कश्मीर और कश्मीरियों के खिलाफ बोलना अब देशभक्त होने की बुनियादी शर्त बन गया है। आज बोलना जरूरी है क्योंकि खामोश रहे तो जनतंत्र हमेशा के लिए खामोश कर दिया जायेगा।
वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश के साथ हफ्ते की बात, पुलवामा पर 10 सवाल
कश्मीर और कश्मीरियों के खिलाफ बोलना अब देशभक्त होने की बुनियादी शर्त बन गया है। आज बोलना जरूरी है क्योंकि खामोश रहे तो जनतंत्र हमेशा के लिए खामोश कर दिया जायेगा।