माकपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि कोरोना अभियान में लगे अन्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी कोरोना वॉरियर माना जायेे। इसके तहत मृतक शिक्षकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी…
सरकार के शीर्ष पर बैठे दो लोग ही सारे फैसले ले रहे हैं और कोई नहीं जानता है कि ये फैसले किस आधार पर लिए जा रहे हैं। यह महाविनाश का ही नुस्खा है और सभी भारतीय इस सच्चाई को अब आसानी से देख पा रहे हैं।
पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से की गई सुनवाई में कहा, “मीडिया को जवाबदेही तय करने के लिए सबकुछ रिपोर्ट करने में सक्षम होना चाहिए और अदालत में होने वाले संवाद चर्चा का आधार तय करने के लिए होते हैं।”