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भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
नरेगा बचाओ, गरीब बचाओ
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
12 Dec 2014

वाम पार्टियों और प्रगतिशील ताकतों के लगातार विरोध के बावजूद सरकार ने मनरेगा क़ानून को कमज़ोर कर उसके विपरीत कदम उठाने की ठान ली है| रोज़गार के वादे के साथ सत्ता में आने के बाद मनरेगा को केवल २०० जिलो तक सीमित रखने से ऐसा लग नहीं रहा है की सरकार अपने वादे को पूरा करना चाहती है| इसके बजाये वह उसके विपरीत ही कदम उठा रही है| सरकार मनरेगा के तहत मुहैया कराई गयी रकम पर गैरकानूनी तरीको से रोक लगा रही है| सरकार के इन कठोर कदमो का असर सीधे-सीधे मेहनतकश लोगो पर पड़ेगा|

                                                                                                                         

 

मनरेगा
भाजपा सरकार
श्रम कानून
वाम पार्टियाँ
नव उदारवाद. माणिक सरकार
अरुणा रॉय

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