NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
नोटबंदी की कहानी मीम्स की ज़बानी
इस नीति का विशेषज्ञों ने काफी गंभीर विश्लेष्ण किया I साथ ही सोशल मीडिया पर व्यंगों की झड़ी भी लग गयी I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Nov 2017

8 नवम्बर 2016 को रात आठ बजे हमारे प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी जी टी.वी. के माध्यम से घर-घर में प्रकट हुए और एलान कर गये कि रात को 12 बजे से सभी 500 और 1000 के नोट गैरकानूनी हो जायेंगेI उनके हिसाब से काला धन रखने वाले अब लाइन पे आ जायेंगे लेकिन पूरी देश की जनता ही लाइन में खड़े होने को मजबूर हो गयी I  

इस नीति का विशेषज्ञों ने काफी गंभीर विश्लेष्ण किया I साथ ही सोशल मीडिया पर व्यंगों की झड़ी भी लग गयी I

आज नोटबंदी की सालगिरह पर पेश हैं इससे जुड़े कुछ मीम 

  1. कुछ लोग मानते रहे कि नीति तो अच्छी है लागू ठीक नहीं की  नोटबंदी

2 .  जब लोगों की तकलीफ़ लगातार बढ़ती गई तो ये मीम सोशल मीडिया पर काफी प्रचलित हुआ.इसमें फ्रांस की राजकुमारी एनटोनेटट के उस प्रसिद्ध वाक्य की पैरोडी की गयी है जिसमें उन्होंने किसानों की बिगड़ती हालत पर कहा था “अगर उनके पास ब्रेड नहीं हैं तो उन्हें केक खाने दो "

  नोटबंदी

3. जब बैंक के ATM से किसी को पैसा नहीं मिल रहा था तो आलम कुछ यूँ था नोटबंदी 4 .बैंक कर्मचारियों को इतना काम करना पड़ता था की श्याम तक उनकी हवाइयाँ उड़ जाती थी .

bank employees_1.jpg

5. ATM की लाइने इतनी लम्बी थी की “ATM पर कोई नहीं है ” ये सुनना सपना पूरा होने के सामान हो गया था . 

1e4o86.jpg

6.इस दौरान कुछ न्यूज़ चैनलों ने ये ख़बर चलानी शुरू करी की 2000 के नए नोटों में एक चिप है जिस वजह से उसे छुपाया नहीं जा सकेगा . इस मीम में ये चुटकी लेते हुए ये पुछा गया है कि ये महान टेक्नोलॉजी किस न्यूज़ चैनल ने बनायी थी .

note bandi 3.jpg

7.एक साल के बाद नोटबंदी को ज्यदातर अर्थशास्त्री एक मुर्खता पूर्ण कदम मान रहे हैं और लोग इसे “मुर्ख दिवस ’’ कहकर मना जा रहे हैं .यहाँ अर्थव्यवस्था को पेड़ की एक टहनी की तरह दिखाया गया है जिसपर मोदी बैठे हैं और खुद ही उसे की काट रहे हैं . 

fools day.jpg

नोटबंदी
मोदी सरकार
अर्थिक मंदी
meems

Related Stories

किसान आंदोलन के नौ महीने: भाजपा के दुष्प्रचार पर भारी पड़े नौजवान लड़के-लड़कियां

सत्ता का मन्त्र: बाँटो और नफ़रत फैलाओ!

जी.डी.पी. बढ़ोतरी दर: एक काँटों का ताज

5 सितम्बर मज़दूर-किसान रैली: सबको काम दो!

रोज़गार में तेज़ गिरावट जारी है

लातेहार लिंचिंगः राजनीतिक संबंध, पुलिसिया लापरवाही और तथ्य छिपाने की एक दुखद दास्तां

माब लिंचिंगः पूरे समाज को अमानवीय और बर्बर बनाती है

अविश्वास प्रस्ताव: दो बड़े सवालों पर फँसी सरकार!

क्यों बिफरी मोदी सरकार राफेल सौदे के नाम पर?

अविश्वास प्रस्ताव: विपक्षी दलों ने उजागर कीं बीजेपी की असफलताएँ


बाकी खबरें

  • sudan
    पीपल्स डिस्पैच
    सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल
    17 Feb 2022
    इजिप्ट इस तख़्तापलट में सैन्य शासन का समर्थन कर रहा है। ऐसे में नागरिक प्रतिरोधक समितियों ने दोनों देशों की सीमाओं पर कम से कम 15 जगह बैरिकेडिंग की है, ताकि व्यापार रोका जा सके।
  • muslim
    नीलांजन मुखोपाध्याय
    मोदी जी, क्या आपने मुस्लिम महिलाओं से इसी सुरक्षा का वादा किया था?
    17 Feb 2022
    तीन तलाक के बारे में ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना, तब, जब मुस्लिम महिलाओं को उनकी पारंपरिक पोशाक के एक हिस्से को सार्वजनिक चकाचौंध में उतारने पर मजबूर किया जा रहा है, यह न केवल लिंग, बल्कि धार्मिक पहचान पर भी…
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब चुनाव में दलित-फैक्टर, सबको याद आये रैदास
    16 Feb 2022
    पंजाब के चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी सहित सभी पार्टियों के शीर्ष नेता बुधवार को संत रैदास के स्मृति स्थलों पर देखे गये. रैदास को चुनावी माहौल में याद करना जरूरी लगा क्योंकि पंजाब में 32 फीसदी…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: मोदी की ‘आएंगे तो योगी ही’ से अलग नितिन गडकरी की लाइन
    16 Feb 2022
    अभी तय नहीं कौन आएंगे और कौन जाएंगे लेकिन ‘आएंगे तो योगी ही’ के नारों से लबरेज़ योगी और यूपी बीजेपी के समर्थकों को कहीं निराश न होना पड़ा जाए, क्योंकि नितिन गडकरी के बयान ने कई कयासों को जन्म दे दिया…
  • press freedom
    कृष्ण सिंह
    ‘दिशा-निर्देश 2022’: पत्रकारों की स्वतंत्र आवाज़ को दबाने का नया हथियार!
    16 Feb 2022
    दरअसल जो शर्तें पीआईबी मान्यता के लिए जोड़ी गई हैं वे भारतीय मीडिया पर दूरगामी असर डालने वाली हैं। यह सिर्फ किसी पत्रकार की मान्यता स्थगित और रद्द होने तक ही सीमित नहीं रहने वाला, यह मीडिया में हर उस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License