NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, विदेश सचिव एस जयशंकर समेत राजनाथ सिंह, सदानंद गौड़ा, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमन, रामविलास ने केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 May 2019
Modi

नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में मोदी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस दूसरी पारी में प्रधानमंत्री मोदी के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान, हर्षवर्धन ने भी मंत्रिमंडल के सहयोगी के रूप में शपथ ली है। 

शपथ लेने वालों में विदेश सचिव एस जयशंकर के अलावा अर्जुन मुंडा, रमेश पोखरियाल निशंक, सदानंद गौड़ा, थावर चंद गहलोत, अर्जुन राम मेघवाल, किरेन रिजिजू, जितेन्द्र सिंह, बाबुल सुप्रियो शामिल हैं। 

वहीं सहयोगी दलों से राम विलास पासवान, हरसिमरत कौर, रामदास अठावले ने भी शपथ ली है। बिहार में सहयोगी जदयू और अपना दल मोदी सरकार में शामिल नहीं हुई है। 
  
आपको बता दें कि शपथ ग्रहण से एक दिन पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी को पत्र लिखकर कहा कि वह खराब सेहत के चलते नई सरकार में मंत्री पद के इच्छुक नहीं हैं। वहीं गुरुवार को शपथ न लेने वाले प्रमुख नेताओं में सुषमा स्वराज, सुरेश प्रभु, वीके सिंह, महेश शर्मा, जयंत सिन्हा,जेपी नड्ढा, मेनका गांधी, राम कृपाल यादव, अश्विनी चौबे, राज्यवर्द्धन सिंह राठौर, मनोज सिन्हा का नाम शामिल है। 

गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में करीब आठ हजार मेहमान शामिल हुए। पिछली बार 2014 में मोदी को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दक्षेस देशों के प्रमुखों सहित 3500 से अधिक मेहमानों की मौजूदगी में शपथ दिलायी थी। 

इस बार शपथ ग्रहण समारोह में दक्षेस की जगह बिम्सटेक देशों बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, म्यामांर के राष्ट्रपति यू विन मिंट और भूटान के प्रधानमंत्री लोताय शेरिंग ने हिस्सा लिया। वहीं, थाईलैंड के विशेष दूत जी बूनराच देश का प्रतिनिधित्व किया। 

इन नेताओं के साथ-साथ शंघाई सहयोग संगठन के वर्तमान अध्यक्ष और किर्गिस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति जीनबेकोव और मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ भी शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिए। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए देश के सभी राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों को निमंत्रण दिया गया था लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह बादल इसमें शामिल नहीं हुए। इसके अलावा विमान उतारने की इजाजत नहीं मिलने से तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो पाए। 

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में मारे गए 54 भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवार के सदस्यों शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के चलते ममता बनर्जी ने इस समारोह में हिस्सा नहीं लिया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ से पहले राजघाट जाकर महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और शहीदों को वॉर मेमोरियल पर जाकर श्रद्धांजलि दी। मोदी की अगुआई में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में 542 सीटों में से 303 सीटें जीतकर सत्ता में बहुमत के साथ वापसी की है। 

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Narendra modi
swearing
prime minister
modi 2.0
BJP
Delhi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License