NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट: खूँटी बलात्कार में पत्थलगड़ी के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है
रिपोर्ट में पुलिस की जाँच और मीडिया द्वारा मामले की तथ्यहीन रिर्पोटिंग पर ज़रूरी सवाल उठाए है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Jul 2018
पत्थलगड़ी

झारखंड के खूँटी गाँव में 19 जून को नुक्कड़ नाटक करने गई  महिलाओं के बालात्कार मामले में “यौन हिंसा और राजकीय दमन के खिलाफ महिलाएँ (WSS)” नामक संस्थान ने फैक्ट फाइंडिग रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में पुलिस की जाँच और मीडिया द्वारा मामले की तथ्यहीन रिर्पोटिंग पर ज़रूरी सवाल उठाए है।

रिपोर्ट से निम्नलिखित तथ्य सामने आये हैं।

1.  पुलिस ने पाँचो रेप पीड़िताओं को सुरक्षा देने के नाम पर उनके किसी से मिलने पर भी रोक लगा दी है। पड़िताओं को राष्ट्रिय महिला             आयोग की टीम के अलावा किसी से मिलने की इजाज़त नहीं है, यहाँ तक की अपने परिवार वालों से भी नहीं। जिस गैर सरकारी संस्थान       ने इस नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया था उससे जुड़े लोगों को भी पुलिस ने मीडिया से न मिलने के निर्देश दिए हैं।

2. घटना के बाद से ही पुलिस रेप का दोष पत्थलगड़ी आंदोलन से जुड़े नेताओं पर मढ़ने पर तुली है, यह पत्थलगड़ी आंदोलन को बदनाम          करने का एक प्रयास है।

3. मामले में उपलब्ध वीडियो से पता चलता है कि चार बाइक सवार जिन्होंने यह अपराध किया वे स्थानीय निवासी नहीं है। वीडियो में              दिखाई दे रहे चार में से एक व्यक्ति की पहचान बाजी समंत के तौर पर हुई है, जो पास के गाँव सराय केला का निवासी है। वहीं पुलिस          अभियुक्तों पर कार्यवाही करने की बजाए पत्थलगड़ी के नेताओं पर शिकंजा कस रही है।

4. रिपोर्ट में मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि मीडिया ने बगैर तथ्यो को जाँचे परखे पूरे मामले की गलत रिपोर्टिंग        की है। मीडिया ने बिना सबूतों के आधार पर आदिवासियों,पत्थलगड़ी के समर्थकों और चर्च मिशनरियों को गलत संर्दभ में प्रस्तुत किया        है। 

रिपोर्ट को तैयार करने वाली टीम ने खूँटी रेप की घटना पर कई सवाल भी खड़े किए हैं। पुलिस ने बलात्कार की प्राथमिकी घटना के दो दिन बाद क्यों दर्ज की। पुलिस के पास अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त सबूत थे तो पुलिस ने रिपोर्ट अज्ञात लोगों के खिलाफ क्यों दर्ज की। पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियों में दिख रहे अभियुक्त बाजी सामंत को गिरफ्तार क्यों नहीं किया। रेप पीड़िताओं को क्यों किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा। तथा पुलिस ने घाघरा में पत्थलगढ़ी की ग्रामसभा की बैठक पर छापा क्यों मारा,  जब उन्हें पता था कि अभियुक्त, साराई-केला से संबंधित था।

क्या है पूरा मामला 

जिस कोचांग गाँव की ये घटना है वो झारखंड की राजधानी रांची से क़रीब 80 किलोमीटर दूर है। मंगलवार, 19 जून को एक ग़ैर सरकारी संस्था 'आशा किरण' की एक टीम कोचांग गाँव गई थी। ग्यारह लोगों की ये टीम मानव तस्करी के ख़िलाफ़ एक जागरूकता अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक करने इस गाँव पहुँची थी।

गाँव के बाज़ार में नुक्कड़ नाटक करने के बाद संस्था के ये लोग एक स्थानीय मिशनरी स्कूल पहुँचे। इन लड़कियों के स्कूल पहुँचते ही मोटरसाइकिल सवार कुछ लोग स्कूल पहुँचे और हथियारों के बल पर पाँच लड़कियों को अगवा कर लिया। साथ ही टीम में शामिल तीन पुरुष सदस्यों के साथ भी अपराधियों ने मारपीट की।

इसके बाद अभियुक्तों ने पास के जंगल में ले जाकर गैंग रेप को अंजाम दिया। 20 जून को इस घटना की ख़बर सामने आई। ख़बर मिलने के तुरंत बाद ही खूंटी ज़िले के उपायुक्त अपनी टीम के साथ इस मामले में जानकारियाँ जुटाने में लग गये थे। 21 जून को एक पीड़िता की तलाश करने के बाद उससे लंबी पूछताछ की गई। फ़िलहाल पीड़िता पुलिस की निगरानी में सुरक्षित हैंI उनका मेडिकल चेकअप कराया गया है। पुलिस को संदेह था कि इस घटना में पत्थलगड़ी समर्थकों का हाथ हो सकता है, क्योंकि कोचांग गाँव में पहले पत्थलगड़ी की गई थी।

पत्थलगड़ी
झारखण्ड
बलात्कार

Related Stories

शोभापुर लिंचिंग: बच्चे पिता के इंतज़ार में हैं जो अब नहीं लौट सकते

नागाड़ी लिंचिंगः एक परिवार के 3 सदस्य मार दिए गए, मुख्य संदिग्ध फरार

वैवाहिक बलात्कार और भारतीय कानून

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

पत्थलगड़ी सरकार के सर पर चढ़ी!

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

झारखण्ड: पत्थलगड़ी आन्दोलन और गैंगरेप मामला

झारखंडः क्या 'पकरी बरवाडीह कोयला भंडार' की स्थिति तुतीकोरिन जैसी होगी?

अदानी समूह का झारखंड पावर प्लांट बांग्लादेश को मदद नहीं पहुंचाएगा, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई कोयला परियोजना के दावे को मज़बूत करेगा, सिडनी एनजीओ का दावा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License