NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नर्मदा नदी के डूब इलाके के बढ़ने से आदिवासी गाँव छोड़ने को मजबूर  
मध्यप्रदेश के करीब 178 गाँवों के निवासी दिन-प्रतिदिन जल स्तर बढ़ने से भयभीत हैं। वहीं महाराष्ट्र के 13 गाँव भी इस डर में जी रहे हैं। इसी विषय स्थानीय लोगों का क्या कहना है ? इसे आप इस वीडियो में देख सकते हैं।  
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
13 Sep 2019

मध्यप्रदेश के करीब 178 गाँवों के निवासी दिन-प्रतिदिन जल स्तर बढ़ने से भयभीत हैं। वहीं महाराष्ट्र के 13 गाँव भी इस डर में जी रहे हैं। इसी विषय स्थानीय लोगों का क्या कहना है ? इसे आप इस वीडियो में देख सकते हैं।  

;MADHYA PRADESH
Water level rise
Narmada River
Tribal forced to leave village

Related Stories

नर्मदा के पानी से कैंसर का ख़तरा, लिवर और किडनी पर गंभीर दुष्प्रभाव: रिपोर्ट

SC ने केंद्र से वैक्सीन क़ीमतों पर किया सवाल, मप्र में अस्पतालों का बुरा हाल और अन्य ख़बरें

ओडिशा-मध्यप्रदेश में बाढ़ का क़हर जारी, जान-माल के साथ फ़सल भी बर्बाद

नदी घाटियों में नियोजन : विकास या विनाश?

ओंकारेश्वर बांध विस्थापतों का जल सत्याग्रह 7वें दिन भी जारी

मप्र :आदिवासियों को अंधेरे में रखकर एक और बांध की तैयारी

मध्य प्रदेश: बस के नदी में गिरने से सात यात्रियों की मौत, 35 घायल

पन्ना टाइगर रिज़र्व के आदिवासी : जबरन बेदख़ली, अधूरे वादे

भोपाल : बिजली विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज

मध्य प्रदेश : आज भी जारी है नर्मदा की लड़ाई, बिना पुनर्वास हटने से इंकार


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License