NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
नोटबंदी : नया खुलासा, नए सवाल
नोटबंदी को लेकर आरटीआई के जरिये हुआ नया खुलासा कई सवाल खड़े करता है। इसी मुद्दे पर हमने बात की न्यूज़क्लिक के एडिटर इन चीफ प्रबीर पुरकायस्थ से जिनका कहना है कि अब सबकुछ जनता की अदालत में है और वह ही फैसला करना है।
न्यूज़क्लिक टीम
14 Mar 2019

नोटबंदी को लेकर आरटीआई के जरिये हुआ नया खुलासा कई सवाल खड़े करता है। इसी मुद्दे पर हमने बात की न्यूज़क्लिक के एडिटर इन चीफ प्रबीर पुरकायस्थ से जिनका कहना है कि अब सबकुछ जनता की अदालत में है और वह ही फैसला करना है। नोटबंदी को लेकर आरटीआई के जरिये हुआ नया खुलासा कई सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिरकार वह क्या कारण था कि आरबीआई डायरेक्टरों की राय को नज़रअंदाज़ कर नोटबंदी का लाभ लिया गया। आरटीआई कार्यकर्ता वेंकटेशेक को सूचना के अधिकार के तहत नोटबंदी के 28 महीने बाद मिली जानकारी के मुताबिक आरबीआई की दिशा केंद्रीय बोर्ड की बैठक में नोटबंदी से कालाधन पर किसी तरह का असर न पड़ने की बात कही गयी थी। साथ ही कहा गया था कि देश और दुनिया के बाजार में फर्जी नोटों के संचालन पर भी कोई असर नहीं पड़ने जा रहा है। इसके अलावा बैठक में अर्थव्यवस्था के कैशलेस होने की बात को भी खारिज कर दिया गया था। वेंकटेश ने यह जानकारी कॉमनवेल्थ ह्यूमन राईट इनिशियन को दी (सीएचआरआई) की वेबसाइट पर रखा गया है। 

rti on demonetisation
right to information
demonetisation
Modi
Modi government
RBI
rbi and government tussle
BJP
notebandi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में करनाल में महापंचायत, अधिकारियों का घेराव
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में करनाल में महापंचायत, अधिकारियों का घेराव
    07 Sep 2021
    महापंचायत के लिए जमा हुए किसानों ने आईजी, एसपी और डीसी का घेराव किया। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की पेशकश की। जिसपर किसानों की ओर से एक ग्यारह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया गया। इस…
  • मुज़फ़्फ़रनगर: 2013 के दंगों के बाद किसान आंदोलन ने किया जाटों और मुसलमानों को फिर से एकजुट
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    मुज़फ़्फ़रनगर: 2013 के दंगों के बाद किसान आंदोलन ने किया जाटों और मुसलमानों को फिर से एकजुट
    07 Sep 2021
    मुजफ्फरनगर महापंचायत जाट-मुस्लिम एकता प्रदर्शित करने वाले संदेश देने में प्रतीकात्मक रूप से सफल रही।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: भूखे भजन न होय गोपाला लेकिन...
    07 Sep 2021
    जनता को रोज़ी-रोटी देने में नाकाम हमारी सरकारें, हमारे जनप्रतिनिधि जनता को पूजा-नमाज़ में ही उलझाए रखना चाहते हैं। शायद यही वजह है कि झारखंड के बाद अब उत्तर प्रदेश और बिहार में भी विधानसभा में इबादत…
  • रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कल!
    रौनक छाबड़ा
    रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कल!
    07 Sep 2021
    “चेतावनी दिवस” के रूप में मनाए जाने वाले इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में देश के सभी 68 रेलवे मंडलों के रेलकर्मियों के भाग लेने की उम्मीद है। 
  • गुजरात: गन्ने के खेत में काम करने वाली आदिवासी महिलाओं की बंधुआ ज़िंदगी
    दमयन्ती धर
    गुजरात: गन्ने के खेत में काम करने वाली आदिवासी महिलाओं की बंधुआ ज़िंदगी
    07 Sep 2021
    दक्षिण गुजरात की आदिवासी महिलाओं की कहानी बेहद दर्दनाक है। वे यहां काम कर रहे 2.5 लाख गन्ना श्रमिकों की संख्या की तक़रीबन आधी हैं, लेकिन ये महिलायें चीनी उद्योग में आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License