NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
घटना-दुर्घटना
समाज
भारत
राजनीति
मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामला : सुप्रीम कोर्ट ने जांच पूरी करने के लिये सीबीआई को दिए तीन महीने
न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति एम आर शाह की अवकाश पीठ ने सीबीआई को इस शेल्टर होम में अप्राकृतिक यौनाचार के आरोपों की भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत और लड़कियों से हिंसा के वीडियो की रिकार्डिंग की भी जांच करने का निर्देश दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Jun 2019
Shelter Home

दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बहुचर्चित आश्रय गृह कांड में हत्या के पहलू सहित सारी जांच तीन महीने के भीतर पूरी करने का केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सोमवार को निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति एम आर शाह की अवकाश पीठ ने सीबीआई को इस शेल्टर होम में अप्राकृतिक यौनाचार के आरोपों की भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत और लड़कियों से हिंसा के वीडियो की रिकार्डिंग की भी जांच करने का निर्देश दिया है।

पीठ ने इन घटनाओं में बाहरी व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच का निर्देश दिया है जो इसमे संलिप्त थे और जिन्होंने इसमें रहने वाली संवासिनों को नशीला पदार्थ देने के बाद उनसे यौन हिंसा में सहयोग किया।

शीर्ष अदालत ने जांच एजेन्सी से कहा कि वह तीन महीने में जांच पूरी करके अपनी रिपोर्ट उसके समक्ष पेश करे।

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की एक रिपोर्ट के बाद मुजफ्फरपुर में एक गैर सरकारी संस्था द्वारा संचालित एक आश्रय गृह में अनेक लड़कियों के कथित यौन शोषण और उनसे बलात्कार करने की घटनायें सामने आयी थीं।

न्यायालय ने इससे पहले सीबीआई को इस आश्रय गृह में 11 लड़कियों की कथित हत्या के मामले की जांच तीन जून तक पूरी करने और स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।

जांच एजेन्सी ने न्यायालय से कहा था कि हत्या के पहलू की जांच पूरी करने के लिये उसे दिया गया दो सप्ताह का समय पर्याप्त नहीं है। जांच ब्यूरो ने कहा कि 11 लड़कियों की हत्या की गयी थी और उसके हलफनामे के अनुसार 35 लड़कियों के नाम एक समान थे जो किसी न किसी समय आश्रय गृह में रहीं थी।

जांच ब्यूरो ने अपने हलफनामे में दावा किया था कि मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर और उसके साथियों ने 11 लड़कियों की कथित रूप से हत्या की थी। जांच एजेन्सी ने यह भी कहा था कि मुजफ्फरपुर में एक श्मशान भूमि से उसने ‘हड्डियों की पोटली’ बरामद की है।

मुजफ्फरपुर आश्रय गृह कांड की जांच उच्चतम न्यायालय ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी थी। जांच ब्यूरो ने इस मामले में बृजेश ठाकुर सहित 21व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।

शीर्ष अदालत ने इस साल फरवरी में इस मामले को बिहार की अदालत से दिल्ली के साकेत जिला अदालत में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून के तहत सुनवाई करने वाली अदालत में स्थानांतरित कर दिया था।

आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच पूरी कर अदालत की अवकाश पीठ के समक्ष 3 जून को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए थे।

मामले में सीबीआई के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय पहुंचीं निवेदिता झा ने आरोप लगाया था कि एजेंसी गुनाहगारों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज कर रही है।

सुनवाई के दौरान झा के वकील ने आरोप लगाया था कि सीबीआई जानबूझकर जांच की गति को धीमा कर रही है, मुकदमा शुरू हुए तीन महीने बीत गए लेकिन सीबीआई अभी भी मामले को स्पष्ट नहीं कर पाई है।

इस मामले में नीतीश सरकार पर भी उंगलियां उठती रही हैं और विपक्ष लगातार हमलावर है। आरजेडी और भाकपा-माले इसे लेकर काफी समय से नीतीश कुमार के इस्तीफे की भी मांग करते रहे हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

muzzafarpur
muzzafarpur rape case
muzzafarpur shelter home
Bihar Shelter Home Rape case
rapes in shelter home
Delhi shelter home
minor girl raped
women harrasment
Sexual Abuse of Children
Crimes Against Children
Child Rape
child abuse

Related Stories

बच्चों की गुमशुदगी के मामले बढ़े, गैर-सरकारी संगठनों ने सतर्कता बढ़ाने की मांग की

देश में लापता होते हज़ारों बच्चे, लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में 5 गुना तक अधिक: रिपोर्ट

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

महाराष्ट्र: 6 महीने में 400 लोगों ने किया नाबालिग का कथित दुष्कर्म, प्रशासन पर उठे सवाल!

यूपी : ‘न्यूनतम अपराध’ का दावा और आए दिन मासूमों साथ होती दरिंदगी!

2020 में बच्चों के खिलाफ अपराध के 1.28 लाख से अधिक मामले, फिर भी इस मुद्दे पर घोर सन्नाटा

बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में एमपी पहले और यूपी दूसरे स्थान परः एनसीआरबी


बाकी खबरें

  • CARTOON
    आज का कार्टून
    प्रधानमंत्री जी... पक्का ये भाषण राजनीतिक नहीं था?
    27 Apr 2022
    मुख्यमंत्रियों संग संवाद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकारों से पेट्रोल-डीज़ल के दामों पर टैक्स कम करने की बात कही।
  • JAHANGEERPURI
    नाज़मा ख़ान
    जहांगीरपुरी— बुलडोज़र ने तो ज़िंदगी की पटरी ही ध्वस्त कर दी
    27 Apr 2022
    अकबरी को देने के लिए मेरे पास कुछ नहीं था न ही ये विश्वास कि सब ठीक हो जाएगा और न ही ये कि मैं उनको मुआवज़ा दिलाने की हैसियत रखती हूं। मुझे उनकी डबडबाई आँखों से नज़र चुरा कर चले जाना था।
  • बिहारः महिलाओं की बेहतर सुरक्षा के लिए वाहनों में वीएलटीडी व इमरजेंसी बटन की व्यवस्था
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः महिलाओं की बेहतर सुरक्षा के लिए वाहनों में वीएलटीडी व इमरजेंसी बटन की व्यवस्था
    27 Apr 2022
    वाहनों में महिलाओं को बेहतर सुरक्षा देने के उद्देश्य से निर्भया सेफ्टी मॉडल तैयार किया गया है। इस ख़ास मॉडल से सार्वजनिक वाहनों से यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।
  • श्रीलंका का आर्थिक संकट : असली दोषी कौन?
    प्रभात पटनायक
    श्रीलंका का आर्थिक संकट : असली दोषी कौन?
    27 Apr 2022
    श्रीलंका के संकट की सारी की सारी व्याख्याओं की समस्या यह है कि उनमें, श्रीलंका के संकट को भड़काने में नवउदारवाद की भूमिका को पूरी तरह से अनदेखा ही कर दिया जाता है।
  • israel
    एम के भद्रकुमार
    अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात
    27 Apr 2022
    रविवार को इज़राइली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के साथ जो बाइडेन की फोन पर हुई बातचीत के गहरे मायने हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License