NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यमन में मानवाधिकारों के उल्लंघन का बचाव सामान्य हैः यूएन रिपोर्ट
यमन पर ग्रुप ऑफ एमिनेंट इंटरनेशनल एंड रिज़नल एक्सपर्ट की तीसरी रिपोर्ट औपचारिक रूप से मंगलवार को मानवाधिकार परिषद को प्रस्तुत की गई।
पीपल्स डिस्पैच
30 Sep 2020
यमन

यमन पर ग्रुप ऑफ एमिनेंट इंटरनेशनल एंड रिज़नल एक्सपर्ट की तीसरी रिपोर्ट औपचारिक रूप से मंगलवार 29 सितंबर को मानवाधिकार परिषद को प्रस्तुत की गई। इस रिपोर्ट में यमन में निरंतर हवाई हमले, बाल सैनिकों की भर्ती, ग़ैरक़ानूनी हत्या, यौन शोषण, यातनाएं व अन्य मामलों सहित मानव अधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन के कई मामलों के विवरण पर प्रकाश डाला गया है।

"यमन: ए पैंडेमिक ऑफ इम्युनिटी इन ए टॉर्चर लैंड" के शीर्षक वाला ये रिपोर्ट 9 सितंबर 2020 को जारी किया गया था। इस रिपोर्ट में जुलाई 2019 से जून 2020 के बीच की अवधि में हुई घटनाओं को शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यमन में मानवाधिकार और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून उल्लंघन की घटनाएं वार क्राइम की हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार दशकों तक चले युद्ध में शामिल सभी पक्ष इन उल्लंघनों के लिए ज़िम्मेदार हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब्दराब्बुह मंसूर हादी के अधीन यमन की निर्वासित सरकार के प्रति निष्ठावान सैनिक और इसके सऊदी अरब और यूएई जैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के नेतृत्व में यमन में नियमित रूप से वार क्राइम में लिप्त रही है। यह इसी तरह के उल्लंघन के लिए हाउथी विद्रोही सैनिकों को भी दोषी ठहराता है।

ये रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को यमन की स्थिति को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में पेश करने और इसके द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची का विस्तार करने की मांग करता है। ये रिपोर्ट यमन में एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय तंत्र के गठन के लिए भी कहता है। यह यमन में युद्ध के दौरान किए गए अंतर्राष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए एक विशेष अदालत के गठन की भी सिफारिश करता है।

यमन में युद्ध की शुरुआत सऊदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने साल 2015 में हादी के नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में सैन्य हस्तक्षेप करने के बाद हुई जिसे हाउथिस मिलिशिया के नेतृत्व वाले विद्रोहियों द्वारा भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन में लिप्त होने के आरोप में हटा दिया गया था। इस युद्ध में हज़ारों लोग मारे गए। देश के सऊदी नेतृत्व वाली भूमि, समुद्र और वायु में नाकेबंदी के चलते देश में खाद्य पदार्थों और दवा सहित आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इसके चलते भुखमरी जैसा "सबसे बड़ा मानवीय संकट" पैदा हुआ और इसने मौत के कगार पर लाखों यमनियों को धकेल दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा करने और संयुक्त राष्ट्र की अपील के बावजूद सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन अमेरिकी समर्थन के साथ हाउथी सरकार के ख़िलाफ़ अपना हवाई हमला और ज़मीनी अपराध जारी रखे हुए है। हाउथी सरकार का राजधानी सना और देश के अन्य उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों पर नियंत्रण है।

yemen
human rights violations
Pandemic Coronavirus
United nations
YEMEN WAR
Saudi Arabia

Related Stories

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 

रूस-यूक्रेन विवाद : जब दुनिया सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल कर रही है, तब सामने आया खेल संस्थाओं का पाखंड


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत
    14 May 2022
    देश में आज चौथे दिन भी कोरोना के 2,800 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं। आईआईटी कानपूर के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल कहा है कि फिलहाल देश में कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना नहीं है।
  • afghanistan
    पीपल्स डिस्पैच
    भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी
    14 May 2022
    आईपीसी की पड़ताल में कहा गया है, "लक्ष्य है कि मानवीय खाद्य सहायता 38% आबादी तक पहुंचाई जाये, लेकिन अब भी तक़रीबन दो करोड़ लोग उच्च स्तर की ज़बरदस्त खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। यह संख्या देश…
  • mundka
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?
    14 May 2022
    मुंडका स्थित इमारत में लगी आग तो बुझ गई है। लेकिन सवाल बरकरार है कि इन बढ़ती घटनाओं की ज़िम्मेदारी कब तय होगी? दिल्ली में बीते दिनों कई फैक्ट्रियों और कार्यस्थलों में आग लग रही है, जिसमें कई मज़दूरों ने…
  • राज कुमार
    ऑनलाइन सेवाओं में धोखाधड़ी से कैसे बचें?
    14 May 2022
    कंपनियां आपको लालच देती हैं और फंसाने की कोशिश करती हैं। उदाहरण के तौर पर कहेंगी कि आपके लिए ऑफर है, आपको कैशबैक मिलेगा, रेट बहुत कम बताए जाएंगे और आपको बार-बार फोन करके प्रेरित किया जाएगा और दबाव…
  • India ki Baat
    बुलडोज़र की राजनीति, ज्ञानवापी प्रकरण और राजद्रोह कानून
    13 May 2022
    न्यूज़क्लिक के नए प्रोग्राम इंडिया की बात के पहले एपिसोड में अभिसार शर्मा, भाषा सिंह और उर्मिलेश चर्चा कर रहे हैं बुलडोज़र की राजनीति, ज्ञानवापी प्रकरण और राजद्रोह कानून की। आखिर क्यों सरकार अड़ी हुई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License