NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
नोटबंदी ने ज़िंदगियों और अर्थव्यवस्था को तबाह किया: विपक्ष
"मोदी ओर उनके मित्रों ने दावा किया था कि नोटबंदी से काला धन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद समाप्त होगा और सिर्फ डिजीटल लेन-देन होगा। दो साल बाद मोदी चुप हैं। सच तो यह है कि उन्होंने खुद ही अर्थव्यवस्था, ज़िंदगियों और आजीविका को तबाह किया है।"
आईएएनएस
08 Nov 2018
Demonetisation

नई दिल्ली| विपक्ष ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर उसके 2016 नोटबंदी के कदम से भारत के प्रत्येक नागरिक को 'तबाह' करने के लिए हमला बोला। विपक्ष ने कहा कि इससे केवल प्रधानमंत्री के घनिष्ठ मित्रों को ही मदद मिली। नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए 'काला दिवस' करार दिया जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इसे 'इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला' बताया।

कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, "नोटबंदी की कीमत और तबाही को इस देश के प्रत्येक नागरिक ने झेला है, सिवाए प्रधानमंत्री मोदी के कुछ घनिष्ठ पूंजीवादी मित्रों के। नोटबंदी हमारे लोकतंत्र और हमारी अर्थव्यवस्था के लिए काला दिवस है।"

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्र से अपनी आर्थिक नीतियों में विश्वसनीयता व पारदर्शिता बहाल करने का आग्रह किया।

पूर्व वित्त मंत्री ने एक बयान में वर्तमान राजग सरकार से आगे किसी प्रकार के ऐसे अपरंपरागत, अल्पकालिक आर्थिक उपायों को स्वीकृति नहीं देने को भी कहा जो अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों में और अधिक अनिश्चितता का कारण बन सके।

उन्होंने कहा, "मोदी सरकार द्वारा 2016 में बिना सोच-समझकर उठाए गए अशुभ कदम, नोटबंदी के आज दो साल पूरे हो गए हैं। इस कदम से भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज में जो विध्वंस हुआ, उसके सबूत आज सभी के सामने हैं।"

सिंह ने बयान में कहा, "नोटबंदी ने हर व्यक्ति पर प्रभाव डाला। इसमें हर उम्र, लिंग, धर्म, समुदाय और क्षेत्र के लोग शामिल थे।"

पूर्व संप्रग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि 'क्या मोदी अर्थव्यवस्था के विध्वंस, नौकरियों और ज़िंदगियों को तबाह करने के लिए माफी मांगेंगे।'

उन्होंने कहा, "भारत के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 86 फीसदी नोटों को बंद करने के एक असंवेदनशील और लापरवाही भरे फैसले के दर्द और उससे जूझने को याद कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "आरबीआई के पास 99 फीसदी नोट वापस आ गए। कालाधन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद और नकली नोट पर काबू; ये चार मकसद बताए थे। चारों में कोई पूरा नहीं हुआ। क्या मोदी इसके लिए माफी मांगेंगे?"

उन्होंने कहा, "नोटबंदी के अक्षम्य और निरंकुश फैसले, जिसने भारत की करीब दो फीसदी जीडीपी को खत्म कर दिया, के दो साल बाद मोदी भारतीय रिजर्व बैंक से और 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपये चाहते हैं। इसे रोका जाना चाहिए।"

माकपा ने आठ नवंबर 2016 को 'हमारे राष्ट्र के इतिहास में सबसे बड़े घोटाले' के रूप में याद किया। 

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने 'मोदी को अर्थव्यवस्था, ज़िंदगियों और आजीविका को तबाह करने के लिए जिम्मेदार ठहराया।'

उन्होंने कहा, "मोदी ओर उनके मित्रों ने दावा किया था कि नोटबंदी से काला धन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद समाप्त होगा और सिर्फ डिजीटल लेन-देन होगा। दो साल बाद मोदी चुप हैं। सच तो यह है कि उन्होंने खुद ही अर्थव्यवस्था, ज़िंदगियों और आजीविका को तबाह किया है।"

आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक गहरा घाव करार दिया।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, "मोदी सरकार के वित्तीय घोटाले की सूची असंख्य है, नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था पर स्व-प्रेरित एक गहरा घाव है, जो दो साल बाद भी एक रहस्य बना हुआ है कि देश को क्यों एक आपदा की ओर धकेला गया था?"

लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने बढ़ती बेरोजगारी के लिए केंद्र पर निशाना साधा।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, "अब प्रत्येक नागरिक को समझ आ गया है कि यह कोई ऐतिहासिक गलती नहीं थी, जिसने हर घर को बर्बाद किया बल्कि एक ऐसा फैसला था जो केवल भाजपा के कुछ पूंजीवादी मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया था।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस काला दिवस करार दिया।

उन्होंने कहा, "सरकार ने इस बड़े नोटबंदी घोटाले से हमारे देश के साथ धोखा किया है। इसने अर्थव्यवस्था और लाखों ज़िंदगियों को तबाह कर दिया। जिन लोगों ने ऐसा किया है, लोग उन्हें दंडित करेंगे।"

demonetisation
notebandi
Narendra modi
Modi government
indian economy
Arun Jaitley
opposition

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?


बाकी खबरें

  • leather industry
    न्यूज़क्लिक टीम
    बंद होने की कगार पर खड़ा ताज नगरी का चमड़ा उद्योग
    10 Feb 2022
    आगरा का मशहूर चमड़ा उद्योग और उससे जुड़े कारीगर परेशान है। इनका कहना है कि सरकार इनकी तरफ ध्यान नही दे रही जिसकी वजह से पॉलिसी दर पॉलिसी इन्हें नुकसान पे नुक्सान हो रहा है।
  • Lakhimpur case
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर कांड: मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मिली ज़मानत
    10 Feb 2022
    केंद्रीय मंत्री के बेटे की ओर से पेश वकील ने अदालत से कहा था कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने किसानों को कुचलने के लिए घटना में शामिल वाहन के चालक को उकसाया था।
  • uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : टिहरी बांध से प्रभावित गांव आज भी कर रहे हैं न्याय की प्रतीक्षा!
    10 Feb 2022
    उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में बने टिहरी बांध के लिए ज़मीन देने वाले ग्रामीण आज भी बदले में ज़मीन मिलने की आस लगाए बैठे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
  •  Bangladesh
    पीपल्स डिस्पैच
    बांग्लादेश: सड़कों पर उतरे विश्वविद्यालयों के छात्र, पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उपजा रोष
    10 Feb 2022
    बांग्लादेश में शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद, देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र एकजुटता की लहर दौड़ गई है। इन प्रदर्शनकारी छात्रों ने…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वैश्विक निरक्षरता के स्थिर संकट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएँ
    10 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र ने नोट किया कि 'दुनिया भर में 150 करोड़ से अधिक छात्र और युवा कोविड-19 महामारी के कारण बंद स्कूल और विश्वविद्यालयों से प्रभावित हो रहे हैं या प्रभावित हुए हैं'; कम से कम 100 करोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License