NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
मज़दूर-किसान
समाज
भारत
‘पापा कया ऐतै (पापा कब आएंगे)?’
ग़ाज़ियाबाद में सीवर में पांच लोगों की मौत की ख़बर बिहार में जब उनके गांव में पहुंची तो परिवार वालों पर मुसीबत का पहाड़ टूट गया। दामोदर की पांच साल की बेटी अर्चना रोकर पूछती है कि ‘पापा कया ऐतै (पापा कब आएंगे)?’ इन लोगों का पार्थिव शरीर इनके गांव में 25 अगस्त को पहुंचा जहां पर इनका अंतिम संस्कार हुआ।
सुनील कुमार
28 Aug 2019
ग़ाज़ियाबाद

22 अगस्त, 2019 को गाजियाबाद सिहानी गेट थाने के सिहानी गांव के पास सद्दीक नगर में सीवर पाइप लाइन डालते हुए विजय राय, शिवकुमार राय, दामोदर सदा, संदीप सदा, होरिला सदा की मृत्यु हो गई। कोई गांव से एक माह पहले आया था, तो कोई एक माह बाद अपने परिवार के पास त्योहार मनाने जाने वाला था। यह सभी मृतक अपने परिवार के भरण-पोषण करने के लिए अपने परिवार से 1200 किलोमीटर दूर समस्तीपुर (बिहार) से आए हुए थे। ये सभी  अपने मां-पिता, पत्नी, बच्चों की परवरिश करने, वाले इकलौते सहारा थे। मृतक में होरील सदा (35) पुत्र ठक्कोर, संजीत सदा (30) पुत्र सुरेश सदा, दामोदर सदा (40) पुत्र मधुसूदन, गांव पनसल्ला, थाना सिंधिया के रहने वाले थे। जब इन लोगों की मरने की खबर गांव में पहुंची तो परिवार वालों पर मुसीबत का पहाड़ टूट गया। दामोदर की पांच साल की बेटी अर्चना रोकर पूछती है कि ‘पापा कया ऐतै (पापा कब आएंगे)?’ इन लोगों का पार्थिव शरीर इनके गांव में 25 अगस्त को पहुंचा जहां पर इनका अंतिम संस्कार हुआ। इन मजदूरों के घर फूस (झोपड़ी) के हैं। मृतक दामोदर सदा की पांच बेटियां हैं, मां-बाप भी बुजुर्ग हैं जिनका सहारा दामोदर ही थे। दामोदर की पत्नी रोते रोते बेहोश हो जा रही है और कह रही है कि अब उनके परिवार को कौन देखेगा। यही हाल होरीला की पत्नी और संजीत के परिवार का है। गांव बेलसंडी, थाना विभूतिपुर के जयनारायण के घर में मातम पसरा हुआ है। जयनारायण की बेटी और बहू का सुहाग एक साथ उजड़ गया है। जयनारायण कि बेटी कृष्णा की शादी विजय राय के साथ हुई थी जिसकी इस घटना में मृत्यु हो गई। विजय गांव रामपुरा, थाना सिंधिया के जवाहर राय के इकलौते पुत्र थे। विजय के ऊपर मां विमला देवी, पिता जवाहर राय, पत्नी कृष्ण और बच्चे रिया राजा, सोनू व गोलू कि जिम्मेवारी थी। विजय और शिवकुमार का शव 24 अगस्त को जैसे ही उनके पैतृक गांव रामपुरा और बेलसंडी पहुंचा गांव में चीत्कार कि आवाजें आने लगी। शिवकुमार कि पत्नी कंचन और बच्चे सुधांशु, साहिल शव के साथ लिपटकर बेहोश हो गये यही हालत विजय के घर वालों की रही। 

6.jpg

‘अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन’ (Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation) जिसको ‘अमृत योजना’ कहा जाता है। ‘अमृत योजना’ के तहत गजियाबाद के नंदग्राम के विभिन्न काॅलोनियों में सीवरेज और पेयजल का काम 23 मई 2018 से हो रहा था। इस काम की जिम्मेवारी गाजियाबाद जल निगम की थी जिसका ठेका ईएमएस इंफ्राकाॅन प्रा. लि. को दिया हुआ था, यह परियोजना करीब 100 करोड़ रुपये लागत की है। ईएमएस इंफ्राॅकाॅन प्रा. लि. कम्पनी ने काम पूरा कराने के लिए छोटे-छोटे ठेकादारों को यह ठेका दे रखा था जो कि खुद भी साथ में मजदूरी करते थे। मृतक विजय राय भी उसमें से एक ठेकेदार था। काम के दौरान कोई भी सेफ्टी इनके पास नहीं होती थी और न ही कोई ईएमएस इंफ्राॅकाॅन कम्पनी का कोई व्यक्ति होता था। 

5_0.jpg

नन्दग्राम के जीडीए (गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी) के ई ब्लाॅक में रहने वाले राजेश तोमर बताते हैं कि करीब दो माह पहले उनके ब्लाॅक में भी काम चल रहा था, जिसके कारण उनकी मजदूरों से बातचीत होती रहती थी। उन्होंने बताया कि काम के दौरान कोई भी सुरक्षा उपकरण उनके पास नहीं होते थे। 40-50 फीट दूरी पर चेम्बर बना हुआ था जिसके अन्दर जाकर पाइप डालना होता था। 8 लोग, 12 घंटे काम करके 3 मीटर पाइप लाइन डालते थे जिनके लिए उन्हें 6000 रुपये मिलते थे। हाइड्रोलिंग मशीन जो कि ईएमएस इंफ्राॅकाॅन कम्पनी की होती थी वह अन्दर से सुरंग बना देती थी और इन मजदूरों को 13 फीट गड्ढे से उसकी मिट्टी निकालनी होती थी और उसके अन्दर तीन फीट (800 एम.एम.) का पाइप डालना होता था। वह बताते हैं कि उस दौरान केवल चेम्बर के पास एक छोटा सा टेबल पंखा होता था उसकी हवा के सहारे वे लोग पाइप के अन्दर जाते थे। 

जब राजेश तोमर ने मजदूरों से पूछा कि तुम लोगों को यह काम करते डर नहीं लगता तो वे लोग बोले कि ‘‘पेट के लिए तो करना ही पड़ेगा’’। 
राजेश तोमर कि बात को घटना स्थल पर खुशी जनरल स्टोर चलाने वाले राजवीर सिंह की बातों से और बल मिलता है। राजबीर सिंह की दुकान के सामने ही यह घटना घटी है। राजवीर सिंह बताते हैं कि सीवर लाईन का काम 15 दिन पहले पूरा हो गया था यह लोग अब सब कनेक्शन का पाइप सीवर लाइन में जोड़ रहे थे। जब ये सब कनेक्शन लगाकर अन्दर से सीमेंट लगा रहे थे तभी मिस्त्री सीवर लाईन के अन्दर गिर गया और उसको बचाने के चक्कर में एक-एक करके लोग 13 फीट गहरे सीवर में गिर गये। वे बताते हैं कि ठेकेदार विजय रस्सी रस्सी चिलाते हुए सीवर लाइन के अन्दर गए तो उनका ध्यान गया तब उन्होंने शोर मचा कर लोगों को जमा किया। वह बताते हैं कि घटना स्थल पर रस्सी भी नहीं थी। उन्होंने ग्रामीणों कि मद्द से सीवर लाइन के दूसरे ढक्कन को खोला वहां पर पंखे लगाये तो दूसरी साइट पर काम कर रहे मजदूर कहीं से रस्सी लेकर आये तब उन लोगों को करीब 45 मिनट बाद निकाला जा सका। कुछ लोग दोपहिया वाहन से इन पांचों को मरियम अस्पताल ले गये जो कि घटना से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है, अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लोगों को अस्पताल पहुंचाने के बाद वहां पर पुलिस पहुंची, दमकल विभाग की कोई गाड़ी वहां पर नहीं आई। वहां पर खड़े नौजवान बताते हैं कि दमकल गाड़ी साहिबाबाद या गाजियाबाद से आएगी जो कि यहां से काफी दूर है। उन्होंने कहा कि श्रीराम पिस्टन पर तीन दमकल गाड़ी खड़ी रहती है जो कि यहां से 3 किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन वह केवल कम्पनी के लिए है। 

प्रशासन का कहना है कि हमने गाज़ियाबद जल निगम के महाप्रबंधक कृष्ण मोहन यादव, अधिशासी अभियंता रवीन्द्र सिंह, सहायक अभियंता प्रवीण कुमार और अजमत अली जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। ईएमएस इंफ्राॅकाॅन प्रा. लि. कम्पनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दे दिए गए हैं। 

गाजियाबाद के एसपी सुधीर कुमार सिंह ने वक्तव्य दिया है कि इस मामले में दो केस दर्ज किए हैं। ईएमएस इंफ्राॅकाॅन कम्पनी के मालिक रामबीर, साइट मैनेजर मोनू और प्रवीण पर मुकदमा दर्ज किया गया है जिसमें मोनू को पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया है। 

सिहानी गेट थाने के एफआईआर देखने पर पता चला है कि भा.दं.सं. 304 के तहत जितेन्द्र के नाम से 22 तारीख को रात के करीब 10 बजे ईएमएस इंफ्राॅकाॅन कम्पनी के मालिक रामबीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में रामबीर का वर्तमान पता मैसर्स ईएमएस इंफ्राॅकाॅन प्रा. लि., सी-88 आर.डी.सी. राजनगर, गाजियाबाद, सिहानी गेट, उत्तर प्रदेश लिखा है और  यही पता शिकायतकर्ता जितेन्द्र का ईएमएस इंफ्राॅकाॅन प्रा. लि. सी-88 आर.डी.सी. राजनगर, गाजियाबाद, सिहानी गेट, उत्तर प्रदेश  लिखा हुआ है। एफआईआर में जितेन्द्र का स्थायी पता टाडाखेड़ा मलिहाबाद, लखनऊ लिखा हुआ है। जितेन्द्र को फोन करने पर बताया कि वह कम्पनी में मशीन ऑपरेटर था। इसके अलावा वह कुछ नहीं जानता है और फोन काट दिया। दुबारा फोन मिलाने पर कहा कि वह गांव जाने के लिए बस में बैठा है, वह बहुत परेशान है, बात नहीं कर सकता है। क्या इस स्थिति में मृतक परिवार वालों को न्याय मिल पाएगा? घटना दिन के करीब 1.30 बजे घटित होती है और थाने में रिपोर्ट दर्ज होती है 8 घंटे बाद, जबकि नन्द ग्राम पुलिस चौकी घटना से 1 किलोमीटर की दूरी पर है। शासन-प्रशासन का यह रवैया है कि 100 करोड़ का ठेका कम्पनी को देकर अधिकारी सोते रहे और मजदूर मरते रहे।

ghaziabad sewer deaths
sewer deaths in india
Sewer deaths
ghaziabad developmental authority
GDA
manual scavenging

Related Stories

यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें

मानसून, सीवर की सफ़ाई और मज़दूरों की टूटती सांसें

हरियाणा में सेप्टिक टैंक साफ करने के दौरान चार की मौत

वड़ोदरा : होटल में सीवर साफ करने के दौरान 4 सफाईकर्मियों समेत 7 की मौत

रोहिणी सेप्टिक टैंक: ‘जबरन सीवर में उतारा गया, हादसे के बाद मरने के लिए छोड़ दिया’


बाकी खबरें

  • varansi ghat
    कुशाल चौधरी
    बनारस घाट के नाविकों को अब भी कोविड-19 की तबाही से उबरना बाक़ी
    21 Oct 2021
    पर्यटकों की आवाजाही पर महीनों का लॉकडाउन और मानसून में गंगा के स्तर में वृद्धि से त्रस्त नाविकों को काम, दैनिक मज़दूरी की कमी का सामना करना पड़ रहा है और वे भारी क़र्ज़ में हैं। इस बीच सरकारी मदद…
  • IGDTUW
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली सरकार के विश्वविद्यालय के सफ़ाई कर्मचारियों ने कपड़े उतार कर मुख्यमंत्री आवास पर किया प्रदर्शन!
    21 Oct 2021
    सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वो दिल्ली सरकार की बर्बर उदासीनता के खिलाफ आज यानी गुरुवार को दलित महिला कर्मचारी सूर्यास्त के समय मुख्यमंत्री आवास पर अपने बाल मुंडवा कर उनका त्याग करेंगी। विश्वविद्यालय…
  • Bangladesh Violence
    एजाज़ अशरफ़
    बांग्लादेश हिंसा: अल्पसंख्यकों के लिए असहनीय जगह में तब्दील होता भारतीय उपमहाद्वीप
    21 Oct 2021
    अतीत की उथल-पुथल से सबक सीखने के बजाय, बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत में विभाजन की पूनरावृति देखी जा रही है।
  • patna
    राहुल कुमार गौरव
    पटना मेट्रो: पुनर्वास का इंतिज़ाम नहीं, अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस के डंडे से हुई चाय वाले की मौत!
    21 Oct 2021
    पटना के कंकड़बाग इलाका के मलाही पकड़ी चौराहे के दोनों तरफ की सड़कों के बीच में खाली पड़ी जमीन पर पिछले कई सालों से दर्जनों परिवार 50 सालों से रह रहे हैं। पटना में मेट्रो निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा…
  • Patna
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: कश्मीर में प्रवासी बिहारी मज़दूरों की हत्या के ख़िलाफ़ पटना सहित पूरे राज्य में मनाया गया विरोध दिवस
    21 Oct 2021
    माले के मुताबिक़ राजधानी पटना के साथ-साथ बिहारशरीफ, बेगूसराय, अरवल, नवादा, रोहतास, डुमरांव, समस्तीपुर, भोजपुर, सिवान, दरभंगा आदि जिलों में भी विरोध मार्च निकाले गए।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License