NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
भारत
राजनीति
पीयूसीएल ने बिरला के बयान की निंदा की
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को एक ट्वीट कर ब्राह्मणों को समाज में श्रेष्ठ बताया था। पीयूसीएल ने कहा है कि किसी भी समाज का वर्चस्व स्थापित करना या एक समाज को अन्य समाजों के ऊपर घोषित करना संविधान के अनुच्छेद 14 के विरुद्ध है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Sep 2019
पीयूसीएल ने बिरला के बयान की निंदा की

नागरिक अधिकार संगठन पीयूसीएल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने ब्राह्मणों को श्रेष्ठ बताया था।

पीयूसीएल के अनुसार, ‘‘संगठन इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करता है और लोकसभा अध्यक्ष से यह बयान वापस लेने की मांग करता है।'’

बिरला ने आठ सितंबर को कोटा में अखिल ब्राह्मण महासभा के एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद ट्वीट किया था, ‘‘समाज में ब्राह्मणों का हमेशा से उच्च स्थान रहा है। यह स्थान उनकी त्याग, तपस्या का परिणाम है। यही वजह है कि ब्राह्मण समाज हमेशा से मार्गदर्शक की भूमिका में रहा है।'‘

समाज में ब्राह्मणों का हमेशा से उच्च स्थान रहा है। यह स्थान उनकी त्याग, तपस्या का परिणाम है। यही वजह है कि ब्राह्मण समाज हमेशा से मार्गदर्शक की भूमिका में रहा है। pic.twitter.com/ZKcMYhhBt8

— Om Birla (@ombirlakota) September 8, 2019

पीयूसीएल ने यहां एक विज्ञप्ति में कहा है, ‘'हम इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं। एक तो, किसी भी समाज का वर्चस्व स्थापित करना या एक समाज को अन्य समाजों के ऊपर घोषित करना संविधान के अनुच्छेद 14 के विरुद्ध है। यह एक तरीके से अन्य जातियों को हीन दृष्टि की भावना देता है और जातिवाद को बढ़ावा देता है।’'

(भाषा से इनपुट के साथ)

Om Birla
PUCL
om birla statement about brahmins
Caste
caste discrimination
caste discrimination in india
caste discrimination in politics
om birla statement on caste

Related Stories

बिहार में विकास की जाति क्या है? क्या ख़ास जातियों वाले ज़िलों में ही किया जा रहा विकास? 

सवर्ण आयोग: शोषणकारी व्यवस्था को ठोस रूप से संस्थागत बनाने का नया शिगूफ़ा

कैसे ख़त्म हो दलितों पर अत्याचार का अंतहीन सिलसिला

पूंजीवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष के बिना अंबेडकर के भारत का सपना अधूरा

मानवता की राह में बाधक जाति-धर्म की दीवारें

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस: कहां हैं हमारे मानव अधिकार?

दलितों के प्रति जातिवादी सोच में बदलाव की ज़रूरत

ब्राह्मणसत्ता और पुरुषसत्ता की दोहरी मार झेलती है दलित स्त्री

दलित आंदोलन और जाति : आत्ममुग्धता से परे यथार्थ दृष्टि

बिहार चुनाव : नब्बे के पहले और बाद में जाति


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश
    06 May 2022
    तीन वर्षीय जीएनएम डिप्लोमा कोर्स में वर्तमान में 198 छात्राएं हैं। उनका कहना है कि पीएमसीएच कैंपस में विभिन्न विभागों में और वार्डों में बड़े पैमाने पर क्लिनिकल प्रशिक्षण की सुविधा है।
  • विजय विनीत
    अब विवाद और तनाव का नया केंद्र ज्ञानवापी: कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में मस्जिद का सर्वे और वीडियोग्राफी शुरू, आरएएफ तैनात
    06 May 2022
    सर्वे का काम तीन दिन चल सकता है। शाम पांच बजे के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के एक किमी के दायरे को कानून व्यवस्था के लिहाज से खाली करा लिया गया। मौके पर दंगा नियंत्रक उपकरणों के साथ…
  • Press Freedom Index
    न्यूज़क्लिक टीम
    Press Freedom Index में 150वें नंबर पर भारत,अब तक का सबसे निचला स्तर
    06 May 2022
    World Press Freedom Index को किस तरह से पढ़ा जाना चाहिए? डिजिटल की दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वत्नत्रता के प्लेटफॉर्म बढे है तो क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी बढ़ी है? आबादी के लिहाज़ से दुनिया के…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी-शाह राज में तीन राज्यों की पुलिस आपस मे भिड़ी!
    06 May 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार बात कर रहे हैं तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के गिरफ़्तारी और पूरे मामले की।
  • भाषा
    चुनावी वादे पूरे नहीं करने की नाकामी को छिपाने के लिए शाह सीएए का मुद्दा उठा रहे हैं: माकपा
    06 May 2022
    माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि शाह का यह कहना कि सीएए को पश्चिम बंगाल में लागू किया जाएगा, इस तथ्य को छिपाने का एक प्रयास है कि 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License