NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
पेट्रोल/डीजल की कीमतों में कटौती – मजाक कर रहे हैं, जेटली जी?
पिछले 15 महीनों में कीमतों में 25 प्रतिशत की वृद्धि के बाद, 3 प्रतिशत की कटौती सिर्फ एक भद्दा मज़ाक है जिससे कोई बेवकूफ नहीं बनने वाला।
सुबोध वर्मा
05 Oct 2018
Translated by महेश कुमार
petrol price cut

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रति लीटर 2.50 रुपये कम हो जाएंगी। उन्होंने राज्यों से करों के उनके हिस्से में समान रूप से 2.50 रुपये कटौती करने का आग्रह किया। अब तक, केरल और दिल्ली ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है, जबकि छ: बीजेपी शासित राज्य इस राय से सहमत हुए।

नीचे दिए चार्टों पर नज़र डालें - यह पूरे परिप्रेक्ष्य में कीमतों में गिरावट को सही रुप में दिखाता है। ये तेल मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण सेल (पीपीएसी) द्वारा बनाए गए दैनिक आंकड़ों पर आधारित हैं।

petrol price cut 1.jpg

petrol price cut 2.jpg

पिछले साल, सरकार ने इन दोनों ईंधन के दैनिक मूल्य निर्धारण करने की शुरुआत की थी। उस समय, पेट्रोल प्रति लीटर 64.48 रुपये और डीजल 54.32 रुपये प्रति लीटर पर बेचा जा रहा था।

4 अक्टूबर को, 2.50 रुपये की कटौती के बाद की दरों को देखें: पेट्रोल - 81.50 रुपये और डीजल 72.95 रुपये प्रति लीटर है! दूसरे शब्दों में ये दरें जून 2017 के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक हैं। श्री जेटली द्वारा घोषित महान कटौती जिस दर पर इन्हें बेचा जा रहा था उस कीमत का 3 प्रतिशत है।

भारत में खुदरा तेल की कीमतें उस लागत पर निर्धारित हैं जिस लागत पर तेल आयात किया जाता है, साथ ही उत्पाद शुल्क, वैट और डीलरों का कमीशन भी इसमें जुड़ जाता है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, 1 अक्टूबर 2018 को, डीलरों द्वारा लगाया जाने वाला मूल्य पेट्रोल के लिए 42.79 रुपये प्रति लीटर और डीजल के 42.22 रुपये प्रति लीटर था। बाकी सब इस पर कर और उपकर के रुप में है, एक छोटी राशि (पेट्रोल के लिए 3.66 रुपये और डीजल के लिए 2.52 रुपये) डीलरों के कमीशन के रूप में चली जाती है।

दूसरे शब्दों में कहा जाए तो सरकार दरअसल पेट्रोल और डीजल की बिक्री से भारी मुनाफा कमा रही है। पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) द्वारा अनुमान लगाया गया है कि 2017-18 में पेट्रोलियम क्षेत्र ने इन करों और लाभांश के माध्यम से केंद्र के खजाने में 3.44 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है। राज्य के योगदान के रुप में अन्य 2.99 लाख करोड़ आया है। उपरोक्त करों से कुल राशि 5.5 लाख करोड़ रुपये आयी है – यह तब है जब पेट्रोल और डीजल की अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कीमतें कम थीं और यहां कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही थी।

मोदी सरकार अमीरों पर कर लगाकर संसाधनों को बढ़ाने में नाकाम रही है। इसने कॉरपोरेट निकायों को लाखों करोड़ रुपये के बैंक ऋण के साथ फरार होने की इजाजत दी है। इसने राष्ट्रीय धरोहर को निजी स्वमित्व वाली कंपनियों को बेचा हैं। इसने उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए विभिन्न सेवाओं का निजीकरण किया है। फिर जब भी आम लोगों को कुछ राहत देने की बात आती है तो यह तेल की तरह आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में किसी भी कटौती से इंकार कर देती है।

और, अब श्री जेटली ने 2.50 रुपये की कटौती की घोषणा की है जैसे कि यह जनता के लिए एक बड़ी रियायत और राहत है। जेटली जी आप जनता के साथ मजाक कर रहे हैं?

petrol prices
Petrol-Diesel Price Hike
Arun Jaitley
modi sarkar
International crude oil prices

Related Stories

रिपोर्टर्स कलेक्टिव का खुलासा: कैसे उद्योगपतियों के फ़ायदे के लिए RBI के काम में हस्तक्षेप करती रही सरकार, बढ़ती गई महंगाई 

लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!

कच्चे तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी से कहां तक गिरेगा रुपया ?

मतदाता पहचान कार्ड, सूची को आधार से जोड़ने सहित चुनाव सुधार संबंधी विधेयक को लोकसभा की मंजूरी

झारखंड: बंद होने की कगार पर पेट्रोल पंप! ''कैसे बचेंगी नौकरियां?'’... 21 दिसबंर को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीज़ल

लखीमपुर खीरी कांड: गृह राज्य मंत्री टेनी दिल्ली तलब

मंत्रिमंडल ने तीन कृषि क़ानून को निरस्त करने संबंधी विधेयक को मंज़ूरी दी

अबकी बार, मोदी जी के लिए ताली-थाली बजा मेरे यार!

वैश्विक भुखमरी इंडेक्स में भारत की ‘तरक़्क़ी’: थैंक्यू मोदी जी!

कार्टून क्लिक: पेट्रोल के बाद डीज़ल भी शतक पार, थैंक्यू मोदी जी!


बाकी खबरें

  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    बोलडोज़र पर सुप्रीम कोर्ट की रोक! कानून और संविधान के साथ बीजेपी का खिलवाड़!
    21 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार बुलडोज़र राजनीति और भाजपा के वायदों के बारे में बात कर रहे हैं।
  • सी. सरतचंद
    कोविड-19 का वैश्विक दुष्प्रभाव और रूस पर आर्थिक युद्ध 
    21 Apr 2022
    विकासशील देशों को घनिष्ठ रूप से आपस में सहयोग करना होगा, महामारी के आर्थिक एवं सार्वजनिक दुष्परिणामों का मुकाबला करना होगा और रूस पर लगाए गए आर्थिक युद्ध के नतीजों से मिलकर निपटना होगा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट को लेकर छात्रों में असमंजस, शासन-प्रशासन से लगा रहे हैं गुहार
    21 Apr 2022
    इस नई प्रक्रिया के एक ओर जहां अलग-अलग बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्रों को मिलने वाले एक समान अवसर के रूप में देखा जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर परीक्षा के महज़ तीन महीने पहले मिले इस सूचना और दिल्ली…
  • पीपल्स डिस्पैच
    ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी
    21 Apr 2022
    लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण का आदेश देने वाले फ़ैसले पर मुहर लगा दी है। अब अंतिम फ़ैसला गृह सचिव प्रीति पटेल लेंगी, जो सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी…
  • सत्यम श्रीवास्तव
    दिल्ली में बुलडोज़र गवर्नेंस या डबल इंजन सरकार का आगाज़?
    21 Apr 2022
    कोई भी सरकार संविधान के दायरे में रहते हुए इन कार्रवाईयों को उचित नहीं ठहरा सकती क्योंकि ये कार्रवाईयां कानून सम्मत नहीं हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License