NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
साहित्य-संस्कृति
एनआईएफ तीन अनुवाद फेलोशिप प्रदान करेगा  
असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, तमिल और उर्दू के अनुवादकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं जिनका चयन भाषा विशेषज्ञ समिति करेगी।
11 Aug 2021
trans

बेंगलुरु: ‘न्यू इंडिया फाउंडेशन’ ने बुधवार को घोषणा की कि भारत के बारे में अहम कथेतर साहित्य के शोध कार्य और विभिन्न भारतीय भाषाओं से अंग्रेजी में उनके अनुवाद कार्य के लिए तीन अनुवादकों या लेखकों को फेलोशिप दी जाएगी।

असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, तमिल और उर्दू के अनुवादकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं जिनका चयन भाषा विशेषज्ञ समिति करेगी। फेलोशिप पाठ्यवस्तु के चयन, अनुवाद की गुणवत्ता और सम्पूर्ण परियोजना प्रस्ताव पर निर्भर करेगी।

एनआईएफ ने एक बयान में कहा कि इन 10 भाषाओं में से किसी से भी कथेतर साहित्य का स्रोत, पाठ्यवस्तु विश्वव्यापी हो सकता है, जिसमें शैली पर कोई प्रतिबंध नहीं है। साथ ही यह वर्ष 1850 के बाद से भारतीय इतिहास के किसी भी सामाजिक-आर्थिक/सांस्कृतिक पहलू का स्पष्ट वर्णन करने वाला हो। यह फेलोशिप ऐतिहासिक भारतीय भाषा के ग्रंथों को अंग्रेजी प्रकाशन में लाने के लिए काम करने वाले अनुवादकों या लेखकों को छह महीने की अवधि के लिए छह लाख रुपये के वजीफे के साथ प्रदान की जाएगी।

बयान के अनुसार फेलोशिप के बाद अनुवादकों और लेखकों से अनुदित सामग्री के प्रकाशन की उम्मीद की जाती है जो उनके प्रस्तावों के चयन का विस्तार होगा। आवेदन के लिए अंतिम तिथि 31 दिसंबर है।

इस वर्ष इन फेलोशिप के लिए निर्वाचक मंडल में एनआईएफ ट्रस्टी - राजनीतिक विज्ञानी नीरजा गोपाल जयल, इतिहासकार श्रीनाथ राघवन, और उद्यमी मनीष सभरवाल के साथ भाषा विशेषज्ञ समिति शामिल हैं। समिति में कुलधर सैकिया (असमिया), इप्शिता चंदा (बांग्ला), त्रिदीप सुहरुद (गुजराती), हरीश त्रिवेदी (हिंदी), विवेक शानभाग (कन्नड़), राजन गुरुक्कल (मलयालम), सुहास पल्शिकर (मराठी), जतिन नायक (उड़िया), एआर वेंकटचलपति (तमिल) और आयशा किदवई और राणा सफवी (उर्दू) जैसे द्विभाषी विद्वान, प्रोफेसर, शिक्षाविद और साहित्यिक अनुवादक शामिल हैं।

इस पहल पर जयल ने कहा, ‘‘भारत को लेकर एक पुरानी कहावत है कि ‘कोस-कोस में बदले पानी, चार कोस में वाणी’। एक संस्कृति पर उसके प्रतीकों, नायकों, अनुष्ठानों, इतिहास और लेखन का असर होता है। एनआईएफ अनुवाद फेलोशिप का उद्देश्य हमारी संस्कृति को नए लोगों के लिए सुलभ बनाना है।’’

 

nif
nif felowship
Translational Research
Indian Languages

Related Stories

हिंदी में नए विचार नहीं आ रहे हैं तो इसे बढ़ावा कैसे मिलेगा?

हिंदी की इस रात की सुबह कब होगी?

संस्कृत के मोह में रुक गया हिंदी का विकास


बाकी खबरें

  • Modi in Kedarnath
    शंभूनाथ शुक्ल
    केदारनाथ में भक्तिभाव कम दिखावा अधिक!
    06 Nov 2021
    यह एक डेमोक्रेटिक देश के प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता कि वह अपनी निजी धार्मिक आस्थाओं का यूँ प्रदर्शन करे। मगर वे जाते हैं और ख़ासकर तब जब चुनाव होने वाला हो।
  • THANK YOU MODI
    राजेंद्र शर्मा
    फिर-फिर थैंक्यू मोदी जी!
    06 Nov 2021
    कटाक्ष: अगला कृपा पर कृपा बरसाकर नहीं थक रहा है और हम थैंक्यू में भी सुस्ती दिखाएं, यह तो बड़ा अन्याय है भाई।
  • GST
    वी श्रीधर
    अक्टूबर में आये जीएसटी में उछाल को अर्थव्यवस्था में सुधार के तौर पर देखना अभी जल्दबाज़ी होगी
    06 Nov 2021
    1.30 लाख करोड़ रूपये की कर वसूली को सरकार द्वारा दिवाली से पहले उपभोक्ता मनोदशा को प्रोत्साहित करने के लिए एक नैरेटिव गढ़ने के तौर पर इस्तेमाल किया गया है।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: लो जी, अब ‘ग़रीब कल्याण’ का ‘दिखावा’ भी बंद!
    06 Nov 2021
    केंद्र सरकार प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर से आगे नहीं बढ़ाएगी। हालांकि यूपी में यह होली तक जारी रहेगी। वैसे उम्मीद है कि इसी तरह जिन राज्यों में अगले साल चुनाव होने हैं उसमें यह…
  • Tripura Violence
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    त्रिपुरा हिंसा: फ़ैक्ट फाइंडिंग टीम के वकीलों पर भी UAPA, छात्रों, वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं का त्रिपुरा भवन पर प्रदर्शन
    06 Nov 2021
    प्रदर्शनकारियों ने असम भवन से त्रिपुरा भवन तक मार्च निकाला। त्रिपुरा और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह प्रदर्शन त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा के बाद गई एक फ़ैक्ट…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License