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पश्चिम बंगाल : डॉक्टरों के प्रदर्शन के समर्थन में एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर ने भी किया विरोध-प्रदर्शन
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के कुछ रेजिडेंट डॉक्टरों ने गुरुवार को यहां प्रतीकात्मक प्रदर्शन करते हुए अपने सिर पर पट्टी बांध कर काम किया और शुक्रवार को काम का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Jun 2019
Bengal Doctors

पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है।  अब सीधे इसके लिए  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा  है ,जो की राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। आज ममता बनर्जी ने हड़ताली डॉक्टरों पर कार्रवाई की धमकी दी और  विपक्षी दलों, खासकर भाजपा को 'सांप्रदायिकता' के लिए दोषी ठहराया। मुद्दा, जबकि विपक्षी दलों ने इस मामले का 'राजनीतिकरण ’करने और स्थिति को नियंत्रित करने में नाकाम रहने  के  लिए ममता से “इस्तीफा” देने की मांग की।

इस बीच, पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को  अन्य लोगों का समर्थन मिला,   दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के कुछ रेजिडेंट डॉक्टरों ने गुरुवार को यहां प्रतीकात्मक प्रदर्शन करते हुए अपने सिर पर पट्टी बांध कर काम किया और शुक्रवार को काम का बहिष्कार करने का फैसला किया है। 

पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की निंदा करते हुए एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने देश भर के आरडीए से सांकेतिक हड़ताल में शामिल होने को कहा है। 

एम्स आरडीए ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल में चिकित्सकों के खिलाफ जारी और लगातार बिगड़ती हिंसा की स्थिति चिंतित और हताश करने वाली है। 

बयान में कहा गया, “कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, चिकित्सकों के हॉस्टलों पर भीड़ द्वारा हथियार के साथ हमला करने की खबरें आ रही हैं। सरकार चिकित्सकों को सुरक्षा और न्याय दिलाने में विफल रही है।”

इसमें कहा गया कि एम्स आरडीए इन घटनाओं से बेहद आहत है। एम्स आरडीए पश्चिम बंगाल के अपने सहयोगियों के समर्थन में उनके साथ खड़ी है और हमनें उनके समर्थन में 13 जून को प्रदर्शन करने और 14 जून को एक दिन के लिये हड़ताल रखने का फैसला किया है। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर, ओपीडी, नियमित और वार्ड सेवाएं बंद रहेंगी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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