NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रिपब्लिक भारत, इंडिया टुडे समेत न्यूज़ चैनल्स ने पंजशीर में तालिबान पर हमले के नाम पर पुराने वीडियो दिखाये
ऑल्ट न्यूज़ ने ट्विटर पर की-वर्ड्स सर्च किया. हमने देखा कि @CWC_Today द्वारा ट्वीट किए गए इस वीडियो के जवाब में कई लोगों ने कहा कि ये पुराना वीडियो है. एक यूज़र ने मार्च 2020 का एक फ़ेसबुक पोस्ट शेयर किया जिसमें ये वीडियो शामिल था. ये वीडियो फ़ेसबुक पेज ‘Egy Army – Police का पोस्ट है.
प्रियंका झा
26 Aug 2021
रिपब्लिक भारत, इंडिया टुडे समेत न्यूज़ चैनल्स ने पंजशीर में तालिबान पर हमले के नाम पर पुराने वीडियो दिखाये

रिपब्लिक भारत ने 23 अगस्त को अपने शो ‘ये भारत की बात है’ में अफ़गानिस्तान की बात की. पूरे शो में चैनल ने तालिबान के साथ पंजशीर की लड़ाई के बारे में बात करते हुए कई विज़ुअल्स दिखाए. आधे घंटे के इस शो में 1 मिनट 38 सेकंड पर ऐंकर सैयद सोहेल कहते हैं, “आइये एक और तस्वीर आपको दिखाने जा रहे हैं तालिबान को कैसे पटकनी दी. देखिये ज़रा तस्वीरें. ये तालिबानी लड़ाके आप देख रहे हैं. तालिबानी आतंकी, जिन्हें धमाका कर मार दिया. पंजशीर के लड़ाकों ने तालिबान को धूल चटा दी है, कम से कम ये तस्वीर ये बयां कर रही है.” दावा किया गया कि पंजशीर घाटी के बाहर तालिबान के आतंकी मौजूद थे जिन्हें वहां के लड़ाकों ने हरा दिया. (आर्काइव लिंक)

image

रिपब्लिक भारत के इस शो को ‘पब्लिक TV‘ नाम के एक पेज ने पोस्ट किया जिसे लाखों व्यूज़ और लाइक्स मिले.

image

ये वीडियो टाइम्स नाउ, TV9 भारतवर्ष और ABP न्यूज़ ने भी चलाया. TV9 भारतवर्ष ने दावा किया कि 800 तालिबानी बिना लड़े ढेर हो गए. टाइम्स नाउ ने बताया कि अफ़गानिस्तान के उप राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने कहा कि पंजशीर घाटी के आस-पास तालिबान अपने लड़ाकों को इकठ्ठा कर रहा है. ABP न्यूज़ ने 23 अगस्त के 2 शो में ये वीडियो दिखाया. (पहला शो, दूसरा शो)

image

 

image

image

image

रिपब्लिक भारत ने एक और विज़ुअल दिखाते हुए दावा किया कि तालिबानी आतंकी घाटी पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे तभी ताबड़तोड़ गोलीबारी होने लगी और कई तालिबानी आतंकी ढेर हो गए. ये दृश्य रिपब्लिक भारत के शो के इस वीडियो में 2 मिनट 46 सेकंड के बाद देखा जा सकता है.

image

इंडिया टुडे ने भी ये विज़ुअल कई बार चलाए और इसे पंजशीर घाटी का दृश्य बताया. (आर्काइव लिंक)

BIG #Breaking#Exclusive Interview of @AmrullahSaleh2 on @IndiaToday-
I wished that Prez @ashrafghani stayed and became a rallying point. He didn't remain loyal to his promises.
We reject the Emirate of the Taliban, their dictatorship.#Afghanistan #Taliban #Kabul #Panjshir https://t.co/ehXg3P7Txm

— Geeta Mohan گیتا موہن गीता मोहन (@Geeta_Mohan) August 24, 2021

चैनल ने ये फ़ुटेज दिखाते हुए बताया कि ये पंजशीर घाटी की 23 अगस्त की घटना थी.

image

फ़ैक्ट-चेक

पहला वीडियो

ऑल्ट न्यूज़ ने ट्विटर पर की-वर्ड्स सर्च किया. हमने देखा कि @CWC_Today द्वारा ट्वीट किए गए इस वीडियो के जवाब में कई लोगों ने कहा कि ये पुराना वीडियो है. एक यूज़र ने मार्च 2020 का एक फ़ेसबुक पोस्ट शेयर किया जिसमें ये वीडियो शामिल था. ये वीडियो फ़ेसबुक पेज ‘Egy Army – Police का पोस्ट है.

इसके बाद हमने फ़ेसबुक पर की-वर्ड्स सर्च किया तो हमें इसी पेज (Egy Army – Police) द्वारा 1 मई 2020 को अपलोड किया गया ये वीडियो मिल गया. यानी, ये वीडियो हाल में पंजशीर द्वारा तालिबानियों पर हमले का बिलकुल भी नहीं हो सकता.

इस वीडियो को मार्च 2020 में रेडिट पर भी अपलोड किया गया था.

image

दूसरा वीडियो

इंडिया टुडे और रिपब्लिक भारत द्वारा दिखाये गये वीडियो की पड़ताल के लिए भी हमने ट्विटर पर की-वर्ड्स सर्च किया. हमने देखा कि एक ट्वीट के जवाब में इसे यमन का पुराना वीडियो बताया गया है.

यूट्यूब पर इसे 16 अगस्त 2021 को यमन में चल रहे युद्ध का बताकर अपलोड किया गया था. ऑल्ट न्यूज़ को ऐसा ही एक वीडियो ट्विटर पर मिला जिसे 4 अगस्त को ट्वीट किया गया था. इस वीडियो में गोली से बचने के लिए भागते हुए शख्स के अलावा हमलावरों को भी देखा जा सकता है.

نجل العميد علي صالح الكليبي المصعبي قائد اللواء 19 مشاه أنجاه الله من وابل رصاص لأكثر من 20 #حوثي يرمونه بالرصاص

كل هذا الحقد والكراهية والعدواه والبغضاء في قلوب الحوثيين لكل يمني خرج يدافع عن شرفه وكرامة وأرضه من غلمان ايرلو

ولكن عناية الله حفظة هذا البطل#عامر_الحميقاني pic.twitter.com/3BrWIouyNT

— عامر الحميقانيAmer Al_Homaiqani🇾🇪 (@amerAlhamiqaniu) August 4, 2021

ऊपर दिये गये वीडियो के एक फ़्रेम का रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यमन की कुछ न्यूज़ रिपोर्ट्स मिलीं और ‘यमन मिलिट्री मीडिया’ हैंडल का एक ट्वीट भी मिला. इस ट्वीट में यमन के ऑपरेशन अल-निसार अल-मुबीन फेज़ 2 की कुछ तस्वीरें थीं और साथ ही वीडियो का लिंक दिया गया था.

صور من مشاهد عملية النصر المبين (المرحلة الثانية) "تطهير مدريتي ناطع ونعمان" بمحافظة البيضاء"

https://t.co/L8fLhTu4hW
https://t.co/Xa6uYsqSkh pic.twitter.com/l8MMtol9QQ

— الإعلام الحربي اليمني (@MilitaryMediaY0) July 31, 2021

वीडियो ‘यमन मिलिट्री मीडिया’ के यूट्यूब चैनल पर 30 जुलाई को पोस्ट किया गया था. ये वीडियो ऑपरेशन ‘अल-निसार अल-मुबीन फेज़ 2’ की प्रेस ब्रीफ़िंग का था. इसमें यमन का एक आर्मी ऑफ़िसर ऑपरेशन के बारे में जानकारी देता हुआ दिखता है जिस दौरान वो कुछ विज़ुअल्स भी दिखाता है. वीडियो में 15 मिनट 30 सेकंड के बाद वो दृश्य दिखता है जिसे इंडिया टुडे ने ये कहकर दिखाया कि वो 23 अगस्त की पंजशीर घाटी की घटना थी.

image

हमने इंडिया टुडे के विज़ुअल और ‘यमन मिलिट्री मीडिया’ के यूट्यूब चैनल पर मिले दृश्य की तुलना की. इन्हें देखकर ये साफ़ हो गया कि ये वीडियो पंजशीर घाटी का बिलकुल भी नहीं है.

image

इंडिया टुडे और रिपब्लिक भारत ने जिस वीडियो को पंजशीर घाटी का हालिया वीडियो बताया, उसका लम्बा वर्ज़न 31 जुलाई को ‘यमन मिलिट्री मीडिया’ ने अपलोड किया था. भारतीय न्यूज़ चैनलों पर उस वीडियो का कुछ हिस्सा धुंधला कर दिखाया गया और दावा किया गया कि ये तालिबानी लड़ाकों पर हमले का दृश्य है.

अब पंजशीर के बारे में थोड़ा जान लेते हैं. ये अफ़ग़ानिस्तान का ऐसा प्रांत है, जो हमेशा तालिबान के नियंत्रण से बाहर रह है. इस बार भी तालिबान पंजशीर पर क़ब्ज़ा करना चाहता है. इसी वजह से तालिबान ने अपने लड़ाकों को पंजशीर के आस-पास इकठ्ठा कर दिया है. इन सब के बीच भारतीय मडिया ने पुराने वीडियोज़ चलाते हुए ये दिखाया कि पंजशीर ने तालिबान के परखच्चे उड़ा दिए.

कुल मिलाकर कुछ मीडिया संगठनों ने तालिबानी आतंकियों पर पंजशीर लड़ाकों का हमला दिखाने के लिए ऐसे पुराने वीडियो चला दिये जो अफ़ग़ानिस्तान के थे ही नहीं. इनमें एक वीडियो मार्च 2020 से इन्टरनेट पर मौजूद है तो दूसरा वीडियो यमन का है.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

Alt news
fact check
Indian media
Fake video
TALIBAN
Afghanistan

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

डराये-धमकाये जा रहे मीडिया संगठन, लेकिन पलटकर लड़ने की ज़रूरत

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?

‘दिशा-निर्देश 2022’: पत्रकारों की स्वतंत्र आवाज़ को दबाने का नया हथियार!

फ़ैक्ट चेकः योगी आदित्यनाथ ने जर्जर स्कूल की तस्वीर ग़लत दावे के साथ साझा की

फ़ैक्ट चेकः योगी ने कहा मुज़फ़्फ़रनगर दंगों में 60 हिंदू मारे गये थे, दावा ग़लत है

फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

क्या है सच?: मज़दूरों ने कहा फिर से पलायन के हालात, सरकारी तंत्र ने कहा दावा भ्रामक है


बाकी खबरें

  • Uttarakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड: NIOS से डीएलएड करने वाले छात्रों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति नहीं
    23 Oct 2021
    उत्तराखंड सरकार द्वारा नवंबर 2020 में प्राथमिक शिक्षक के 2287 पदों पर भर्ती के लिए सूचना जारी की गई थी, इसमें राज्य सरकार द्वारा इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से होने वाले डीएलएड को मान्य किया गया…
  • Supreme Court
    न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    खोरी पुनर्वास संकट: कोर्ट ने कहा- प्रोविजनल एलॉटमेंट के समय कोई पैसा नहीं लिया जाएगा, फ़ाइनल एलॉटमेंट पर तय होगी किस्त 
    23 Oct 2021
    मजदूर आवास संघर्ष समिति ने कहा कि अस्वीकृत आवेदन की प्रकिया में अपारदर्शिता है एवं प्रार्थी को अपील का मौका न देना सरासर अत्याचार एवं धोखा है।
  • inflation
    अजय कुमार
    सरकारी आंकड़ों में महंगाई हो गई कम, ग़रीब जनता को एहसास भी नहीं हुआ! 
    23 Oct 2021
    आख़िर क्या वजह है कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों में कमी आने के बाद भी आम आदमी इस पर भरोसा नहीं कर पाता।
  • 100 crore vaccines
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेक: क्या भारत सचमुच 100 करोड़ टीके लगाने वाला दुनिया का पहला देश है?
    23 Oct 2021
    भारत न तो पहला देश है जिसने 100 करोड़ डोज़ लगाई है और न ही भारत का टीकाकरण विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है।
  • shareel
    द लीफलेट
    सीएए विरोधी भाषण: भीड़ उकसाने के ख़िलाफ़ ‘अपर्याप्त और आधे-अधूरे सुबूत’, फिर भी शरजील इमाम को ज़मानत से इनकार
    23 Oct 2021
    दिल्ली की एक अदालत ने दिसंबर 2019 में राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA)-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर अपने कथित भड़काऊ भाषण के सिलसिले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License