NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सिंघु बॉर्डर खाली करवाने आये लोगों को मीडिया ने बताया ‘स्थानीय लोग’, हिन्दू सेना का था ये ‘आयोजन’
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी में उथल-पुथल भरा माहौल बन गया. प्रदर्शन कर रहे किसानों का एक समूह ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली के लाल किला में जा घुसा. लाल किला समेत दिल्ली के कुछ अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिसबल के बीच भारी टकराव और हिंसा हुई.
पूजा चौधरी
30 Jan 2021
सिंघु बॉर्डर खाली करवाने आये लोगों को मीडिया ने बताया ‘स्थानीय लोग’, हिन्दू सेना का था ये ‘आयोजन’

NDTV ने 28 जनवरी को एक ट्वीट करते हुए कहा, “सिंघु बॉर्डर पर स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ़ नारा लगाया और वहां से हट जाने की मांग की.”

image

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी में उथल-पुथल भरा माहौल बन गया. प्रदर्शन कर रहे किसानों का एक समूह ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली के लाल किला में जा घुसा. लाल किला समेत दिल्ली के कुछ अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिसबल के बीच भारी टकराव और हिंसा हुई. किसान पिछले तीन महीने से नए किसान बिलों का विरोध कर रहे हैं और उन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं. मेनस्ट्रीम मीडिया ने रिपोर्ट किया कि सिंघु बॉर्डर पर स्थानीय लोग प्रदर्शनरत किसानों के खिलाफ़ जमा हो गए और उन्हें हाईवे खाली करने कह रहे हैं.

ANI ने लिखा, “खुद को स्थानीय बता रहे लोगों का एक समूह सिंघु बॉर्डर पर जमा हो गया है और एरिया खाली करने की मांग कर रहा है.”

#WATCH | Delhi: Group of people claiming to be locals gather at Singhu border demanding that the area be vacated.

Farmers have been camping at the site as part of their protest against #FarmLaws. pic.twitter.com/7jCjY0ME9Z

— ANI (@ANI) January 28, 2021

द हिन्दू, टाइम्स नाउ, हिंदुस्तान टाइम्स, CNN न्यूज़18, इंडिया टुडे, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस, TV9 तेलुगू और हिंदुस्तान ये रिपोर्ट करने वाले आउटलेट्स में शामिल हैं .

image

किसानों को हटाने आये लोग कौन थे?

ये सच है कि कई लोग सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने आये थे. लेकिन ये अधूरी सच्चाई है.

किसानों के खिलाफ़ इस में प्रदर्शन सिर्फ़ ‘स्थानीय’ लोग नहीं थे, बल्कि इसे आयोजित करने वाले हिन्दू सेना के सदस्य थे. आजतक के एक ट्वीट में कहा गया, “दिल्ली: हिन्दू सेना संगठन और स्थानीय लोगों ने सिंघु बॉर्डर पर किसान आन्दोलन के खिलाफ़ निकाला मार्च.” इसे हिन्दू सेना के संस्थापक और अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने रीट्वीट भी किया.

image

विष्णु गुप्ता ने एक प्रेस रिलीज़ में कहा, “आज स्थानीय हिन्दू सेना के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर किसानों के बीच सिंघु बॉर्डर जाके खालिस्तानी समर्थकों के खिलाफ़ जमके नारेबाज़ी की व किसानों से रोड खाली करने की अपील की.”

इसमें आगे कहा गया, “हिन्दू सेना ने किसान समर्थक खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी की सरकार से बातचीत कर अपनी समस्याओं का 24 घंटे में समाधान करें व सिंघु बॉर्डर व सड़क खाली करें.”

आज स्थानीय हिंदू सेना के कार्यकर्ताओ ने स्थानीय क्षेत्र वासियों के साथ मिलकर किसानों के बीच सिंघु बॉडर जाके खालिस्तानी समर्थको के खिलाफ जमके नारेबाजी क व किसानों से रोड खाली करने की अपील की ! @ANI@IndiaToday @ABPNews @PTI_News @indiatvnews pic.twitter.com/yx1pczvOMz

— Vishnu Gupta? (@VishnuGupta_HS) January 28, 2021

खालिस्तानियों द्वारा प्रदर्शन आयोजित किये जाने का दावा करने वाले विष्णु गुप्ता से ऑल्ट न्यूज़ ने संपर्क किया. उन्होंने कहा, “हम उन्हें रोड खाली करने का अल्टिमेटम देना चाह रहे हैं. हमारी किसान नेताओं से बात नहीं हो पाई क्योंकि पूरा एरिया पुलिस ने बैरिकेड से घेरा हुआ था.” उन्होंने कहा कि हिन्दू संगठन ने प्रोटेस्ट कर रहे किसानों के खिलाफ़ प्रदर्शन अयोजित किया जिसमें स्थानीय लोगों को भी अपने साथ शामिल कर लिया. उन्होंने बताया कि उनके संगठन की स्थानीय इकाईयां हैं जो ऐसी स्थिति में काम आती हैं.

हिन्दू सेना हिन्दू संगठनों का ही एक हिस्सा है और अक्सर लोगों पर ज़बरदस्ती ‘हिन्दू संस्कृति और नियम’ थोपने की कोशिश करने के लिए सुर्ख़ियों में रहता है. पिछले वर्ष वैलेंटाइन्स डे पर ये संगठन प्रेमी जोड़ों को पुलिस से गिरफ़्तार करवाने की चेतावनी दे रहा था. इस संगठन ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को भी हिंसा पर उतर आने की धमकी दी थी. हालांकि बाद में इसे अपने लोगों को वहां जमा होने से रोकना पड़ा था. इन लोगों ने इंडियन इस्लामिक कल्चर के प्रतीक पर पोस्टर लगा दिए थे जिसपर “जिहादी टेररिस्ट इस्लामिक सेंटर” लिखा था.

मीडिया ने हिन्दू संगठन द्वारा आयोजित किये गये प्रोटेस्ट को स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन बता दिया. आउटलेट्स ने ये नहीं बताया कि सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ स्थानीय लोगों को ले जाने वाले हिन्दू सेना के सदस्य थे.

ट्रैक्टर रैली के बाद लाल किला में घुसे प्रदर्शनकारियों ने भारतीय ध्वज हटाकर खालिस्तान का झंडा नहीं लगाया

इसे भी पढ़ें : फैक्ट चेक:लाल किले पर प्रदर्शनकारी किसानों ने न तिरंगा हटाया न खालिस्तानी झंडा फहराया

साभार ऑल्ट न्यूज़

Alt news
Singhu Border
farmers protest
fact check

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

लखीमपुर खीरी हत्याकांड: आशीष मिश्रा के साथियों की ज़मानत ख़ारिज, मंत्री टेनी के आचरण पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी

युद्ध, खाद्यान्न और औपनिवेशीकरण

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

किसान आंदोलन: मुस्तैदी से करनी होगी अपनी 'जीत' की रक्षा

फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?

किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी एक आशा की किरण है

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License