संज्ञान लेने व नीतीश कुमार की सरकार को बर्खास्त करने की भी मांग की।

आपको बता दें कि बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में गैर सरकारी संगठन द्वारा संचालित आश्रय गृह में कई लड़कियों के साथ कथित तौर पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया था और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (टीआईएसएस) की एक रिपोर्ट के बाद यह मामला प्रकाश में आया था।

यह केस पहले पुलिस के पास था लेकिन बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया, और सीबीआई ने ब्रजेश ठाकुर सहित 21 लोगो के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

शीर्ष अदालत ने फरवरी में दिल्ली के साकेत जिला न्यायालय परिसर में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अदालत में मामले को बिहार से स्थानांतरित कर दिया था।

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Bihar
BIHAR SHELTER HOME CASE
MUZAFFARPUR SHELTER HOME CASE
CBI
Supreme Court
Nitish Kumar

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम

नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस


बाकी खबरें

  • global
    संदीपन तालुकदार
    मौसम परिवर्तन: वैश्विक कार्बन उत्सर्जन पूर्व महामारी स्तर पर पहुंचने के करीब
    06 Nov 2021
    एक रिपोर्ट बताती है कि इस साल कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में 4.9 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा होगा। इससे 2020 में महामारी के दौरान उत्सर्जन में आई 5.4 फ़ीसदी की कमी वापस अपने पुराने स्तर पर पहुंच जाएगी। 
  • Moscow
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत ने खेला रूसी कार्ड
    06 Nov 2021
    पुतिन की दिल्ली यात्रा से कुछ हफ्ते पहले इस महीने के अंत में मास्को में रूसी-भारतीय "2+2" मंत्रिस्तरीय की पहली बैठक घटनापूर्ण या महत्वपूर्ण होने वाली है क्योंकि यह वाशिंगटन में मंत्रिस्तरीय यूएस-…
  • Dalit-Adivasi education
    राज वाल्मीकि
    महामारी से कितनी प्रभावित हुई दलित-आदिवासी शिक्षा?
    06 Nov 2021
    हाल ही में नेशनल कैंपेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स  ने दलित आदिवासियों की शिक्षा पर एक अध्ययन किया। इस अध्ययन में अपेक्षा से अधिक दुखद तथ्य सामने आए हैं।
  • lakshwdeep
    अयस्कांत दास
    भारत में सबसे कम जेल में रहने की दर होने के बावजूद लक्षद्वीप को पांचवीं जेल की आवश्यकता क्यों है?
    06 Nov 2021
    पूरे देश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में लक्षद्वीप में जेल में रह रहे कैदियों की तादाद सबसे कम 6 फीसदी है। इसकी तुलना में दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश में जेल अधिभोग दर क्रमशः 174.9…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 10,929 नए मामले, 392 मरीज़ों की मौत
    06 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.43 फ़ीसदी यानी 1 लाख 46 हज़ार 950 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License