NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया जायेगा। कार्यकर्ताओं को आशंका है कि इस कदम से विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रौद्योगिकी साझाकरण हब (धुरी) खतरे में पड़ सकता है।
ऋचा चिंतन
09 Mar 2022
moderna

फरवरी 2022 में, दक्षिण अफ़्रीकी नागरिक समाज समूहों ने बिग फार्मा कंपनी मोडेरना को एक खुला पत्र जारी किया कि वह दक्षिण अफ्रीका में उसके द्वारा एमआरएनए वैक्सीन के लिए दाखिल किये गये पेटेंट्स को तत्काल वापिस ले ले और दक्षिण अफ्रीका में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एमआरएनए प्रौद्योगिकी ट्रांसफर हब को  तकनीकी विशेषज्ञता मुहैय्या करे।  

दक्षिण अफ्रीका में घरेलू पेटेंट कानून में सुधार के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। एमएसएफ एवं पीएचएम दक्षिण अफ्रीका के द्वारा एक तकनीकी ब्रीफ में वैक्सीन पेटेंट्स की रुपरेखा तैयार की गई है जिसे मोडेरना के पक्ष में जारी किया गया है। इसमें कम से कम तीन एमआरएनए वैक्सीन पेटेंट्स जिनकी समाप्त होने की मियाद सिर्फ एक दशक बाद 2034 में होने जा रही है। इनमें शामिल हैं:

  1. बेहद व्यापक दावों वाला एक पेटेंट जिसमें एमआरएनए वैक्सीन के उत्पादन की विधि  को शामिल किया गया है,  
  2. एक में एमएनआरए वैक्सीन के लिए प्रासंगिक आनुवांशिक अनुक्रमों पर दावों के साथ, और   
  3. इनमें से एक उत्पादन के लिए उपयोगी जैविक अंशों को कोशिकाओं में पहुंचाने की तकनीक पर व्यापक दावों से संबंधित है।

इस ब्रीफ में यह टिप्पणी भी है कि मोडेरना के पास दक्षिण अफ्रीकी पेटेंट कार्यालय में अतिरिक्त पेटेंट आवेदन लंबित पड़े हैं, जिनमें से कुछ तो लंबे समय से लंबित नवीकरण भुगतान के मामले भी शामिल हैं।

मोडेरना प्रवक्ता कोलीन हसी ने कथित तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि उसके द्वारा दक्षिण अफ्रीका एवं अन्य स्थानों पर “कोविड-19 वैक्सीन और मोडेरना की प्लेटफार्म तकनीक दोनों से संबंधित” पेटेंट्स के लिए दावा दाखिल किया गया था। 

कार्यकर्ताओं का तर्क है कि इस प्रकार के कई समकक्ष पेटेंट्स को ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, भारत, इजराइल, जापान, मेक्सिको, सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका जैसे अन्य देशों में मोडेरना ने या तो वापस ले लिया है या त्याग दिया गया है या संबंधित राष्ट्रीय पेटेंट कार्यलयों के द्वारा ख़ारिज कर दिया गया है।

हालाँकि मोडेरना ने पूर्व में इस बात की सार्वजनिक तौर पर घोषणा की थी कि इसके द्वारा महामारी के दौरान अपने कोविड-19 टीके पर पेटेंट्स को लागू नहीं किया जायेगा, जबकि कार्यकर्ताओं का तर्क है कि “चूँकि मोडेरना खुद इस बात का फैसला कर सकता है कि कब ‘महामारी खत्म हो गई, ऐसे में यह कहीं से भी आश्वस्त करने वाली प्रतिज्ञा नहीं है और संभावित रूप से यह सभी एलएमआईसी की कीमत पर हब के वर्तमान एवं भविष्य के कामकाज और शोध को कमजोर कर सकती है।” 

कोविड-19 टीकों से होने वाली आसमान छूती आय 

जबसे दुनिया कोविड-19 महामारी की चपेट में आई है, बड़ी फार्मा कंपनियों की चाँदी हो गई है। फाइजर के राजस्व में 95% का उछाल देखने को मिला है – यह लगभग 4,200 करोड़ डॉलर से 8,100 करोड़ डॉलर तक पहुँच चुका है, और इसके शुद्ध आय में 2020 से 2021 के बीच में बढ़ोत्तरी 140% हो चुकी है। मोडेरना, जो इसकी तुलना में काफी नई कंपनी है, जिसे 2010 में स्थापित किया गया था, ने भी 2021 में अपने शुद्ध मुनाफे में भारी उछाल दर्ज की है, जबकि 2020 में कंपनी घाटे में चल रही थी।

जहाँ मोडेरना की शुद्ध आय 2020 तक नकारात्मक आंकड़ा दर्ज कर रही थी, कोविड-19 महामारी ने अचानक से इसे बिग फार्मा जायंट के तौर पर तब्दील कर दिया है और 2021 में इसके द्वारा 1,200 करोड़ अमेरिकी डॉलर की शुद्ध आय दर्ज की गई है।

मोडेरना का राजस्व 2020 में 80.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2021 में 1,847.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया है – 2200% की छलांग! 2022 के लिए, कंपनी ने पहले से ही अपने उत्पादों की बिक्री के लिए तकरीबन 1,900 करोड़ अमेरिकी डॉलर के लिए एडवांस परचेज अग्रीमेंट्स (एपीए) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

इस अबाध विकास से उत्साहित मोडेरना अपने साम्राज्य को बेहद तेजी से विस्तारित करने में जुटी हुई है। मोडेरना की विस्तार योजनाओं के हिस्से के तौर पर, इसने अपनी वाणिज्यिक टीमों को बेल्जियम, डेनमार्क, नींदरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड और स्वीडन सहित एशिया के चार देशों, हांगकांग, मलेशिया, सिंगापुर और ताईवान में भेजने की योजना बना रखी है। 2021 में, इसने अपने कोविड-19 टीके स्पाइकवाक्स के उत्पदान के लिए इटली, फ़्रांस, जर्मनी, स्पेन, यूके और स्विट्ज़रलैंड में वाणिज्यिक सहायक कंपनियों का निर्माण किया।

इन सभी में, इसने इस बात को सुनिश्चित किया है कि यह किसी भी अन्य निर्माता के साथ अपनी प्रौद्योगिकी को साझा नहीं करेगा। इसने दक्षिण अफ्रीका में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्य वैक्सीन हब के लिए स्थापित केंद्र को भी कोई मदद नहीं की थी, जिसने एमआरएनए वैक्सीन को सफलतापूर्वक दोहराने में सफलता प्राप्त कर ली है। इससे पूर्व, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रयासों में शामिल होने के बजाय, मोडेरना ने अफ्रीका में अपने एमआरएनए विनिर्माण सुविधा केन्द्रों को खोलने की योजना की घोषणा की थी। इसके बावजूद, इस विषय में कोई पहल नहीं की गई है।

मोडेरना के लिए होने वाला यह मुनाफा मुख्य रूप से उच्च-आय वाले देशों (एचआईसी) और उच्च मध्यम-आय वाले देशों (यूएमआईसी) में अपनी बिक्री पर ध्यान केंद्रित करके आया है, जिसकी कुल बिक्री के 75% की हिस्सेदारी थी। वहीँ निम्न-आय वाले देशों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी मात्र 1% की रही, जिनमें से अधिकांश अफ्रीका में स्थित हैं।

जहाँ तक इसके विश्व स्वास्थ्य संगठन शेयरिंग प्लेटफार्म कोवाक्स में अपने योगदान का प्रश्न है तो इस संदर्भ में मोडेरना बुरी तरह से विफल रहा है। 14 फरवरी तक, कुलमिलाकर करीब 76.1 करोड़ खुराक के कुल उत्पादन में से मोडेरना ने अभी तक सिर्फ 5 करोड़ कोवाक्स खुराक की ही आपूर्ति की है, जो कि इसके उत्पादन का मात्र 7% हिस्सा है।

पेटेंट युद्ध – मुकदमों में उलझी हुई मोडेरना  

अर्बुटस बायोफार्मा और जेनेवेंट साइंसेज ने मोडेरना के एमआरएनए कोविड-19 टीके से संबंधित अमेरिकी पेटेंट के उल्लंघन के लिए मोडेरना के खिलाफ मामला दायर कर रखा है। कथित तौर पर, अर्बुटस ने दावा किया है कि उसने लिपिड नैनोपार्टिकल्स (एलएनपी) को विकसित किया है, जो मैसेंजर आरएनए या एमआरएनए के रूप में जानी जाने वाली अनुवांशिक सामग्री को अपने में संलग्न करता है। इनसे संबंधित पेटेंट, जेनेवेंट साइंसेज के नाम से लाइसेंस दिए गए थे, जो कि अर्बुटस एवं रोईवेंट साइंसेज लिमिटेड के बीच का एक संयुक्त उपक्रम है। मोडेरना ने हालाँकि इन आरोपों से इंकार किया है। 

फार्मा कंपनियों के द्वारा मांग की गई है कि “मोडेरना के द्वारा हमारी पेटेंटेड तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसे कड़ी मेहनत और भारी खर्च के बाद विकसित कर पाने में सफलता प्राप्त हुई थी, के लिए उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, जिसके बिना मोडेरना की कोविड-19 वैक्सीन सफल नहीं हो सकती थी।”

एक अन्य विवाद में, मोडेरना ने अपने आवेदन में कंपनी के कोविड-19 वैक्सीन के केंद्रीय पेटेंट के सह-आविष्कारकों के रूप में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) के तीन वैज्ञानिकों को बाहर कर दिया था। 

दिसंबर में, यह नरम पड़ गया क्योंकि इसने अपने कोविड-19 वैक्सीन के एक प्रमुख हिस्से के लिए अपने अमेरिकी पेटेंट आवेदन को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है, और इस प्रकार इसने कंपनी और सरकार के बीच की संभावित अदालती लड़ाई को टालने का किसी तरह प्रबंधन कर लिया है।

ऐसा प्रतीत होता है कि वैश्विक संकट से अधिकाधिक लाभ निचोड़ लेने की इस होड़ में मोडेरना ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रखी है और इसके द्वारा कथित तौर पर अनैतिक उपायों का भी सहारा लिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा निर्माताओं के साथ वैक्सीन तकनीक को साझा करने की लगातार अपील करने के बावजूद, मोडेरना ने प्रौद्योगिकी को साझा न करने और अन्य दिग्गज फार्मा कंपनियों के साथ मिलकर विश्व व्यापार संगठन में ट्रिप्स छूट प्रस्ताव का विरोध करने को लेकर अड़ी हुई है।

Moderna
Intellectual Property Rights
Vaccination

Related Stories

कोरोना वायरस : टीके की झिझक से पार पाते भारत के स्वदेशी समुदाय

क्या महानगरों में 'ओमिक्रॉन' के मामलों में गिरावट आ रही है?

कोरोना अपडेट: देश में 20 दिन बाद 9 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 781 हुए

कोविड: प्रोटीन आधारित वैक्सीन से पैदा हुई नई उम्मीद

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका

बिहार में पूर्ण टीकाकरण सूची में शामिल हैं मोदी, शाह और प्रियंका चोपड़ा के नाम 

यूपी: कोविड-19 के असली आंकड़े छुपाकर, नंबर-1 दिखने का प्रचार करती योगी सरकार  

स्कूलों को वक़्त से पहले खोलने की अनुमति क्यों नहीं दी जानी चाहिए

क्या ग़रीब देश अपनी आबादी के टीकाकरण में सफल हो सकते हैं?

राजनीतिक कारणों से लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र में वैक्सीन की असमानता बढ़ रही


बाकी खबरें

  • flooding
    रवि कौशल
    दिल्ली के गांवों के किसानों को शहरीकरण की कीमत चुकानी पड़ रही है
    20 Oct 2021
    नरेला के गढ़ी बख्तावरपुर गांव में एक उफनते नाले की वजह से खेतों में साल भर में लगभग आठ महीने तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
  • Uttar Pradesh's soil testing laboratories stalled but publicity completed
    राज कुमार
    उत्तर प्रदेश की मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं ठप लेकिन प्रचार पूरा
    20 Oct 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को लेकर एक वीडियो ट्वीट किया है, आइए जानते हैं इसकी हक़ीक़त।
  • Ajay Mishra Teni cannot be a part of the Council of Ministers of the Government of India: SKM
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अजय मिश्रा टेनी भारत सरकार के मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रह सकते : एसकेएम
    20 Oct 2021
    एसकेएम की मांग है कि अजय मिश्रा को तुरंत बर्ख़ास्त और गिरफ़्तार किया जाए, और ऐसा न करने पर लखीमपुर खीरी हत्याकांड में न्याय के लिए आंदोलन तेज़ किया जाएगा
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 14,623 नए मामले, 197 मरीज़ों की मौत
    20 Oct 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 41 लाख 8 हज़ार 996 हो गयी है।
  • nitish
    शशि शेखर
    क्या बिहार उपचुनाव के बाद फिर जाग सकती है नीतीश कुमार की 'अंतरात्मा'!
    20 Oct 2021
    बिहार विधानसभा की दो सीटों के लिए 30 अक्टूबर को उपचुनाव हो रहे हैं। ये दो सीटें हैं- कुशेश्वरस्थान और तारापुर। दोनों ही सीटें जद(यू) के खाते में थीं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जद(यू) अपनी दोनों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License