NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
नवाकडाल एनकाउंटर : कई घरों को लूटने के बाद किया आगे के हवाले 
कनिमाज़र क्षेत्र के निवासियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने कई घरों से नकदी, आभूषण और घर का क़ीमती सामान उस वक़्त लूट लिया जब उन्होंने इलाक़े में आतंकवादियों को पकड़ने देने के लिए 19 मई की सुबह-सुबह कार्रवाई की थी।
अनीस ज़रगर
21 May 2020
Translated by महेश कुमार
नवाकडाल एनकाउंटर

श्रीनगर: 19 मई को डाउनटाउन श्रीनगर के नवाकडाल इलाक़े में हिज़बुल मुजाहिद्दीन के दो आतंकवादियों को सुरक्षा बालों के एक ऑपरेशन में मार गिराया गया, लेकिन स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों ने इस अभियाम में एक दर्जन से अधिक घरों को जलाकर खाक कर दिया और कई अन्य को कथित रूप से लूट लिया है।

इलाके के निवासियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कनिमाज़र में कई घरों से नकदी, आभूषण और अन्य कीमती सामान लूट लिया क्योंकि वे इस इलाके में आतंकवादियों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन चला रहे थे।

न्यूजक्लिक को एक निवासी ने बताया, कि "उन्होंने पहले हमारे घरों को लूटा और फिर इलाके में आग लगा दी।" उनके पति बिलाल अहमद दिहाड़ी मज़दूर के रूप में अपनी रोजी-रोटी कमाते थे, तालाबंदी के कारण, वे पूरी तरह से उन पैसों पर निर्भर थे जिन्हे उन्होंने ऐसे समयों के लिए बचा कर रखा था। "उन्होंने हमारे घरों में तोड़फोड़ की ... हमारे लॉकर तोड़ दिए और सब कुछ लूट कर ले गए, अब हम ज़िंदा कैसे रहेंगे?," बिलाल की दुखी पत्नी ने अपने आप से सवाल किया।

बिलाल का घर इस मुठभेड़ के स्थल बहुत करीब था जहां सुरक्षा बालों ने कार्यवाही के बाद एक दर्जन से अधिक घरों में आग लगा दी थी। हालांकि, मोहम्मद रफीक जिसका घर अपेक्षाकृत सुरक्षित दूरी पर है, कथित तौर पर उसके घर को भी नहीं बख्शा गया। उसकी पत्नी हुए नुकसान को देख कर रोए जा रही थी। "पुलिस ने हमारे घर में घुसकर न केवल नकदी और आभूषण हड़प लिए, बल्कि, मेरे पति के लैपटॉप को भी ज़ब्त कर लिया है।"

image 1_6.png

तारिक़ अहमद, जिसका परिवार भी इस हिंसा से प्रभावित हुआ था, ने कहा कि जघन्य कृत्य को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रात के दौरान अंजाम दिया था।

"वे यानी सुरक्षा बल, किसी चंबल घाटी के डकैतों की तरह आए और कीमती सामान को लूट लिया। कई परिवारों ने अपनी बेटी की शादी के लिए पैसे और गहने बचा कर रखे हुए थे, वे उन्हे भी ले गए।” उन्होंने कहा।

हालांकि, श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ॰ हसीब मुगल ने इन आरोपों को "निराधार और पुलिस के खिलाफ प्रेरित" बताया है।

मुगल ने न्यूजक्लिक को बताया, कि "पुलिस और सुरक्षा बलों के बारे में दुष्प्रचार न करें ... फिर भी अगर कोई खास शिकायत है, तो हम जांच के लिए तैयार हैं।"

मंगलवार के पुलिस ऑपरेशन को जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से आधी रात के 2 बजे के आसपास शुरू किया था, जिसमें हिज्ब के दो आतंकवादी, जिन्हें पुलिस ने बाद में श्रीनगर और पुलवामा इलाके से जुनैद अहमद सेहराई और तारिक अहमद शेख के रूप में पहचाना था, को मुठभेड़ में मार गिराया था। जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ का एक-एक जवान इसमें घायल हो गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दो आतंकवादियों में से एक को घर के अंदर ही मार दिया गया था जबकि दूसरे को गली के बाहर तब मार दिया गया, जब वह भागने की कोशिश कर रहा था।

हिजबुल के शीर्ष आतंकवादियों में से एक जुनैद सेहराई मार्च 2018 में आतंकवादी धड़े में शामिल हो गया था और इस क्षेत्र में कई आतंकवादी अभियानों या हमलों का हिस्सा था। वे अलगाववादी पार्टी तहरीक-ए-हुर्रियत (टीएच) के मौजूदा अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ सेहराई के बेटे थे। जुनैद, जोकि एक एमबीए था और पहले एक निजी कंपनी में काम करता था, जुनैद तुरंत तब हिज्ब के धड़े में तब शामिल हो गया आता जब उसके पिता बड़े अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से तहरीक-ए-हुर्रियत पार्टी को चलाने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली थी। अशरफ, पूर्व के वर्षों में गिलानी के सबसे भरोसेमंद लेफ्टिनेंटों में से एक थे, वे हुर्रियत नेतृत्व के सबसे शीर्ष के ऐसे नेता है, जिनके बेटे आतंकवादी धड़े में शामिल हो गए थे।

जुनैद की हत्या के तुरंत बाद, अशरफ़ ने श्रीनगर के बाहरी इलाके में अपने घर बागत ई बारज़ुल्ला निवास पर अपने बेटे के जनाज़े की अनुपस्थित में नमाज़ पढ़ी, जिसे ‘नमाज़ ए जनाज़ा’ भी कहा जाता है, जिसमें क़रीबी रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने भाग लिया था।

पिछले दो सालों में डाउनटाउन श्रीनगर में नवाकाडल एनकाउंटर पहली मुठभेड़ है। इससे पहले अक्टूबर 2018 में, एक शीर्ष लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकवादी कमांडर मेहराज बांगरू को फतेह कदल के नजदीकी डाउनटाउन इलाके में एक मुठभेड़ में उनके दो सहयोगियों के साथ मार दिया गया था जिसमें  सीआरपीएफ का एक जवान भी मारा गाया था।

मंगलवार की मुठभेड़ से नवाकडाल के निवासियों को गहरा सदमा लगा है क्योंकि वे अपने और पड़ोसियों के घरों को आग की लपटों में जलते और ढहते हुए देख रहे थे। पूरे इलाका आग और धुएँ की चपेट में आ गया था, स्थानीय लोगों की मदद से दमकल विभाग ने आग की लपटों को भुजाने की पुरजोर कोशिश की।

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बालों के हटने के तुरंत बाद, इलाके में झड़पें शुरू हो गईं, जिसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और पेलेट गन का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने मुठभेड़ के मद्देनजर दिन में मोबाईल सेवाओं को बंद कर दिया था जिन्हे बाद में शाम को बहाल कर दिया गया था। हालांकि, श्रीनगर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बहाल नहीं किया गया, और एक सप्ताह बाद ही इन्हे बहाल किया गया था। इससे पहले 6 मई को हिजबुल के शीर्ष कमांडर रियाज़ नाइकू की हत्या के बाद इन्हे बंद कर दिया गया था।

सुरक्षा बलों ने बावजूद कोविड-19 के प्रसार और उसके लिए दुनिया भर में चल रहे लॉकडाउन के  कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान को तेज कर दिया है, इस माहामारी यानि कोविड-19 से क्षेत्र के एक हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

अंग्रेजी में लिखी गई इस मूल स्टोरी को आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं-  

Over Dozen Homes Burned, More Looted During Nawakadal Encounter, Allege Residents

Nawakadal Encounter
Jammu and Kashmir
J&K Police
COVID 19 Lockdown
internet ban
Mobile Internet Services in J&K
Counter Insurgency Operations
Militant Killed
Hizbul Mujahideen
Hizbul Member Killed

Related Stories

जम्मू : बेड की कमी की वजह से कोविड-19 मरीज़ों का सीढ़ियों और पार्किंग लॉट में हो रहा इलाज

कोविड-19 : मप्र में 94% आईसीयू और 87% ऑक्सीजन बेड भरे, अस्पतालों के गेट पर दम तोड़ रहे मरीज़

देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी, केंद्र से तत्काल क़दम उठाने की मांग

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट: लॉकडाउन से कार्बन उत्सर्जन को कम करने में कोई ख़ास मदद नहीं मिली

लॉकडाउन से कामगारों के भविष्य तबाह, ज़िंदा रहने के लिए ख़र्च कर रहे हैं अपनी जमापूंजी 

ग्रामीण भारत में कोरोनावायरस-39: लॉकडाउन से बिहार के बैरिया गांव के लोगों की आय और खाद्य सुरक्षा प्रभावित हुई

कोविड अपडेट, कश्मीर में सब्ज़ियों का व्यापार ठप्प और अन्य

कश्मीर में भयावह रहा है कोविड-19 का सफ़र

लॉकडाउन में मोदी सरकार द्वारा हड़बड़ाहट में उठाए गए क़दम

कोविड अपडेट, कश्मीर में पर्यटन और अन्य


बाकी खबरें

  • एसकेएम की केंद्र को चेतावनी : 31 जनवरी तक वादें पूरे नहीं हुए तो 1 फरवरी से ‘मिशन उत्तर प्रदेश’
    मुकुंद झा
    एसकेएम की केंद्र को चेतावनी : 31 जनवरी तक वादें पूरे नहीं हुए तो 1 फरवरी से ‘मिशन उत्तर प्रदेश’
    16 Jan 2022
    संयुक्त किसान मोर्चा के फ़ैसले- 31 जनवरी को देशभर में किसान मनाएंगे "विश्वासघात दिवस"। लखीमपुर खीरी मामले में लगाया जाएगा पक्का मोर्चा। मज़दूर आंदोलन के साथ एकजुटता। 23-24 फरवरी की हड़ताल का समर्थन।
  • cm yogi dalit
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव और दलित: फिर पकाई और खाई जाने लगी सियासी खिचड़ी
    16 Jan 2022
    चुनाव आते ही दलित समुदाय राजनीतिक दलों के लिए अहम हो जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। उनके साथ बैठकर खाना खाने की राजनीति भी शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि दलित वोटर अपनी पसंद किसे बनाते हैं…
  • modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे : झुकती है सरकार, बस चुनाव आना चाहिए
    16 Jan 2022
    बीते एक-दो सप्ताह में हो सकता है आपसे कुछ ज़रूरी ख़बरें छूट गई हों जो आपको जाननी चाहिए और सिर्फ़ ख़बरें ही नहीं उनका आगा-पीछा भी मतलब ख़बर के भीतर की असल ख़बर। वरिष्ठ पत्रकार अनिल जैन आपको वही बता  …
  • Tribute to Kamal Khan
    असद रिज़वी
    कमाल ख़ान : हमीं सो गए दास्तां कहते कहते
    16 Jan 2022
    पत्रकार कमाल ख़ान का जाना पत्रकारिता के लिए एक बड़ा नुक़सान है। हालांकि वे जाते जाते भी अपनी आंखें दान कर गए हैं, ताकि कोई और उनकी तरह इस दुनिया को देख सके, समझ सके और हो सके तो सलीके से समझा सके।…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    योगी गोरखपुर में, आजाद-अखिलेश अलगाव और चन्नी-सिद्धू का दुराव
    15 Jan 2022
    मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के अयोध्या से विधानसभा चुनाव लडने की बात पार्टी में पक्की हो गयी थी. लेकिन अब वह गोरखपुर से चुनाव लडेंगे. पार्टी ने राय पलट क्यों दी? दलित नेता चंद्रशेखर आजाद की पार्टी अब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License