NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
पाकिस्तान ने तैयार किया वैज्ञानिक चंद्र कैलेंडर
सरकार की ओर से वैज्ञानिक चंद्र कैलेंडर बनाने के लिए गठित विशेषज्ञों के पैनल ने यह कैलेंडर तैयार कर लिया है। इसके मुताबिक, ईद पांच जून को होने के आसार हैं।
भाषा
22 May 2019
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy: Pakistan Today

इस्लामाबाद : पाकिस्तान में इस्लामी त्योहारों को मनाने के लिए चांद देखने को लेकर विवादों को खत्म करने के उद्देश्य से एक कैलेंडर तैयार किया गया है।

सरकार की ओर से वैज्ञानिक चंद्र कैलेंडर बनाने के लिए गठित विशेषज्ञों के पैनल ने यह कैलेंडर तैयार कर लिया है। इसके मुताबिक, ईद पांच जून को होने के आसार हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद से ही फव्वाद चौधरी इस्लामी कैलेंडर तैयार करने के लिए वैज्ञानिक तरीकों के इस्तेमाल पर जोर दे रहे थे। वह चाहते हैं कि रूअत-ए-हिलाल कमेटी द्वारा चांद देखने की रिवायत को खत्म किया जाए।

चौधरी ने सोमवार को ऐलान किया कि वैज्ञानिक कैलेंडर को पूरा कर लिया गया है और इसे ‘इस्लामी विचारधारा परिषद’ (सीआईआई) को भेजा जाएगा।

मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक चंद्र कैलेंडर के मुताबिक, ईद-उल-फित्र (मीठी ईद) के पांच जून को पड़ने की संभावना है।

पाकिस्तान सरकार ने इस महीने के शुरू में चांद देखने को लेकर होने वाले विवाद को खत्म करने के लिए एक वैज्ञानिक समिति गठित की थी। सरकार के इस कदम से उलेमा (धर्मगुरू) नाराज हो गए।

मंत्री ने कहा कि यह कैलेंडर अंतरिक्ष एवं ऊपरी वातावरण अनुसंधान आयोग, अंतरिक्ष विशेषज्ञों और मौसम विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि सीआईआई और रूअत-ए-हिलाल कमेटी को कैलेंडर को देखने के लिए आमंत्रित किया गया है ताकि वे इसको संकलित करने में की गई कड़ी मेहनत को समझ सकें।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने मंगलवार को खबर दी कि यह कैलेंडर पांच साल के लिए तैयार किया गया है और हर पांच साल में इसकी समीक्षा की जाएगी।

चौधरी ने कहा कि इस कैलेंडर को जारी करने से पहले उलेमा से सलाह-मशविरा किया जाएगा और उन्हें भरोसे में लिया जाएगा।

Pakistan
Scientific moon calendar
moon calendar
eid

Related Stories


बाकी खबरें

  • रिचर्ड डी. वोल्फ़
    यूक्रेन युद्ध में पूंजीवाद की भूमिका
    15 Apr 2022
    वैश्विक युद्ध हमेशा पूंजीवाद के वैश्वीकरण और इसके मुनाफ़े के मक़सद के साथ होता रहा है।
  • बी. सिवरामन
    क्या एफटीए की मौजूदा होड़ दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था परिपक्व हो चली है?
    15 Apr 2022
    अक्सर यह दावा किया जाता है कि मुक्त व्यापार समग्र रूप से तथाकथित 'राष्ट्रीय हितों' की पूर्ति करेगा। यह बकवास है। कोई भी एफटीए केवल निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों, खनिकों और खनिज निर्यातकों तथा…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं
    15 Apr 2022
    हिंसा को स्वीकार्य बनाने के लिए कट्टरपंथी शक्तियों द्वारा संचालित मानसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शायद पूर्ण हो चुका है और हममें से अधिकांश संभवतः इसमें ए प्लस ग्रेड भी अर्जित कर चुके हैं इसलिए इन शोभा…
  • ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन
    15 Apr 2022
    ऐसा प्रतीत होता है कि ज़्यादातर सूचनाएँ अभी भी शीत-युद्धकालीन मानसिकता से ग्रसित हैं, जो मानवता को दो विरोधी ख़ेमों में बाँटकर देखती है। हालाँकि, सच ये नहीं है।
  • विजय विनीत
    बनारस में गंगा के बीचो-बीच अप्रैल में ही दिखने लगा रेत का टीला, सरकार बेख़बर
    15 Apr 2022
    बनारस की गंगा में बालू के टीले पहले जून के महीने में दिखाई देते थे। फिर मई में और अब अप्रैल शुरू होने के पहले ही दिखाई देने लगे हैं, जो चिंता का विषय है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License