NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पूर्वोत्तर की 11 पार्टियों ने नागरिकता विधेयक का विरोध किया
सिक्किम को छोड़कर अन्य सात पूर्वोत्तर राज्यों की पार्टियों ने दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लिया और एकमत से इस विधेयक का विरोध करने का फैसला किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Jan 2019
नागरिकता बिल के विरोध में प्रदर्शन। फाइल फोटो

गुवाहाटी :  पूर्वोत्तर की 11 राजनीतिक पार्टियां मंगलवार को नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 के खिलाफ एकजुट हुईं और केंद्र सरकार से इसे रद्द करने की अपील करने का फैसला किया।

सिक्किम को छोड़कर अन्य सात पूर्वोत्तर राज्यों की पार्टियों ने दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लिया और एकमत से इस विधेयक का विरोध करने का फैसला किया, जिसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के छह गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदायों के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है।

सम्मेलन के संयोजक मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि ये पार्टियां इस विधेयक को रद्द करने की मांग के साथ एक प्रतिनिधिमंडल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए भेजेंगी। उन्होंने कहा कि इससे 'राज्य के स्थानीय लोगों की जिंदगियों और पहचान को खतरा है।'

यह विधेयक लोकसभा में आठ जनवरी को पारित किया गया था।

इसे भी पढ़ें : नागरिकता विधेयक : आख़िर पूरे उत्तर पूर्वी राज्यों में क्यों फैला गया आंदोलन ?

जानकारों की राय में ये विधेयक संविधान की मूल भावना के विपरीत है जो अपने स्वभाव में धर्मनिरपेक्ष होने के नाते किसी को भी धर्म के दृष्टिकोण से नागरिकता के सवाल पर विचार करने की अनुमति नहीं देता है। संविधान के स्वभाव से बुनियादी सिद्धांत को हटाते हुए ये विधेयक अपनी धार्मिक पहचान के आधार पर नागरिकता के लिए अनुरूप अवैध प्रवासियों के एक निश्चित वर्ग पर विचार करना चाहता है। संसद द्वारा पारित होने के बाद यह विधेयक बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सभी गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता के योग्य मानेगा।

इसे भी पढ़ें : नागरिकता विधेयक: असम की कुछ क्षेत्रीय पार्टियों का पाखंड

(कुछ इनपुट आईएएनएस)

North East
asam
Meghalay
manipur
Arunachal Pradesh
SIKKIM
MIZORAM
Nagaland
Tripura
Citizenship
Citizenship Bill 2016

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

फ़िल्म: एक भारतीयता की पहचान वाले तथाकथित पैमानों पर ज़रूरी सवाल उठाती 'अनेक' 

पूर्वोत्तर के 40% से अधिक छात्रों को महामारी के दौरान पढ़ाई के लिए गैजेट उपलब्ध नहीं रहा

त्रिपुरा: बिप्लब देब के इस्तीफे से बीजेपी को फ़ायदा या नुक़सान?

अपने ही देश में नस्लभेद अपनों को पराया बना देता है!

त्वरित टिप्पणी: जनता के मुद्दों पर राजनीति करना और जीतना होता जा रहा है मुश्किल

मणिपुर में भाजपा सरकार बनाने की प्रबल दावेदार केवल बहुमत का इंतज़ार

Election Results : जनादेश—2022, 5 राज्यों की जंग : किसकी सरकार

EXIT POLL: बिग मीडिया से उलट तस्वीर दिखा रहे हैं स्मॉल मीडिया-सोशल मीडिया


बाकी खबरें

  • मालिनी सुब्रमण्यम
    छत्तीसगढ़ : युद्धग्रस्त यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों ने अपने दु:खद अनुभव को याद किया
    09 Mar 2022
    कई दिनों की शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलने के बाद, अंततः छात्र अपने घर लौटने कामयाब रहे।
  • EVM
    श्याम मीरा सिंह
    मतगणना से पहले अखिलेश यादव का बड़ा आरोप- 'बनारस में ट्रक में पकड़ीं गईं EVM, मुख्य सचिव जिलाधिकारियों को कर रहे फोन'
    08 Mar 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव परिणामों में गड़बड़ी की आशंकाओं के बीच अपनी पार्टी और गठबंधन के कार्यकर्ताओं को चेताया है कि वे एक-एक विधानसभा पर नज़र रखें..
  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    मालिक महान है बस चमचों से परेशान है
    08 Mar 2022
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में संजय राजौरा आज बात कर रहे हैं Ukraine और Russia के बीच चल रहे युद्ध के बारे में, के जहाँ एक तरफ स्टूडेंट्स यूक्रेन में अपनी जान बचा रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार से सवाल…
  •  DBC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी, कहा- आश्वासन नहीं, निर्णय चाहिए
    08 Mar 2022
    DBC के कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।  ये कर्मचारी 21 फरवरी से लगातार हड़ताल पर हैं। इस दौरान निगम के मेयर और आला अधिकारियो ने इनकी मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया। परन्तु…
  • Italy
    पीपल्स डिस्पैच
    इटली : डॉक्टरों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण के ख़िलाफ़ हड़ताल की
    08 Mar 2022
    इटली के प्रमुख डॉक्टरों ने 1-2 मार्च को 48 घंटे की हड़ताल की थी, जिसमें उन्होंने अपने अधिकारों की सुरक्षा की मांग की और स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण के ख़िलाफ़ चेतवनी भी दी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License