NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
पाकिस्तानः मानवाधिकार समूहों ने महिला पत्रकार की रहस्यमय मौत पर न्याय की मांग की
शहीना बलोची पत्रिका रज़गहर (सहेली) की संपादक थीं और पाकिस्तान टेलीविज़न नेटवर्क के बोलन क्षेत्र में एंकर थीं।
पीपल्स डिस्पैच
07 Sep 2020
शहीना बलोची

7 सितंबर को पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग, फ्रीडम नेटवर्क, द कोलिशन फॉर वीमेन इन जर्नलिज्म एंड वॉयस ऑफ़ बलूचिस्तान सहित कई प्रमुख मानवाधिकार समूहों ने वरिष्ठ पत्रकार 25 वर्षीय शहीना शाहीन बलूच की हत्या की निंदा की जिनको रहस्यमय तरीक़े से शनिवार शाम को दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान के तुर्बत में मार दिया गया।

बलोची मैगजीन दज़गोहर की संपादक और पाकिस्तान टेलीविजन नेटवर्क के बोलन क्षेत्र की एंकर शाहीना बलूचिस्तान विश्वविद्यालय में फाइन आर्ट का अध्ययन कर रही थीं। पुलिस ने अपनी एफआइआर में कहा है कि उनके परिवार के सदस्यों को उनके पति पर "ऑनर किलिंग" में शामिल होने का संदेह है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पत्रकार को दो पुरुषों द्वारा तुर्बत के एक ज़िला अस्पताल में लाया गया था जिसमें से एक उनके पति मेहराब घिचकी को पाया गया था जो तुरंत अस्पताल से भाग गया था।

उनकी रहस्यमय हत्या के बाद द कोलिशन फॉर वूमेन इन जर्नलिज्म ने संघीय और केंद्रीय एजेंसियों से इस मामले की जांच करने और उनके हत्यारे को दंडित करने के लिए कड़े क़दम उठाने की मांग की है।

शाहीना को जेंडर एक्टिविस्ट के रूप में बताया जाता था जिनका महिला मुक्ति और सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए केच क्षेत्र में बहुत सराहना की गई थी, मानवाधिकार समूह, द कोलिशन फॉर वुमन इन जर्नलिज्म, ने अपने बयान में कहा, "उन्होंने अपने काम के माध्यम से लिंग समानता और महिला सशक्तीकरण के लिए सक्रिय रूप से अभियान चलाया। हालांकि इस हत्या को ऑनर किलिंग से जोड़ा जा रहा है ऐसे में यह बलूचिस्तान में काम करने वाली महिला पत्रकारों के लिए एक ख़तरनाक मिसाल कायम करता है जहां प्रेस की स्वतंत्रता और महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन विभिन्न मौकों पर निरंतर किया जाता है।"

पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में कम से कम चार मानवाधिकार कार्यकर्ता इस साल मई महीने से मारे गए। वर्तमान में पाकिस्तान रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स 2020 वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में 180 देशों की सूची में 145 वें स्थान पर है। कमेटी टु प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स के अनुसार पिछले तीन दशकों में देश में 60 से अधिक पत्रकारों ने अपनी जान गंवाई है।

इससे पहले जून में बलूचिस्तान के क्वेटा के दो स्थानीय पत्रकारों सईद अली और अब्दुल मतीन को चमन क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर पीटा था जिन्होंने उन पर ट्रैफिकिंग और सीमा पार से तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया था। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) ने इस घटना को "इस क्षेत्र से रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के ख़िलाफ़ उत्पीड़न करने को लेकर सुरक्षा बलों के प्रतिनिधियों के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य" क़रार दिया था।

Pakistan
murder case
Shaheena Shaheen Baloch
journalist murder
Human right

Related Stories

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में

दिल्ली: सिविल डिफेंस वालंटियर की निर्मम हत्या शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलती है!

बिहार: आख़िर ‘सुशासन’ में कब सुरक्षित होंगी महिलाएं और बच्चियां?

निहत्थे माँ व बेटे की हत्या को लेकर फ़िलीपींस में भड़का गुस्सा, जांच शुरू

यूपी: लखीमपुर खीरी के बाद गोरखपुर में नाबालिग से बलात्कार, महिलाओं की सुरक्षा में विफल योगी सरकार!

यूपी पत्रकार-हत्याकांड का सच और डॉ जावेद का जाना


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    एसकेएम का सरकार को अल्टीमेटम, कोरोना अपडेट और अन्य ख़बरें
    07 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को दिया अल्टीमेटम और अन्य ख़बरों पर।
  • Supreme Court Asks: Why no Arrest in Lakhimpur Killings?
    न्यूज़क्लिक टीम
    सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: लखीमपुर में गिरफ्तारी क्यों नहीं ?
    07 Oct 2021
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस कार्यक्रम में अभिसार शर्मा लखीमपुर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में बात कर रहे हैं, और बात कर रहे हैं कि किस तरह बीजेपी के प्रवक्ता लगतार किसानों को टारगेट कर…
  • Tribal Settlement Near Tamil Nadu Temple Uprooted
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: उजाड़ दी गईं मंदिर से सटी आदिवासी बस्तियां 
    07 Oct 2021
    11 इरुलर आदिवासी परिवारों ने आरोप लगाया है कि यह जगह उन्हें स्थायी रिहाइश के लिए जमीन के पट्टे दिए जाने तक रहने के लिए दी गई थी।
  • SC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर नरसंहार: न्यायालय ने उप्र सरकार से पूछा क्या आरोपी गिरफ़्तार किए गए हैं?
    07 Oct 2021
    प्रधान न्यायाधीश एन वी रमणा, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए वकील को इस बारे में स्थिति रिपोर्ट में जानकारी देने का निर्देश दिया।
  • delhi violence
    सबरंग इंडिया
    दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस की जांच की आलोचना करने वाले जज का ट्रांसफर
    07 Oct 2021
    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने पिछले कुछ महीनों में दिल्ली पुलिस के कई अधिकारियों को फटकार लगाई थी, और कुछ मामलों में पुलिस गवाहों की विश्वसनीयता पर संदेह करते हुए जमानत भी दे दी थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License