NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नाइजीरिया में पुलिस हिंसा के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन छठे दिन भी जारी
प्रदर्शनकारी पुलिस के स्पेशल एंटी-रॉबरी स्क्वाड (एसएआरएस) को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं जिस पर आम लोगों के अत्याचार का आरोप लगाया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
14 Oct 2020
नाइजीरिया

हज़ारों लोग मंगलवार 13 अक्टूबर को छठे दिन देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर उतरे। ये प्रदर्शनकारी एसएआरएस पुलिस इकाइयों को भंग करने और पुलिस की बर्बरता को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

सशस्त्र लूटपाट को रोकने के लिए साल 1992 में फेडरल स्पेशल एंटी-रॉबरी स्क्वाड (एसएआरएस) का गठन किया गया था। हालांकि, पिछले दशकों में इस पर कई तरह के उत्पीड़न और अत्याचार और एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग, यातनाओं, भ्रष्टाचार और लूट पाट सहित लोगों के उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था।

एसएआरएस अधिकारियों द्वारा लोगों से मारपीट करने और हत्या करने की एक वीडियो फुटेज अक्टूबर की शुरुआत वायरल होने के बाद विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा दौर शुरु हुआ। शुरुआत में विरोध का आह्वान सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया था जहां लोगों ने एसएआरएस के साथ अपने क्रूर अनुभवों को साझा किया था। राजधानी अबुजा और अन्य शहरों में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने भारी बल प्रयोग किया। उन्होंने कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस को गोले दागे और गोलियां चलाई। इससे प्रदर्शनकारियों में गुस्सा भड़क गया।

फुटबॉलर मारकस रैशफोर्ड और अभिनेता जॉन बॉयेगा सहित कई बड़ी हस्तियों ने इन विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है।

विरोध प्रदर्शनों के शुरुआती दौर के बाद सरकार ने 11 अक्टूबर को एसएआरएस को भंग करने की घोषणा की। एसएआरएस को भंग करने की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति मुहम्मदू बुहारी ने नाइजीरिया में व्यापक पुलिस सुधारों की भी घोषणा की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने व्यापक रुप से भरोसा न होने का हवाला देते हुए अपने विरोध प्रदर्शन को रोकने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि सरकार ने पहले भी कई मौकों पर इसी तरह के सुधारों का वादा किया था। वे पूरी पुलिस व्यवस्था के कामकाज की व्यापक समीक्षा और जांच चाहते हैं और लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को सजा दिलवाना चाहते हैं।

प्रदर्शनकारियों की आशंकाएं मंगलवार को उस समय साबित हुई जब पुलिस ने विकल्प के रुप में स्पेशल वीपन एंड टैक्टिक्स यूनिट (एसडब्ल्य्यूएटी) के गठन की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों ने इसे एसएआरएस को स्थानांतरित करना बताया और आरोपी पुलिस अधिकारियों को बहाल करने का प्रयास बताया। इसके चलते बुधवार को विरोध प्रदर्शन का नए सिरे से आह्वान किया गया है।

Nigeria
Police Violence
protest against police violence

Related Stories

नाइजीरियाः व्यापक कॉर्पोरेट समर्थक सुधारों के साथ पेट्रोलियम इंडस्ट्री बिल लागू

इक्वाडोर की नेशनल एसेंबली ने पिछले साल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस हिंसा के लिए मंत्री को बर्खास्त किया

नाइजीरिया : प्रदर्शनकारियों को कर्फ़्यू के साथ-साथ सशस्त्र अपराधियों के हमलों का सामना करना पड़ा

कोलंबियाः पुलिस की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन में कई लोग मारे गए

महामारी से लड़ने के नाम पर पुलिस स्टेट में तब्दील होता देश!

कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए उपकरण की मांग को लेकर घाना और नाइजीरिया में हेल्थकेयर पेशेवरों की हड़ताल

गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, मध्य प्रदेश फ्लोर टेस्ट, नयी इसरायली सरकार और अन्य

नाइजीरिया के लागोस में तेल पाइपलाइन के पास विस्फोट से 15 लोगों की मौत हो गई

पुलिस की जय-जयकार करवाकर प्रधानमंत्री क्या साबित करना चाहते हैं?

जेएनयू के छात्र क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?


बाकी खबरें

  • student in ukraine
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे पीछे: यूक्रेन में फँसे छात्रों से लेकर, तमिलनाडु में हुए विपक्ष के जमावड़े तक..
    06 Mar 2022
    हर हफ़्ते की कुछ चुनिंदा ख़बरों को जो रोचक भी हैं और ज़रूरी भी, लेकर आए हैं अनिल जैन..
  • George Orwell
    समीना खान
    “1984” 2022 में भी प्रासंगिक
    06 Mar 2022
    हाल ही में राजकमल प्रकाशन के लिए अभिषेक श्रीवास्तव ने बीसवीं सदी के सबसे प्रसिद्ध और प्रासंगिक उपन्यास ‘1984’ का अनुवाद किया, जो अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1949 में…
  • Jai Prakash Chouksey
    मृगेंद्र सिंह
    स्मृति शेष : चौकसे साहब के निधन से एक धारदार और आकर्षक लेखनी पर पर्दा गिर गया
    06 Mar 2022
    जय प्रकाश चौकसे की याद में एक प्रशंसक पाठक का संस्मरण।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    पूर्वांचल: मुकाबला किसानों-युवाओं की नाराज़गी और सत्ताधारियों के चुनावी प्रबंधन में
    05 Mar 2022
    सात चरणों में विभाजित यूपी के विधानसभाई चुनाव के आखिरी चरण में 7 मार्च को 54 सीटों पर मतदान होगा. किसान और नौजवान सत्ताधारियो से बेहद नाराज़ है. इसके जवाब में सत्ताधारियो का चुनाव प्रबंधन भी बेजोड़…
  • Padtal Duniya Bhar Ki
    न्यूज़क्लिक टीम
    पड़ताल दुनिया भर कीः यूक्रेन के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र जापोरिजया पर रूसी, आख़िर इरादा क्या है
    05 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने रूस के यूक्रेन पर हमले के 10वें दिन, यूक्रेन के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र पर कब्जे किये जाने के पीछे, रूसी इरादों के बारे में न्यूज़क्लिक के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License